मायावती ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया

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बात रखने के लिए ‘पर्याप्त समय’ नहीं मिलने का आरोप लगाया 

राज्यसभा में सहारनपुर हिंसा पर बोल रही थीं

नई दिल्ली: बसपा अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपनी बात रखने के लिए ‘पर्याप्त समय’ नहीं मिलने के विरोध में इस्तीफे की धमकी दी थी. बीएसपी नेता राज्यसभा में सहारनपुर हिंसा पर बोल रही थीं.

जब उपसभापति पीजे कुरियन ने उनसे अपनी बात खत्म करने को कहा तो मायावती नाराज हो गयी और कहा कि जिस सदन में उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा उसमें रहने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने धमकी दी कि अगर उन्हें बोलने की इजाजत नहीं दी गई तो वह राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगी. यह कहते हुए मायावती सदन से वॉक आउट कर गईं.

मायावती ने मीडिया के समक्ष आरोप लगाया कि जब सत्तापक्ष मुझे अपनी बात रखने का भी समय नहीं दे रहा है . इसलिए मुझे सदन में बने रहने का अधिकार नहीं है.

इस मामले में कांग्रेस पार्टी के कई सदस्यों ने मायावती को समझाने व रोकने की कोशिश की लेकिन वे गुस्से में सदन से बहार काहली गयीं.  कांग्रेस पार्टी नेता रेणुका चौधरी ने उनका समर्थन करते हुए सवाल किया कि क्या एक दलित नेता को बोलने का अधिकार नहीं है ? उन्‍होंने हाउस में नोटिस देकर बात करने का प्रयास किया.

इसके पहले सहारनपुर व उत्तर प्रदेश में दलितों का मुद्दा उठाते हुए उन्‍होंने राज्‍यसभा से वॉकआउट किया था जिसके समर्थन में कांग्रेस ने भी वॉकआउट किया.

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ऑल पार्टी मीटिंग में हमने स्पष्ट बताया था कि विपक्ष हाउस की कार्यवाही में बाधा डालने में रुचि नहीं रखता. माननीय प्रधानमंत्री ने हमको आश्वासन दिया था कि सरकार के लोग बाधा नहीं डालेंगे. जिस विषय पर विपक्ष बात करना चाहेगा उस पर चर्चा होगी.

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