हरियाणा विधानसभा में बोले सीएम मनोहर लाल, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति !

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चण्डीगढ़, 27 फरवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति को अपनाया है और बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों का विकास सुनिश्चित किया है। वर्तमान राज्य सरकार ने जो वायदे किये थे, उन्हें पूरा किया है और प्रदेश के लोगों को सरकार की कार्य प्रणाली पर पूरा विश्वास है।

मनोहर लाल ने आज यहां हरियाणा विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अन्त्योदय की भावना से कार्य कर रही है ताकि राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों के लाभ निचले स्तर तक के लाभानुभोगियों तक पहुंचना सुनिश्चित हो सके।

  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरूद्ध कड़ा रूख अपनाया है, जिसके फलस्वरूप युवाओं को मैरिट आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। हमने पूर्व सरकारों के कार्यकाल के दौरान नौकरियों के लिए चल रही पर्ची और खर्ची की प्रणाली को समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक न तो कोई घोटाला हुआ है और न ही भविष्य में होगा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को किसी भष्टाचार की कोई शंका है तो वे भरोसे के लिए प्राथमिक विश्वसनीय सामग्री सबूत के रूप में पेश कर सकते हैं और राज्य सरकार द्वारा उनकी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई अवसरों पर कारगर पहल की है और अपनी स्वयं की सरकार में जांच करवाई है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

        पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 से 2014 के बीच 46 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। उन्होंने कहा कि इस मामले में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने सम्मानित सदन को आश्वासन दिलाया कि जांच के दौरान दोषी पाए जाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विपक्षी पार्टियों को सदन में गैर-मुददे न उठाने का परामर्श देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राज्य सरकार की आबकारी नीति के कुछ प्रावधानों पर काफी होहल्ला मचाया, जबकि तथ्य यह है कि हमने भेदभाव को समाप्त करके नीति में और सुधार किया है।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि पानीपत और करनाल चीनी मिलों की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पानीपत चीनी मिल को दूसरे स्थान पर स्थानान्तरित किया जा रहा है। दोनों मिलों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि करनाल में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का 50 एमएलडी का स्वचालित सीवरेज उपचार संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसकी एएमसी पांच वर्ष की है। इसी प्रकार, हिसार में 40 एमएलडी का एक मैन्युअल सीवरेज उपचार संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।

        उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गये कदमों के फलस्वरूप राज्य में खनन गतिविधियों से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2014-15 तक राज्य ने औसतन 140 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का राजस्व प्राप्त किया। इसके विपरीत वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य ने हर वर्ष औसतन 520 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में अवैध खनन को पूरी तरह से रोकने के प्रयास किए जाएंगे।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी चीनी मिलों में गन्ने के शीरे का मूल्य अलग-अलग है। चार वर्षों में पहली बार वर्ष 2018-19 में गन्ने के शीरे का मूल्य कम होकर 200 रुपये हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में गन्ने के शीरे का मूल्य न्यूनतम 510 रुपये और अधिकतम 673 रुपये, वर्ष 2015-16 में न्यूनतम 315 रुपये और अधिकतम 440 रुपये तथा वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में औसतन 575 रुपये रहा। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वे पड़ौसी राज्य पंजाब एवं उत्तर प्रदेश की सभी मिलों में गन्ने के शीरे के मूल्य की जांच करवा सकते हैं और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो जांच करवाई जाएगी।

        उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य की मंडियों में पहले हरियाणा के किसानों के धान की खरीद हो और बाद में पड़ौसी राज्य के किसानों के धान की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक होने पर किसान के धान की खरीद नहीं की जाती थी, लेकिन राज्य में वर्तमान सरकार के गठन के बाद हमने 2015 में एक नई प्रणाली क्रियान्वित की, जिसके अनुसार नमी की मात्रा 17 प्रतिशत तक होने पर राशि में कटौती नहीं की जाएगी, लेकिन यदि नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक (अधिकतम 22 प्रतिशत तक) होगी तो नमी की बढ़ी मात्रा के अनुपात में राशि की कटौती की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह भी विचार कर रही है कि जिन चावल मिलों का रिकार्ड सन्तोषजनक नहीं है, उनके धान को लीकेज को रोकने के लिए संयुक्त कस्टडी में रखा जाएगा।

        मेरी फसल-मेरा ब्यौरा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में यह राज्य सरकार की एक अनूठी पहल है। उन्होंने कहा कि राज्य के आठ लाख किसानों ने इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करवाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कम्पनियों को और अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा और एक कम्पनी का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। उन्होंने कहा कि पांच एकड़ से कम भूमि जोत और 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले किसानों को बीपीएल माना जाएगा और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 6000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना के तहत लाभानुभोगियों की बीमा योजनाओं की किस्त को सरकार द्वारा 6000 रुपये में से भरा जाएगा और शेष राशि लाभानुभोगी के खाते में डाली जाएगी।

        उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एन्हांसमैंट बकायों के निपटान के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में  प्लाटधारकों को 40 प्रतिशत की छूट प्रदान की है। उन्होंने कहा कि 57000 प्लाटधारकों में से 24123 लोगों को 568.55 करोड़ रुपये की छूट मिली है। उन्होंने कहा कि इस योजना से बाहर रह गये लोगों के लिए राज्य सरकार ने 37.5 प्रतिशत की छूट देते हुए एक अन्य योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 4027 प्लाटधारक लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि शेष 28436 प्लाटधारकों के लिए राज्य सरकार ने तीन जजों की एक कमेटी गठित की, जिसने अपनी रिपोर्ट प्रेषित की, जिसके अनुसार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के हर सैक्टर में एन्हांसमैंट की पुन: गणना करने का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य 20 मार्च, 2020 तक पूरा हो जाएगा।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कैथल के गांव मुंदड़ी में महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 20 एकड़ भूमि खरीदी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में वन क्षेत्र कम नहीं हुआ है और 3.50 प्रतिशत ही है। बहरहाल, राज्य में वृक्षाच्छादित क्षेत्र धीरे-धीरे बढ़ रहा है और अब 7.13 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत राज्य के 4500 गांवों को 24 घण्टे बिजली आपूर्ति मिल रही है। इसके अतिरिक्त, पहली बार बिजली निगम लाभ में चल रहे हैं।

        उन्होंने कहा कि राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बेहतर है। महिला पुलिस थानों की स्थापना के फलस्वरूप महिलाओं के विरूद्ध अपराध के मामलों का पंजीकरण बढ़ रहा है, क्योंकि वे बिना किसी हिचक के महिला पुलिस थानों में आकर अपनी शिकायतें दर्ज करवा रही हैं। इसके अतिरिक्त, महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति एप शुरू किया गया है और महिला पुलिसकर्मियों की संख्या की बढ़ाई है।

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