गुरुग्राम में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर केन्द्रीय टीम का दौरा, कोविड नियंत्रण प्रबंधों की समीक्षा की

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गुरूग्राम, 24 नवंबर। जिला प्रशासन द्वारा गुरुग्राम जिला में कोविड-19 की स्थिति से निपटने के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लेने के उद्देश्य से आज भारत सरकार की 3 सदस्यीय टीम ने जिला का दौरा किया। इस टीम की अध्यक्षता एम्स दिल्ली के डॉ. रणदीप गुलेरिया ने की। इस टीम ने जिला मे कोविड-19 संक्रमित मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और यहां किए गए प्रबंधो पर संतोष जताया। टीम ने लोगों को कोविड प्रोटोकाॅल के प्रति जागरूक करने पर बल दिया और कहा कि इस महामारी की दवा आने तक बचाव उपाय ही इसका इलाज है।


सिविल सर्जन डॉ वीरेंद्र यादव ने केन्द्रीय टीम को जिला में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रबंधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि गुरुग्राम जिला में कोविड-19 के टेस्ट प्रदेश में सबसे ज्यादा किए जा रहे हैं। जिला में 3 लाख टेस्ट प्रति मीलियन की दर से हो रहे हैं। इसके अलावा कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान के लिए क्षेत्रवार कैंप लगाए जा रहे हैं। अब तक 1650 कैंप लगाए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि कोविड के एसिंप्टोमैटिक मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है। इसके लिए यदि किसी के घर में पर्याप्त जगह जैसे- मरीज के लिए अलग से शौचालय आदि की व्यवस्था नही है तो उनके लिए जिला प्रशासन ने 12 गर्वमेंट पेड आइसोलेशन सुविधा की व्यवस्था कर रखी है, जिसका पूरा खर्च सरकार वहन करती है और मरीज को कुछ नही देना होता। इस सुविधा में मरीज को भोजन इत्यादि भी निःशुल्क दिया जाता है। डा. यादव ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए नागरिक अस्पताल में 2 आरटीपीसीआर टेस्टिंग मशीन लगी हुई हैं। इनके अलावा, सरकार ने 9 प्राइवेट टेस्टिंग लैब को अधिकृत किया हुआ है जो सरकार द्वारा निर्धारित फीस पर टेस्टिंग करती हैं।


सिविल सर्जन ने बताया कि मरीजों की स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जाती है ताकि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी ना हो और उन्हें समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग, हॉस्पिटलाइजेशन स्टेटस ,ह्यूमन रिसोर्स तथा अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता सहित कंटेनमेंट जोन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तथा कंटेनमेंट जोन में कोविड-19 प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने के लिए भी टीमें कार्यरत हैं। गंभीर रूप से कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों में बैडों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला में विभिन्न अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए कुल उपलब्धता के 50 प्रतिशत आरक्षित किए गए हैं। यही नहीं, आईसीयू व वैंटिलेटर सुविधायुक्त 75 प्रतिशत बैड कोविड मरीजों के लिए रखने को कहा गया है।


उन्होंने बताया कि जिला में कोरोना टेस्टिंग के लिए ट्रू नेट टेस्टिंग के रेट को 2 हजार रूप्ये से घटाकर 1250 रूप्ये कर दिए गए हैं। इसके अलावा, आरटीपीसीआर टेस्टिंग 900 रूपये , रैपिड एंटीजन टेस्ट 500 रूप्ये, आईजीजी आधारित एलिसा टेस्ट 250 रूप्ये तथा सीबीएनएएटी टैस्ट 2400 रूप्ये की दरें निर्धारित की हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी टेस्टिंग लैब पर निगरानी रखे हुए हैं कि वे लोगों को टेस्टिंग की सुविधा निर्धारित दरों पर ही दें। इस मामले में अवहेलना करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्यवाही का प्रावधान भी किया गया है।


डॉ यादव ने बताया कि गुरुग्राम जिला प्रशासन द्वारा अलग से कोविड-19 पोर्टल भी बनाया गया है, जिस पर आमजन को कोविड-19 संबंधी जानकारी अपडेट की जाती है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 संक्रमित मरीजों के क्लोज कांटेक्ट में आने वाले लोगों को सख्ती से घरों में रहने के लिए कहा जा रहा है और उन्हें कोविड-19 का टेस्ट करवाने के लिए भी प्रेरित किया जाता है।

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