जीएमडीए के लिए 1443 करोड़ के बजट प्रस्ताव को मिली मंजूरी

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गुरूग्राम, 6 मार्च। गुरूग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की तीसरी बैठक आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 1443 करोड़ रूपए के बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें से लगभग 508 करोड़ रूपए वर्तमान में जीएमडीए द्वारा करवाए जा रहे कार्यो पर खर्च होंगे।

आज की बैठक में चालू वित्त वर्ष के संशोधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई और जीएमडीए के पिछले डेढ साल के कार्यों की समीक्षा भी की गई। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी उमा शंकर ने जीएमडीए का वर्ष 2019-20 के बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि 1443 करोड़ रूपए के बजट प्रस्तावों में से लगभग 508 करोड़ रूपए की राशि वर्तमान में चल रहे सुधारीकरण परियोजनाओं पर खर्च होगी। इन परियोजनाओं में लैफिटनेंट अतुल कटारिया चैक, उमंग भारद्वाज चैक से एनपीआर
तक की सड़क को 6 लेन की बनाना, महावीर चैक तथा हुडा सिटी सैंटर मैट्रो स्टेशन के चारों तरफ के सुधारीकरण के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए बताया क गुरूग्राम में चल रहे स्मार्ट सिटी प्रोजैक्टों के लिए भी 90 करोड़ रूप्ए की राशि का प्रावधान किया गया है जिसमें इन्टीग्रेटिड कमांड एण्ड कंट्रोल सैंटर की स्थापना, टैªफिक मैनेजमेंट सिस्टम के साथ सिटी वाईड पब्लिक
सेफटी सीसीटीवी सिस्टम को चालू करना तथा सैंट्रलाईज्ड इंटीग्रेटिड वाॅटर मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के अंतर्गत बस क्यू शैल्टरों तथा सरकारी कार्यालयों में पब्लिक के लिए एक
घंटे फ्री वाई फाई की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी इनीशिएटिवज में गुरूग्राम ना केवल हरियाणा में पहले नंबर पर है बल्कि शायद उत्तर भारत में भी पहले स्थान पर है। श्री उमाशंकर ने
बताया कि इन इनीशिएटिवज के तहत गुरूग्राम में लगभग 600 किलोमीटर लंबी आॅप्टिकल फाईबर बिछाई जाएगी जिसमें से अब तक 105 किलोमीटर लंबी आॅप्टिकल
फाईबर केबल बिछाई जा चुकी है तथा 250 किलोमीटर से ज्यादा डक्ट बिछाई गई
हैं।

यह कार्य 3 ऐजेंसियंा कर रही हैं और जून 2019 तक इसके पूरा होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सिटी वाईड सीसीटीवी बेस्ड पब्लिक सेफटी तथ
अडेप्टिव टैªफिक मैनेजमेंट सिस्टम के प्रथम चरण के टैंडर हो चुके हैं। इस प्रणाली से पुलिस के थानों के अलावा स्ट्रीट लाईट, कचरा प्रबंधन सहित शहर
की 16 सेवाएं जुड़ेंगी। श्री उमाशंकर ने बताया कि माॅल तथा अन्य प्राईवेट जगहों पर भी लगे लगभग 60 हजार कैमरे इस प्रणाली से जुडे़गे।
बजट प्रस्तावों में बताया गया कि 59 करोड़ रूप्ए की राशि मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर डिवलपमेंट पर खर्च होगी। इसमें गुरूग्राम महानगर सिटी बस लिमिटिड के लिए सैक्टर- 10 में बस अड्डे का निर्माण, फुट ओवर ब्रिज,
चैराहों का सुधारीकरण तथा अन्य कार्य शामिल हैं। इसके अलावा, सीएसआर के तहत जुटाई जाने वाली 23 करोड़ रूपए की राशि ग्रीन बैल्ट और पार्कों के
विकास के अलावा वजीराबाद में जलाशय विकसित करने पर खर्च होगी। यही नहीं लगभग 59 करोड़ रूप्ए की राशि सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर जिसमें खेड़की माजरा
सैक्टर-102 में मैडिकल अस्पताल का निर्माण, सैक्टर 67 में मल्टी स्पेशिलिटी अस्पताल तथा ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कम्पलैक्स में सिन्थैटिक टैक बिछाने जैसे चल रहे कार्यों के लिए प्रावधान किया गया है।
लगभग 535 करोड़ रूप्ए की राशि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए निर्धारित की गई है जोकि इडीसी के प्राप्त होगी। इसमें सड़कों का विकास, पेयजल
आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, स्टोर्म वाॅटर डेªनेज, पर्यावरण संरक्षण तथावाॅटर री-साईकलिंग के कार्य शामिल हैं। ईडीसी से प्राप्त होने वाली लगभग 43 करोड़ रूप्ए की राशि सैक्टर-72 व 72ए की मास्टर डिवाईडिंग रोड़ बनाने
के अलावा, सैक्टर 58 से 115 के नए सैक्टरों में सड़के बनाने पर खर्च होगी। श्री उमाशंकर ने बताया कि लगभग 86.95 करोड़ रूप्ए की राशि सड़कों के
आॅपे्रशन तथा मैन्टेनैन्श के लिए निर्धारित की गई है। पेयजल आपूर्ति,सीवरेज, डेªनेज तथा वाॅटर री-साईकलिंग के लिए 208 करोड़ रूपए की राशि
निर्धारित की गई है। वर्ष 2019-20 में 44.77 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान अस्टाब्लिसमेंट,
वेतन, वेजिज, मैन पाॅवर, आईटी तथा कम्युनिकेशन व जीआईएस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगी। ईडीसी से मिलने वाले लगभग 534.90 करोड़ रूप्ए में से 120
करोड़ रूपए की राशि पानी और सीवरेज के चार्जिज से प्राप्त होगी।

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