केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों के लिए पैकेज्ड कमोडिटीज नियम 2011 में संशोधन किया

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इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों के लिए अनुपालन बोझ को कम करने और कारोबार में आसानी के लिए केंद्र ने विधिक माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम 2011 में संशोधन किया

उद्योग को क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल रूप में सूचना घोषित करने की अनुमति देने के लिए संशोधन

नई दिल्ली : उपभोक्ता मामले विभाग ने लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज), (दूसरा संशोधन) नियम 2022 के तहत इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को एक वर्ष की अवधि के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से कुछ अनिवार्य सूचनाओं को घोषित करने की अनुमति दे दी है, यदि इन्‍हें पैकेज में घोषित नहीं किया गया है।

यह संशोधन उद्योग को क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी को डिजिटल रूप में घोषित करने की अनुमति प्रदान करेगा। इससे महत्वपूर्ण घोषणाओं को पैकेज में लेबल पर प्रभावी ढंग से घोषित करने की अनुमति मिलेगी जबकि अन्य वर्णनात्मक जानकारी क्यूआर कोड के माध्यम से उपभोक्ता को दी जा सकती है।

विभाग इस डिजिटल युग में क्यूआर कोड के माध्यम से अनिवार्य जानकारियों को घोषित करने के लिए प्रौद्योगिकी के अधिक से अधिक उपयोग को सक्षम बनाएगा तकि टेलीफोन नंबर और ई-मेल पते के अलावा निर्माता या पैकर अथवा आयातक के पते, वस्तु का सामान्य या जेनरिक नाम, वस्तु का आकार और ग्राहक सेवा विवरण जैसी घोषणाओं को जानने के लिए इसे स्कैन किया जा सकता है।

इससे पूर्व, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों सहित सभी पूर्व-पैकेज्ड वस्तुओं को पैकेज पर लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज), नियम 2011 के अनुसार सभी अनिवार्य जानकारियों को घोषित करना आवश्यक है।

 

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