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: राजस्थान के डाक्टरों के हडताल पर चले जाने के कारण नहीं हुआ पोस्टमार्टम
: मेव पंचातय अलवर और प्रमुख लोगों ने एनकांउटर पर उठाए सवाल
यूनुस अलवी

समाजसेवी रमजान चौधरी, महताब अहमद और कासिम मेवाती ने बताया कि तालीम एनकाउंटर में मामले में शुक्रवार को भी पोस्टमार्टम नही हो सका, क्योंकि राजस्थान के सभी चिकित्सक हड़ताल पर थे। उन्होने बताया कि पांच सदस्य प्रतिनिधि मंडल पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर अलवर से मिला। उनहोने अपनी तरफ से पोस्टमार्टम कराने का प्रयास भी किया लेकिन डाक्टरों ने पोर्टमार्टम करने से मना कर दिया। पोस्टर्माटम ना होने की वजह से मृतक के परिजन और प्रमुख लोग वापिस मेवात आ गऐ।
मेव पंचातय और प्रमुख लोगों ने इनकांउटर पर उठाए सवाल
मेव पंचायत अलवर के सदर शेर मोहम्मद और ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम मुहाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमजान चौधरी का कहना है कि पुलिस द्वारा मुटभेड में मारे तालीम की मौत संदिग्ध है क्योंकि तालीम के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान की मेवात के किसी भी थाने में एक भी गोतस्करी का मुकदमा दर्ज नहीं हैं। आखिर पुलिस किस आधार पर तालीम को गोतस्कर बता रही है। उनहोने पुलिस पर सवाल उठाते हुऐ कहा कि जब आरोपियों को पकडने के लिए पुलिस ने तीन-तीन जगह नाकेबंदी की हुई थी पुलिस की फाईरिंग में केवल तालीम मारा जाता है। तालीम के साथ बताऐ जा रहे है चार-पांच आदमी और कौन हैं। उनको पुलिस ने पकडा क्यों नहीं आखिर पूरे जिले की फोड के आगे जहां मुटभेड हो रही हो तो आरोपी कैसे भाग सकते हैं। उन्होने कहा जब देश के प्रधानमंत्री इंद्रागांधी के हत्यारों को जिंदा पकडा जा सकता है तो फिर बकौल पुलिस के गाए चुराने वालों को इनकांउटर में कैसे मारा गया जबकी पुलिस के किसी भी जवान को खंराच तक नहीं आई है। उन्होने इस मामले की एक महिने के अंदर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मेव पंचायत के प्रवक्ता कासिम मेवाती का कहना है कि तालीम की मौत कई सवाल छोडकर गई है। पहले तालीम का पोस्टमार्टम हो जाऐ उसके बाद ही वे अपनी रणनीति का खुलासा करेगें। उन्होने कहा कि उनकी रणनीति के तीन मुद्दे हैं जिनको खुलासा बाद में किया जाऐगा।