एक हाथ में कागज व दूसरे में बंदूक , बातचीत असंभव : एम् जे अकबर

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मुंबई : केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर ने साफ़ कहा है कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य होने की राह में आतंकवाद सबसे बड़ा रोड़ा है। उन्होंने कहा है कि सबकुछ संभव है .

उन्होंने बल देते हुए कहा कि एक हाथ में समझौता पत्र और दूसरे में बंदूक पकड़कर बातचीत करना यह असंभव है. दूसरे गेटवे ऑफ इंडिया जियोइकोनॉमिक डायलॉग में सोमवार शाम अपने संबोधन में अकबर ने कहा कि जब लोग बंदूक त्यागते हैं तब देश और लोगों को आगे के लिए मित्रता और सह-अस्तित्व का रास्ता मिलेगा. उन्होंने कहा कि बंदूक के साये में कोई बात नहीं करता.

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