योगी सरकार का उत्तर प्रदेश के लिए 5 लाख 12 हजार करोड़ का बजट, क्या है खास ?

Font Size

लखनऊ, 18 फरवरी । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार आज अपना चौथा पूर्ण बजट पेश कर रही है। यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सदन में भाषण दे रहे हैं।

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश का 5,12,860.72 करोड़ का बजट पेश किया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के मुकाबले इस बार 33 हजार 159 करोड़ रुपये ज्यादा का बजट पेश हुआ। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पिछले साल के मुकाबले इस बार 6.50 फीसदी से ज्यादा का बजट पेश किया।

उत्तर प्रदेश के इतिहास के इस सबसे बड़े बजट में उत्तर प्रदेश सरकार के मूल बजट ने पहली बार ₹5 लाख करोड़ की सीमा को पार किया है। आज सदन में ₹5 लाख 12 हजार करोड़ से अधिक का बजट प्रस्तुत किया गया।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि इस बजट का सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बजट वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए बनाया गया है। हम, अपना राजकोषीय घाटा रिजर्व बैंक द्वारा तय की गई सीमा अर्थात 3 प्रतिशत से नीचे 2.97 प्रतिशत पर रखने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीसरा बजट महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम की दृष्टि से तथा चौथा बजट प्रदेश की ऊर्जा के पर्याय युवाओं के लिए और उनकी असीम संभावनाओं को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए हमने प्रस्तुत किया है।

सीएम योगी ने कहा कि हमने अपना प्रथम बजट किसानों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया था तथा दूसरा बजट प्रदेश के औद्योगिक विकास और प्रदेश में ढांचागत बुनियादी सुविधाओं की दृष्टि से प्रस्तुत किया था।

उन्होंने कहा कि अपने पैरों पर खड़ा होने के इच्छुक हर शिक्षित बेरोजगार नौजवान के लिए हमने अप्रेंटिसशिप की योजना प्रारंभ की है। हर युवा किसी उद्यम से जुड़ेगा और अप्रेंटिसशिप पूरी होने की अवधि तक सरकार द्वारा उसे ₹2500 प्रतिमाह का सहयोग दिया जाएगा। एक नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी और आयुष विश्वविद्यालय भी इस बजट का हिस्सा है। साथ ही पुलिस फाॅरेंसिक विश्वविद्यालय भी लखनऊ में बनाया जाना है। उ.प्र. को शिक्षा का केंद्र बिंदु बनाने के लिए उच्च शिक्षा पर फोकस किया गया है। राज्य सरकार ने सहारनपुर, आजमगढ़ और अलीगढ़ में नए विश्वविद्यालय स्थापित करने के साथ ही, लखनऊ में अटल मेडिकल विश्वविद्यालय को इस बजट का हिस्सा बनाया है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने बताया कि 8 मेडिकल काॅलेज निर्माणाधीन हैं, जबकि 13 अन्य मेडिकल काॅलेजों के निर्माण के लिए हमने इस बजट में धनराशि की व्यवस्था कर दी है। उनका कहना था कि मात्र तीन वर्षों के अंदर हम 28 नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य करा रहे हैं। रायबरेली और गोरखपुर AIIMS में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है, साथ ही 7 मेडिकल काॅलेज में प्रवेश प्रारंभ हो चुका है।

उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास है कि अगले वर्ष तक हम प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सरकारी या पीपीपी मोड में मेडिकल काॅलेजों की स्थापना के कार्य को आगे बढ़ा सकें इस दिशा में भी हम लोगों ने तेजी के साथ इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया आज दुनिया का हर निवेशक उ.प्र. में निवेश करना चाहता है।@DefExpoIndia में उ.प्र. को ₹50,000 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए। यह उ.प्र. की क्षमता है और इस क्षमता के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए धनराशि का आवंटन कर दिया गया है और हमारा प्रयास होगा कि इस वर्ष के अंत तक मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास की प्रक्रिया पूर्ण हो जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: