अरविंद केजरीवाल को सूचना सचिव का सख्त नोटिस : विज्ञापन पर खर्च 163 करोड़ रु 10 दिन में जमा कराएं नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई

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सुभाष चौधरी/The Public World

नई दिल्ली। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार अब दिल्ली से बाहर अपनी सरकार की गतिविधियों के बारे में अखबारों एवं अन्य माध्यमों से विज्ञापन प्रकाशित कराने को लेकर विवादों में है। खबर है कि दिल्ली सरकार की सूचना विभाग की सचिव ने ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम नोटिस जारी कर दूसरे राज्यों में विज्ञापन प्रकाशित करने में खर्च किए गए 163 करोड़ रुपए अगले 10 दिनों के अंदर जमा कराने का नोटिस जारी किया है । नोटिस में यह साफ कर दिया है कि अगर 10 दिनों के अंदर यह राशि जमा नहीं कराई गई तो मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल से इसकी वसूली की जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ इस मसले को लेकर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर दिल्ली के अधिकारियों पर नाजायज कब्जे और दुरुपयोग करने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा है कि दिल्ली से बाहर के राज्यों में विज्ञापन छपवाना गैरकानूनी नहीं है बल्कि केंद्र की भाजपा सरकार दिल्ली के अधिकारियों पर नाजायज कब्जा जमाए हुए हैं।

अरविंद केजरीवाल को सूचना सचिव का सख्त नोटिस : विज्ञापन पर खर्च 163 करोड़ रु 10 दिन में जमा कराएं नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई 2

उल्लेखनीय है कि दिल्ली की सूचना विभाग की सचिव एलिस बास ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम नोटिस जारी किया है । सूचना सचिव ने नोटिस में कहा है कि वर्ष 2016-17 के आसपास दिल्ली सरकार की ओर से दिल्ली से बाहर के राज्यों में जो विज्ञापन प्रकाशित करवाए थे उस खर्च किए गए कुल 163 करोड़ रुपए तत्काल वापस करें । नोटिस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को यह राशि वापस जमा कराने के लिए 10 दिनों का समय दिया गया है। नोटिस में सचिव ने यह भी कहा है कि अगर 10 दिनों के अंदर यह राशि मुख्यमंत्री द्वारा जमा नहीं कराया जाता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और श्री केजरीवाल से इस राशि की वसूली की जाएगी।

अरविंद केजरीवाल को सूचना सचिव का सख्त नोटिस : विज्ञापन पर खर्च 163 करोड़ रु 10 दिन में जमा कराएं नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई 3

अभी हाल ही में दिल्ली नगर निगम के महापौर और उपमहापौर का चुनाव होने के नाम पर अरविंद केजरीवाल सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल मनोज सक्सेना के बीच चल रही तनातनी और बढ़ने के प्रबल आसार दिखने लगे हैं। दिल्ली की सूचना सचिव श्रीमती बास की ओर से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जारी नोटिस पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार की तीव्र आलोचना की । श्री सिसोदिया ने आरोप लगाया कि यह नोटिस सूचना सचिव की ओर से नहीं बल्कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार के असंवैधानिक दबाव का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पिछले 7 वर्षों से दिल्ली के अधिकारियों पर और संवैधानिक कब्जा किए हुए हैं और असंवैधानिक उपयोग कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के अधिकारियों को काम नहीं करने दे रही है और उनका राजनीतिक फायदे के लिए और असंवैधानिक इस्तेमाल कर रही है।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल को और उनके मंत्रियों को असंवैधानिक तरीके से टारगेट कर रही है। अधिकारियों पर दबाव डाल रही है जिससे कि अधिकारी व मुख्यमंत्री जनता का काम नहीं कर सके । उन्होंने कहा कि उनकी ओर से सूचना सचिव से नोटिस के संबंध में उपरोक्त समय अंतराल में प्रकाशित विज्ञापनों की डिटेल जानकारी मांगी गई है। उसके बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि देशभर के सभी मुख्यमंत्री अपनी सरकार की उपलब्धियों या फिर योजनाओं के बारे में बाहर के राज्यों में भी धड़ल्ले से विज्ञापन प्रकाशित करते रहे हैं। उन्होंने इस मद में कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी का नाम लेते हुए कहा कि सभी दलों कर मुख्यमंत्री पूर्व में भी ऐसा करते रहे हैं और अभी भी अपने विज्ञापन प्रकाशित करवा रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि वर्तमान में पिछले 1 माह का आकलन कर यह स्पष्ट होता है कि भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का विज्ञापन दिल्ली में बड़े पैमाने पर डिस्प्ले किया गया है और अखबारों में भी प्रकाशित किया गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ही खासतौर से टारगेट क्यों किया जा रहा है ? उन्होंने कहा कि यह सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की परंपरा रही है।

श्री सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के अधिकारियों को काम करने नहीं दे रही है । साथ ही दिल्ली की चुनी हुई सरकार को भी काम करने से रोक रही है । इस प्रकार के कदम उठाकर केंद्र सरकार दिल्ली सरकार के कामकाज में अड़ंगे डालती है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर और संवैधानिक कब्जा और उसका राजनीतिक दुरुपयोग अब साफ-साफ दिखने लगा है ।

एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि दिल्ली की सर्विसेज को चुनी हुई अरविंद केजरीवाल सरकार के अधीन करने के लिए उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की अधिकारियों को दिल्ली की जनता के लिए विकास कार्यों में लगाना चाहते हैं लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार उसे काम करने नहीं दे रही है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया क्या बोले ?

पिछले 1 महीने के Delhi के अख़बार BJP-Congress शासित राज्यों के CMs के विज्ञापनों से भरे पड़े हैं

क्या BJP उन राज्यों के अफसरों से UP-UK-Himachal के CMs से पैसा वसूलने को कहेगी?

BJP अफ़सरों को मज़बूर कर रही है कि वो CM @ArvindKejriwal को जनता के लिए काम ना करने दें

Party के सचिव ने सूचना मांगी है कि ये कौन से Ad हैं?

हम भी तो देखें क्या गैर कानूनी है हमारे Ad में

हमने Ads की Copy मांगी है, चिट्ठी लिखी है I&P Secretary को

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