केंद्र सरकार बनाए रोजगार के अधिकार का कानून : शील मधुर

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-पूर्व डीजीपी ने कहा, सभी को रोजगार मुहैया करवाना केंद्र व राज्य सरकारों की कानूनी जिम्मेदारी बने

– संविधान में अनुच्छेद 21बी जोड़ने का दिया सुझाव, कहा इससे होगी बेरोजगारी दूर

गुरूग्राम। हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक शील मधुर ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि वह देश में सभी नागरिकों को संवैधानिक रूप से रोजगार का अधिकार प्रदान करने के लिए कानून बनाये और राष्ट्रीय रोजगार आयोग का गठन करे। इससे प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध कराना केंद्र व राज्य सरकारों की कानूनी जिम्मेदारी होगी। परिणामतः सभी लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

शील मधुर गुरुवार को गुरूग्राम स्थित शमां पर्यटक स्थल में एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया कि वह 11 दिसंबर से शुरू होने जा रहे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में हर एक को रोजगार का अधिकार देने के लिए बिल लाए और उस पर चर्चा करके उचित कानून बनाए तथा राष्ट्रीय रोजगार नीति बनाने की दिशा में काम करे। उन्होंने कहा कि संविधान में अनुच्छेद 21 में सभी नागरिकों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिया गया है और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए रोजगार जरूरी है। इसके लिए

अनुच्छेद 21 में सभी नागरिकों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिया गया है

उन्होंने सुझाव दिया कि संविधान में अनुच्छेद 21बी जोड़ कर रोजगार का अधिकार दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वे इस बारे में जाने-माने विधि विशेषज्ञों से परामर्श करके प्रस्तावित रोजगार का अधिकार कानून का मसौदा तैयार करंेगे और इसके पश्चात् वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिख कर इसके माध्यम से रोजगार का अधिकार कानून बनवाने का आग्रह करंेगे।

देश में 90 करोड़ लोग काम करने योग्य हैं

उन्होंने सभी राजनैतिक दलों से अपील की कि वे देश के हर एक नागरिक को काम करने का अवसर प्रदान कराने वाला कानून बनाने के लिए अपना समर्थन और सहयोग दें।

पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा कि भारत की जनसंख्या इस समय करीब 135 करोड़ है, जिसमें 65 प्रतिशत से ज्यादा युवा हैं, जिनकी औसत आयु 35 वर्ष है। उन्होंने बताया कि इस समय देश में 90 करोड़ लोग काम करने योग्य हैं, जो एक बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि इस समय भारत जनसंख्या के मामले में विश्व में दूसरे स्थान पर है और वर्ष 2030 तक विश्व में पहले स्थान पर होगा। उन्हांेने कहा कि जरूरत इस बात की है कि देश के इस जनसंख्या बल को भी हमें अपनी शक्ति बनाना है। उन्होंने कहा कि देश के सभी युवा मेहनत, ईमानदारी और लगन से काम करने के लिए तत्पर हैं और यदि उन्हें रोजगार के समुचित अवसर मिलते हैं तो पूरे देश में हर क्षेत्र में बहुत तेजी से विकास होगा और हम सशक्त भारत, समृद्ध भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि सन् 2022 में भारत आजादी के 75 वर्ष पूरे कर रहा है और हमारा लक्ष्य है कि तब तक देश को आर्थिक आजादी भी मिले।

मधुर ने कहा कि देश भर में पुलिस जवानों की कमी को पूरा करके लोगों को पूर्ण रूप से सुरक्षित वातावरण दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस समय देश भर में 720 नागरिकों पर एक पुलिस जवान की तैनाती है जबकि विकसित देशों में यह अनुपात 200 से 400 नागरिकों के बीच का है। उन्होनें कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारें अपने प्रदेश में पुलिस की कमी को पूरी करती है तो एक जवान को 8 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं देनी होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हरियाणा में इस समय पुलिस जवानों के 52 हजार पद स्वीकृत हैं, जिनमें से लगभग 17 हजार पद रिक्त पडे़ हुए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पुलिस जवानों के स्वीकृत पदों की समीक्षा करके लगभग एक लाख नए पद सृजित किए जा सकते हैं। इससे हरियाणा पुलिस में महिला कांस्टेबलों की भी भर्ती और अधिक हो सकेगी और प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण होगा।

कर्मचारियों के वेतनमानों में भी बढोतरी की जानी चाहिए

मधुर ने बताया कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने एक वेबसाइट हाल ही में शुरू की है, जिसमें नौकरी चाहने वाले युवा लिंक पर जाकर अपना बायोडाटा ईमेल कर सकते हैं, जिसे वे प्राईवेट कम्पनियों के साथ तालमेल करके रोजगार दिलवाने का प्रयास करते हैं। उम्मीदवारों की उपयुक्तता के दृष्टिगत ये कम्पनियां उन्हें नियुक्त करती हैं। उन्होंने बताया कि ये सेवा पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी पक्ष से कोई फीस नहीं ली जाती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि उन्हें अब तक दो हजार युवाओं के बायोडाटा प्राप्त हुए हैं, जिनमंे से करीब 100 युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा चुके हैं। उन्हांेने कहा कि रोजगार के अवसरों में बढोतरी के लिए हमें निजी क्षेत्र को भी सहयोग देना जरूरी है।

एक सवाल के जवाब में मधुर ने कहा कि आउटसोर्सिंग के तहत अनुबंध के आधार पर नियुक्त किए गए कर्मचारियों के वेतनमानों में भी बढोतरी की जानी चाहिए क्योंकि कम वेतनमान से उनमें असुरक्षा की भावना पैदा होती है।

श्री मधुर ने बताया कि बेरोजगारी मुक्त भारत अभियान को जन-जन से जोड़ने के लिए एक टोल फ्री मोबाईल नंबर 7665112349 भी शुरू किया गया है, जिस पर मिस्ड काॅल देकर इच्छुक लोग इस अभियान के प्रति अपना समर्थन दर्ज करा सकते हैं।

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