कश्मीर में कट्टरपंथ के लिए सोशल मीडिया जिम्मेदार : सेना अध्यक्ष

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जम्मू : देश के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि कश्मीर में कट्टरपंथ की समस्या का समाधान करने का प्रयास बेहद गंभीरता’ से किया जा रहा है. इस प्रकार की समस्या के बढ़ने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया को जिम्मेदार ठहराया है. एक दिन के कश्मीर दौरे पर आए रावत ने राज्य में चोटी काटने की कथित घटनाओं के मुद्दे को सामान्य घटना बताया और कहा कि इससे निपटने की जिम्मेदारी नागरिक प्रशासन और पुलिस की है.

रावत ने माना कि कश्मीर में कट्टरपंथ है लेकिन इसे पूरी दुनिया में हो रही घटना करार दिया. उन्होंने दावा किया कि सेना व सुरक्षा बल काफी गंभीरता से इससे निपट रहे हैं. रावत ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार, पुलिस, प्रशासन सभी कट्टरपंथ की समस्या से चिंतित है. उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि लोग इस तरह के कट्टरपंथ से अलग होने लगे.

 

सेना प्रमुख ने लोगों के कट्टरपंथी बनाने के लिए सोशल मीडिया को जिम्मेदार ठहराया है. उनका साफ़ कहना था कि ऐसा सोशल मीडिया की वजह से हो रहा है. चोटी काटने की कथित घटनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि आप इसे चुनौती के रूप में क्यों देख रहे है ?  यह पूछने पर कि क्या अलगाववादी इसका फायदा घाटी में अशांति फैलाने में कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि इसके पीछे की सच्चाई को सामने लाने में मीडिया की भूमिका अहम है.

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