कांग्रेस पार्टी ने विदेश नीति के मामले में मिस्टर क्लीन चिट किसको कहा ?

11 / 100
Font Size

नई दिल्ली : कांग्रेस पार्टी ने आज नरेंद्र मोदी सरकार पर ढुलमुल विदेश नीति ख़ास कर चीन के मामले में मिल रही कथित शिकस्त को लेकर हमला बोला. पार्टी के प्रवक्ता पवन खेरा ने कई सवाल खड़े करते हुए सीधे प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी पर ही कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि मिस्टर क्लीन चिट ने 19 जून 2020 को चीन को एक क्लीन चिट दी थी ये वक्तव्य कहकर कि “न कोई घुसा था , न कोई घुसा है., न कोई आया हुआ है …..”। ये इतना गैर जिम्मेदाराना बयान था कि जितनी बार इसको दोहराया जाए, उतना कम है.

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि कूटनीति तेज-तेज नारे लगाने से नहीं होती, कूटनीति ऊँची ऊँची आवाज़ में भाषण देने से नहीं होती, कूटनीति चुपचाप होती है.

उन्होंने यह कहते हुए सवाल किया कि ये क्यों संभव हो रहा है कि लद्दाख, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में चीन बार बार आकर अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत कर देता है?

पवन खेरा ने यह कहा कि आज हम क्यों इस विषय को फिर से दोहरा रहे हैं, उसका कारण क्या है? डेपसांग और हॉट स्प्रिंग्स को लेकर जो तेरहवां दौर कोर कमांडर की वार्ता का हुआ वो विफल हो गया; चीन डेपसांग और हॉट स्प्रिंग्स से अब पीछे हटने को मना कर रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य के माध्यम से क्लीन चिट  दी उसकी वजह से जो (गलवान, गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स) हमारे करारनामे और समझौते हुए हैं वह भी गैर बराबरी के समझौते हुए हैं; क्यों हुए है? उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विश्व को समझ आ गया है कि भारत में एक ऐसा प्रधानमंत्री है जिसको भारत की भौगोलिक संप्रभुता से अधिक, भारत की सीमाओं से अधिक अपनी कृत्रिम छवि की चिंता ज्यादा है.

उन्होंने बल देते हुए कहा कि ये कोई छोटी बात नहीं है, यह बहुत ज्यादा खतरनाक विश्लेषण है जो विश्व के द्वारा किया गया है और जिम्मेदार कोई और हो ही नहीं सकता है, वही व्यक्ति हो सकता है जिसने यह टिप्पणी की थी.

उन्होंने आगाह किया कि प्रधानमंत्री और मंत्रियों को बहुत ही नपे तुले शब्दों में बोलना चाहिए, विशेषकर तब जब वो विदेश नीति की कोई बात कर रहे हों .

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि एक वीर देश, एक वीर सेना और एक कमजोर प्रधानमंत्री; ये कॉम्बिनेशन कैसा सुनाई देता है? सेना के पराक्रम पर न 1967 में किसी को संशय हुआ, ना 1971 में और न ही कारगिल के दौरान किसी को संशय हुआ; सेना के पराक्रम पर किसी को संशय हो ही नहीं सकता है .

उन्होंने कहा कि लद्दाख हो, सिक्किम हो, अरुणाचल हो या उत्तराखंड, बार-बार चीन ये हिमाकत करता है, क्योंकि उसे मालूम है कि “मिस्टर क्लीन चिट” उसे विश्व में क्लीन चिट दे देंगे.

कांग्रेस नेता ने जोर देते हुए सवाल किया कि हम सरकार से यह जानना चाहते हैं कि देश के प्रधानमंत्री ने 19 जून 2020 को देश के सामने, विश्व के सामने एक झूठ क्यों परोसा? पीएलए के 100 सैनिक उत्तराखंड के 5 किलोमीटर भीतर घुसकर बारहोती में कैसे आए और पुल तोड़कर वापस गए; ये सम्भव कैसे हुआ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page