मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में कौशल विकास की है जरूरत

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तीन दिवसीय ‘‘वर्चुअल मंथन द इम्पेकेबल अकादमिया 2020 कार्यक्रम संपन्न

गुरुग्राम। मीडिया एंड एंटरटेनमेंट सेक्टर स्किल काउंसिल (एमईएससी) द्वारा तीन दिवसीय वर्चुअल मंथन द इम्पेकेबल अकादमिया 2020 का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में शिक्षा जगत के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन एमईएससी के सीईओ मोहित सोनी ने किया। मुख्य वक्ता के तौर पर फिल्म निर्माता और शिक्षाविद् सुभाष घई ने मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में अप्रेंटिसशिप को जोड़ने और एकीकृत कौशल आधारित प्रोग्राम पर बल दिया। उन्होंने अकादमिक विकास के साथ विद्यार्थी के मानसिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि मनोरंजन का क्षेत्र केवल नाच, गाना और अभिनय तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे अधिक है। उन क्षेत्रों में कौशल विकास की जरूरत है और एमईएससी अधिक फोकस कर रहा है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार वीएल.एसएस सुब्बा राव ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन का क्षेत्र न केवल रोजगारोन्मुखी है, बल्कि उद्यमशीलता-उन्मुख भी है। इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। विश्लिंग वुड्स इंटरनेशनल के वाइस प्रेसिडेंट चैतन्य चिंचलिकर ने मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में शिक्षा के महत्व, चुनौतियां और अवसर के बारे में बताया।

राजीव गांधी विश्वविद्यालय इटानगर (अरुणाचल प्रदेश) के कुलपति प्रो साकेत कुशवाहा ने मीडिया में अप्रेंटिसशिप पर जोर दिया। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आर आर तिवारी ने मीडिया इंडस्ट्री और अकादमिया के बीच की दूरी को खत्म करने की बात कही। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर के कुलपति प्रो. मेराजुद्दीन मीर ने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) भारतीय शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा देगा और युवाओं को रोजगारन्मुखी बनाने में सहायक होगा।

पांडिचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गुरमीत सिंह ने एनईपी 2020 के बिंदुओं पर प्रकाश डाला और कहा कि एनईपी पहली भारत केंद्रित नीति है जिसकी आवश्यकता थी, क्योंकि यह बहुत कम उम्र से मातृभाषा में सीखने पर जोर देती है। हिमाचल प्रदेश के केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि कौशल शिक्षा का एक अभिन्न अंग है और एनईपी 2020 में नवाचार के लिए बहुत बड़ा स्थान है। गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन के संस्थापक सदस्य डॉ. दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन जगत ने राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को समृद्ध करने में योगदान दिया है। कार्यक्रम के समापन पर सीईओ मोहित सोनी ने सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया

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