मेवात में ढकोसला साबित हो रहा है शौचमुक्त अभियान !

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 यूनुस अलवी

मेवात :  मेवात जिला कि राजधानी कहे जाने वाले बडकली चौक पर आज भी महिलाऐं शौच और पैशाब करने के लिये जगह तलाशती फिरती हैं। करीब 100 गावो कि आवा जाही का केंद्र और एक किलोमीटर से अधिक एरिया में बसे बडकली चौक पर शैचालय कि कोई सुविधा नहीं हैं यहां तक कि यहां पर कोई सुलभ शौचालय भी नहीं हैं। भले ही जिला प्रशासन ने जिले कि 150 से अधिक ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त करने का दावा कर राहा है लेकिन मेवात की राजधानी कही जानेवाल बडकली चौक पर शौचालयों कि कोई सुविधा नहीं है। इतना ही नहीं पुन्हाना के शौचालयों पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे है वहीं पिनगवा कस्बे में भी इनकी कोई सुविधा नहीं हैं। पुन्हाना, पिनगवां और बडकली चौक ऐसे बस अड्डे और आवाजाही के केंद्र हैं जहां हर रोज करीब 20 हजार लोग आते-जाते हैं।

 

  मकशूद शिकरावा, मुबीन तेड और मुबारिक मलिक का कहना है कि पुन्हाना, पिनगवां और बडकली चौक पर शौचालयों कि सुविधा ना होने कि वजह से औरतों कि बहुत ही परेशानी होती है। बहुत सी औरतों को उन्होने देखा है कि अपनी जरूरत पूरी करने के लिये महिलाओं को खोखों के आस-पास दुबकना पडता है। उनका कहना है कि जब तक मेवात जिला के सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय नहीं बना दिये जाते तब तक मेवात को ओडीएफ कहना गलत होगा। मेवात जिला प्रशासन से इस बारे में कई बार अवगत कराया गया है लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं हैं।

 

   बडकली, पिनगवां और पुन्हाना में दुकान और खोखे चलाने वाले लोगों ने बताया कि उनको भी पैशाब और शौच करने के लिये जंगल में ही जाना पडता है। प्रशासन द्वारा अधिक्तर बस अड्डों पर शौचालयों को इंतजाम नहीं किया है। उनका कहना है कि कई औरते ऐसी आती है तो काफी बुजुर्ग होती है वे अपनी हातज को पूरी करने के लिये जंगल तक नहीं जा सकती इस वजह से वे खोखे और दुकानो कि आड में बेठकर ही अपनी हाजत पूरी करती है। उनका कहना है कि इससे महिलाओं की बडी बेइज्जती होती है। 

 

   वहीं पुन्हाना के रहने वाले नसीम अहमद और हाजी इकबाल का कहना है कि पुन्हाना के जमालगढ चौक पर नगरपालिका ने एक शौचालय बना रखा है लेकिन यहां पर पानी कि व्यवस्था ना होने कि वजह से ये बेकार पडा है और लोगों ने इस पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। मेवात के लोगों ने मेवात उपायुक्त से मांग करते हुऐ कहा कि वे गांव के ओडीएफ यानि खुले में शौचमुक्त बनाने से पहले मेवात के बस अड्डों पर शौचालय बनाये तभी मेवात खुले में शौच मुक्त हो सकता है।

 

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