एफडीए की टीम ने फरीदाबाद के सत्या अस्पताल में फार्मेसी के काऊंटर पर मारा छापा

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– बिना लाईसेंस के खुले में चल रही थी फार्मेसी

-ओपन फार्मेसी के काऊंटर को किया गया बंद

-दोषियों के खिलाफ की जाएगी कानूनी कार्रवाई

चण्डीगढ़, 30 मार्च : हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल विज, जिनके पास खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का प्रभार भी है, ने कहा कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने आईपी कॉलोनी, फरीदाबाद स्थित सत्या अस्पताल के अंदर बिना लाईसेंस के खुले में चल रही फार्मेसी के काऊंटर पर छापा मारा और कार्यवाही करते हुए ओपन फार्मेसी के काऊंटर को बंद करवा दिया गया है। साथ ही जांच पूरी करने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए श्री विज ने बताया कि गत दिवस फरीदाबाद के वरिष्ठ औषधि नियंत्रण अधिकारी कर्ण सिंह गोदारा और फरीदाबाद-1 के औषधि नियंत्रण अधिकारी संदीप गहलेन की टीम ने आईपी कॉलोनी फरीदाबाद स्थित सत्या अस्पताल के अंदर बिना लाइसेंस के परिसर में ओपन काऊंटर पर छापा मारा, जहां दिनेश शाह रखरखाव करते पाए गए। इस अस्पताल में डॉ. सीएम गोस्वामी, जोकि अस्पताल के मालिक भी है, के प्रैसक्रिपशन पर काउंटर पर एलोपैथिक दवाओं की बिक्री पाई गई।

उन्होंने बताया कि अस्पताल के मालिक गोस्वामी और अन्य 4-5 विजिटिंग कंसल्टेंट्स द्वारा कैश मेमो (मैनुअल के साथ-साथ कम्प्यूटरीकृत) भी जारी किए गए हैं और दिनेश शाह दवा और कॉस्मेटिक अधिनियम की धारा 18 (सी) के तहत आवश्यक एलोपैथिक दवाओं की बिक्री, रखरखाव या वितरण के लिए स्टॉकिंग के लिए आवश्यक किसी भी दवा लाइसेंस को दिखाने में विफल रहे, जिसके तहत दिनेश शाह के कब्जे से 12 प्रकार के दवाओं के नमूने एकत्रित किए गए हैं। इस दौरान डॉ. सी.एम. गोस्वामी भी मौके पर पहुंचे और बिना लाईसेंस के चलाई जा रही डिस्पेंसरी का स्वामित्व स्वीकार किया तथा टीम द्वारा इस सारे मामले की जांच की जा रही है।

श्री विज ने कहा कि राज्य में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा और इस प्रकार की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी ताकि लोगों को अच्छी व बेहतर दवाईयों की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकें।

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