दलितों व किसानों के ह्यूमन राइट्स का चैंपियन बनने वाले राहुल और प्रियंका राजस्थान क्यों नहीं जाते ?

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नई दिल्ली :  भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में हुई घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया. पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के प्रवक्ता डॉ संवित पात्रा ने कहा कि “ भाजपा ने बार बार कहा है और आज फिर मैं कह रहा हूं कि यूपी के लखीमपुर खीरी में जो हुआ है वो पूर्णतः दुःखद है और उस पूरे विषय की निष्पक्ष जांच चल रही है। किंतु दुःखद है कि जिस प्रकार की राजनीति कुछ राजनीतिक दल कर रहे हैं और वोट की खेती करने की कोशिश कर रहे हैं।“

भाजपा प्रवक्ता ने आज प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य कि और इशारा करते हुए कहा कि कुछ देर पहले हमने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 28वें स्थापना दिवस पर सुना है। प्रधानमंत्री ने बड़ी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ पूरे विषय को रखा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि – “मानवाधिकार का बहुत ज्यादा हनन तब होता है जब उसे राजनीतिक रंग से देखा जाता है. राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, राजनीतिक नफा-नुकसान के तराजू से तौला जाता है। इस तरह का सलेक्टिव व्यवहार, लोकतंत्र के लिए भी उतना ही नुकसानदायक होता है।“

डॉ पात्रा ने कहा कि आप देख रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में किस प्रकार की राजनीति करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह कहते हुए आरोप लगाया कि खासतौर से गांधी परिवार, प्रियंका और राहुल गांधी अपने आप को Champions off Dalit right के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि राजस्थान के प्रेमपुरा गांव में कुछ दिन पहले एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उसके बाद उसके मृत शरीर को उसके घर के सामने फेंक दिया गया. साथ ही उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में ये संदेश देने के लिए अपलोड किया जाता है कि राजस्थान में दलित सिर उठाकर नहीं जी सकता. लेकिन राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, अखिलेश यादव या बंगाल का कोई नेता वहां नहीं गए।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस को वहां के दलितों पर हो रहे अत्याचार से नुकसान होगा, इसलिए वो उस पर चुप्पी साधे हैं। लेकिन दूसरे राज्यों में जाकर ये लड़ाई कर रहे हैं, ये कांग्रेस का चरित्र है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान का प्रशासन वहां दलितों के साथ हो रही घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं करता. भाजपा प्रवक्ता ने यह कहते हुए सवाल किया कि क्या राजस्थान के दलित का कोई मानवाधिकार नहीं है ? राजस्थान में किसान, महिलाएं, दलित प्रदर्शन नहीं कर सकते, और आप पूरे देश में जा-जाकर दलितों, किसानों, महिलाओं के ह्यूमन राइट्स के चैंपियन बनते हैं। ये कितनी गलत बात है, ये चयनात्मक राजनीति है।

उन्होंने कहा कि आज मोदी जी ने कहा कि इस प्रकार की चयनात्मक राजनीति से मानव अधिकार को ठेस पहुंच रही है।राजस्थान के हनुमानगढ़ के किसानों पर वहां के प्रशासन ने लाठी-डंडे बरसाए, इसका कारण सिर्फ इतना था कि वहां के बेचारे किसान अपने अधिकार के लिए, अपने अन्न की खरीदी के लिए कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर रहे थे । क्यूं राहुल गांधी जी प्रदर्शन करना मना है क्या?

पत्रकार वार्ता में मौजूद भाजपा के महासचिव दुष्यंत गौतम ने कहा कि  जिस प्रकार से राजस्थान, झारखंड और अन्य राज्यों में घटनाएं हो रही हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक दल इनका राजनीतिकरण कर रहे हैं । उन्होंने आरोप लगाया कि मरने वाली की जाति देखकर, मारने वाले का धर्म देखकर या राज्य में किसकी सरकार है, ये देखकर राजनीति की जा रही है।

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