ऊर्जा समिति ने स्वच्छ व प्रदूषण रहित, धुआं व धमाका मुक्त दीवाली मनाने की लोगों से अपील

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गुरुग्राम, 29 अक्टूबर। ऊर्जा समिति ने आगामी दीवाली के पावन त्यौहार की सभी को बधाई देते हुए परम्परा एवं पर्यावरण में संतुलन बनाते हुए स्वच्छ व प्रदूषण रहित दीवाली मनाने एवं बिजली बचाने की अपील की है। विश्व भर में फैली कोरोना महामारी में लोग पर्यावरण संतुलन के लिए बमों व पटाखों से मुक्त, धुआं व धमाका मुक्त दीवाली मनायें। बिजली की बचत के लिए अपने घरों पर लगने वाली लाईटों का कम से कम प्रयोग करें।

ऊर्जा समिति के महासचिव संजय कुमार चुघ ने बताया कि बमों व पटाखों से त्यौहार मनाना कोई अनिवार्य नहीं हैं, अपनी खुशी का इजहार तो मिठाई, उपहारों, रंगोली व मिट्टी के दीयों के साथ, दूसरों में खुशियां व प्यार बांटकर कर सकते हैं। त्यौहार का सही आनंद तो परम्परा और पर्यावरण में संतुलन रखते हुए स्वच्छ व प्रदूषण रहित वातावरण में ही आएगा। पर्यावरण संतुलन के मध्यनज़र हमें मिलजुलकर ही हर जीव के स्वास्थ्य हित में कार्य करना है। कोरोना में तो यह ओर भी जरुरी हो गया है।

उन्होंने बताया कि लोग अपने घरों को दीयों से सजाएं और 100, 200 व 500 वाट के बल्बों व फोकस लाइटों के स्थान पर 3, 6, 9, 12, व 18 वाट की एलईडी व स्लिम लाइटों का इस्तेमाल करें। इससे बिजली की खपत कम होगी और पर्यावरण संतुलित होगा। ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा का उत्पादन है इसीलिए बचत को साधन बना कर ऊर्जा की मांग व आपूर्ति में समन्वय स्थापित किया जा सकता है।

दीवाली जैसे त्यौहारों के अवसर पर बिजली की बढती मांग के मध्यनज़र बचत करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। बडी-बडी व ज्यादा वाट की लाइटों का इस्तेमाल न करें, बिजली को नियंत्रित करके एवं समझदारी से इस्तेमाल करके हम अपने खर्च के साथ-साथ देशहित में ऊर्जा बचत कर सकते हैं।

ऊर्जा समिति के महासचिव ने सतर्क किया कि धुऐं से दमा, ब्रोंकाईटिस, चरमरोग और दिल का दौरा पडने जैसी अन्य अनेक बीमारियां पैदा होती है। पटाखे छोडने से प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक बढ जाता है जोकि बहुत हानिकारक है। इससे आप और हम सब मिलकर ही छुटकारा पा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि लोग अपने पैसों को व्यर्थ न करके शांति और सौहार्द भरे माहौल में दीवाली मनाएं। अपनी ऊर्जा को बचाकर प्रदूषण मुक्त वातावरण रखने में सहयोग दें। हम वातावरण को सुंदर बनाकर इस दीवाली की खुशियां औरों में भी बांट सकते हैं। स्वयं धुआं और धमाका मुक्त त्यौहार मनाने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी इसकी प्रेरणा दें। उन्होंने सभी से आगामी 14 नवंबर दीवाली तक इस सम्बंध में लोगों को जागरूक करते रहने तथा इस धारणा को जीवन में अपनाने का आहवान किया। इस कोरोना महामारी के माहौल में लोगों को अपने दायित्वों के प्रति आगाह व जागृत होने एवं धुआं और धमाका मुक्त दीवाली मनाने की अपील की।

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