मदरसों के भरोसे उर्दू नहीं हो सकती पार, करना पड़ेगा भरसक प्रयास : जेबीटी उर्दू के 471 पद रिक्त

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नगीना के बडकली चौक पर बैठक

यूनुस अलवी

मदरसों के भरोसे उर्दू नहीं हो सकती पार, करना पड़ेगा भरसक प्रयास : जेबीटी उर्दू के 471 पद रिक्त 2मेवात : मदरसों के भरोसे उर्दू भाषा को जन-जन पहुंचाना कठिन है इसलिए प्राईवेट स्कूलों व सरकारी स्कूलों को भी प्रयास करने होंगे। इसके लिए आवाम को आगे आने की आवश्यकता है। नगीना के बडक़ली चौक पर आयोजित बैठक में ये विचार वाईएमडी कॉलेज के प्रोफेसर नसीरूद्दीन अजहर ने रखे। इस दौरान समाजसेवी रमजान चौधरी, शिक्षाविद्ध फजरूदीन बेसर, डॉ. असफाक आलम, मोहम्मदी बैगम, सलामुद्दीन एडवोकेट, हाजी अल्ताफ, हाजी हारून हवननगर ने भी विचार रखे।
जाने-माने उर्दू प्रोफेसर नसीरूद्दीन अजहर ने कहा कि मेवात क्षेत्र में उर्दू की बदहाली चिंता का विषय है इसलिए मदरसों, स्कूलों, मस्जिद की
पाठशाला (मकतब) को मजबूत करना होगा। आयोजक साहून मोहम्मद व मौलाना साबिर कासमी ने कहा कि उर्दू  भाषा के उत्थान के लिए हरियाणा उर्दू एकेडमी को भी अभियान चलाने चाहिए तथा एकेडमी के डायरेक्टर की नियुक्ति भी हरियाणा सरकार को जल्द करनी चाहिए
 
जितने पद जेबीटी, लैक्चरार के खाली पडे है उन्हें भरने की प्रक्रिया भी सरकार शुरू करे। क्योंकि जो 544 उर्दू जेबीटी की भर्ती निकाली थी उसमें से 471 पद खाली पडे है। उर्दू शिक्षक बनवारी लाल फरीदाबाद व मौलाना नासिर हुसैन उटावडी ने कहा कि  जो 73 शिक्षक उर्दू जेबीटी लगाए थे उनसे शिक्षा विभाग उर्दू की बजाए हिन्दी पढ़वा रही है जोकि गलत है। समाजसेवी मोहम्मदी बेगम ने कहा कि इस वक्त बेटियों को उर्दू जेबीटी कराने की आवश्यकता है ताकि वह आने वाली नस्लों को पढ़ा सके। इस अवसर पर आरटीआई मंच के उपाध्यक्ष कवि इलियास प्रधान बुद्धिजीवी उमर पाडला, असमत खानपुरघाटी, मास्टर वाहब, उर्दू केयर मुहिम संयोजक राजुद्दीन, याहाया सैफी, पूर्व पार्षद युनुस अलवी, सूफियान सैफ गोहाना, अब्दुल नाफे, ड़ॉ. जियाउलहक, मौलाना हकीमुद्दीन, मास्टर निसार, अख्तर चंदेनी, राशिद अमीन, शाहिद पतेरिया, बुरहान सलम्बा, अल्ताफ डीके, अशरफ मेवाती, एडवोकेट फारूख अब्दुल्ला, सलीम उलेटा समेत दर्जनों शख्शियतें मौजूद रही।

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