आज़ादी के 75 सालों के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय बनाया : अमित शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज नई दिल्ली में आयोजित ‘राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सहकारिता से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने देश के पहले सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का स्वागत किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा, इंटरनैशनल कोआपरेटिव एलांयस (ग्लोबल) के अध्यक्ष डॉ. एरियल ग्वार्को, सहकारिता मंत्रालय व कृषि तथा किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव और भारत की अग्रणी सहकारी संस्थाओं- इफ़्को, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ, अमूल, सहकार भारती, नैफेड और कृभको समेत समस्त सहकारी परिवार के अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

Read more

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएनओ से पकिस्तान व चीन को सख्त लहजे में ललकारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संयुक्त राष्ट्र संघ के 76वें महा अधिवेशन को संबोधित करते हुए एक तरफ  विश्व समुदाय को प्रजातंत्र पर चलने कि सीख दी तो दूसरी तरफ आतंकवाद और विस्अतारवाद को बढ़ावा एने वाले पकिस्तान व चीन को नाम लिए बिना ही  सख्त लहजे में ललकाड़ा.  उन्होंने कहा कि आतंकवाद को अपने राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वाले देश को यह समझना होगा कि यह उनके लिए भी बड़ा खतरा बनेगा.  अफगानिस्तान की नाजुक स्थितियों का कोई देश अपने स्वार्थ के लिए एक टूल की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश ना करें. उन्होंने समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए विश्व को एक भाषा में बोलने का आह्वान किया. आज विश्व के सामने प्रतिगामी सोच और अतिवाद को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है. देश के जिम्मेदार देशों को इसका इलाज सुनिश्चित करना ही होगा अन्यथा आने वाली पीढ़ी उनसे सवाल करेगी कि जब निर्णय लेने का समय था तब वे क्या कर रहे थे. बेहद सख्त लेकिन सधे हुए अंदाज में प्रधानमंत्री ने विश्व मंच पर भारत की लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई देते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़ा किया और अंतर्राष्ट्रीय संस्था को प्रसांगिक बनाये रखने के लिए सक्रिय भूमिका अदा करने की नसीहत भी दी.   

Read more

क्वाड सदस्य देशों ने अमेरिका में हुई बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर क्या निर्णय लिया ?  

  क्वाड समूह के सदस्य देशों ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के नेताओं ने शुक्रवार को वाशिंगटन में हुई  पहली बार व्यक्तिगत रूप से बैठक की। सभी देशों के प्रमुखों की ओर से जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी साझेदारी के लिए और एक ऐसे क्षेत्र के लिए फिर से प्रतिबद्ध हैं जो हमारी नींव है। वक्तव्य में कहा है कि साझा सुरक्षा और समृद्धि, एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र , जो समावेशी और लचीला भी है हमसब के लिए आवश्यक है । सभी नेताओं ने कहा कि हमारी पिछली बैठक को सिर्फ छह महीने बीते हैं। मार्च के बाद से, COVID-19 महामारी की वैश्विक समस्या जारी है.  जलवायु संकट गहरा गया है और क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा और अधिक जटिल हो गया है जो हम सभी देशों की व्यक्तिगत रूप से सामूहिक परीक्षा ले रहा है । सभी नेताओं ने आपसी सहयोग को अडिग बताया और स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को साकार करने की प्रतिबद्धता दोहराई ।

Read more

प्रधानमन्त्री मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन के बीच किन मुद्दों पर सहमति बनी ?

अमेरिकी राष्ट्रपति जोसेफ आर. बाइडेन ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके पहले व्यक्तिगत मुलाक़ात में स्वागत किया. राष्ट्रपति बाइडेन ने उनके आपसी घनिष्ठ संबंधों को नवीनीकृत करने और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए एक नया मार्ग तैयार करने की सरहाना की ।

Read more
You cannot copy content of this page