भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने डीज़ल की बेतहाशा बढ़ती क़ीमत के विरोध में प्रधान मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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लाखों ट्रांसपोर्टेरों को हो रही कठिनाइयों के विरोध में गुरुग्राम में पैदल मार्च निकाला

सुभाष चौधरी

गुरुग्राम : भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने देश में डीज़ल की बेतहाशा बढ़ती क़ीमतों के कारण लाखों ट्रांसपोर्टेरों को हो रही कठिनाइयों के विरोध में गुरुग्राम में पैदल मार्च निकाला। सैकड़ों की संख्या में ट्रक मालिक नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुँचे और देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, वित्त मंत्री तथा मुख्यमंत्री दिल्ली के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीम गुरुग्राम को सौंपा। गुरुग्राम एसडीएम एकता चौधरी ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों का ज्ञापन उचित माध्यम से सम्बंधित कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा। सभी ट्रांस पोर्टर डीसी को ज्ञापन देने पर अड़े थे लेकिन पहले तहसीलदार आए फिर विरोध करने पर एस डी एम ने स्वयं बाहर आकर उनसे ज्ञापन लिया। उन्होंने सरकार से माँग की है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र ही कोई समाधान निकाला जाए अन्यथा उनका संगठन विवश होकर देश व्यापी ट्रक हड़ताल की तरफ अग्रसर होगा जिसे देश की अर्थव्यवस्था को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा ।

भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने डीज़ल की बेतहाशा बढ़ती क़ीमत के विरोध में प्रधान मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन 2ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को राहत पैकेज देने की माँग की

भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य सड़कों पर पैदल चलते हुए “बहुत हुई डीजल की मार, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में घोर अंधकार”, “ट्रांसपोर्ट व्यवसाय बचाओ मोरेटोरियम लाओ”, “बहाल हो रहे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को राहत पैकेज दिया जाए”, “टैक्स में पेनेलटी माफ की जाए , “25% किराए में बढ़ोतरी हो” जैसे नारे लगा रहे थे। सभी केंद्र सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करते हुए जुलूस की शक्ल में मोर चौक, सोहना चौक होते हुए पी डब्ल्यू रेस्ट हाउस के सामने से मिनी सचिवालय गुरुग्राम पहुंचे, जहां उनका सामना सुशील कुमार नायब तहसीलदार से हुई। लेकिन ट्रांसपोर्टर ने मांग की कि वे अपना ज्ञापन डीसी गुरुग्राम को देंगे। अंततः एकता चौधरी एसडीम गुरुग्राम को मौका पर ज्ञापन लेने आना पड़ा।

कौन कौन थे उपस्थित ?

इससे पूर्व भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने आज होटल ग्रेसियस, ओल्ड जूडिशल कॉम्प्लेक्स, सिविल लाइन, गुरुग्राम में एक मीटिंग की मीटिंग के बाद उनके राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसका संचालन रणवीर सिंह जिला अध्यक्ष गुरुग्राम ने किया। जिसमें कई राज्यों से और हरियाणा के ट्रांस पोर्टर बड़ी संख्या में पहुंचे थे। बैठक में डी एस नागर राष्ट्रीय अध्यक्ष,  किताब सिंह चेयरमैन,  रविंद्र भदानी कार्यकारिणी अध्यक्ष , मंजीत सिंह सिरसा राष्ट्रीय प्रभारी , रवि सेठी राष्ट्रीय जरनल सैकटी, अनिल भारद्वाज राष्ट्रीय प्रवक्ता,  विकास जोशी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष,  राजेश चौधरी हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष, मुकेश सागवान उत्तर प्रदेश प्रभारी आदि लोग उपस्थित थे।

वर्ष 2021 में किसी भी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिली

सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा विगत वर्ष कोरोना महामारी के दौरान भारत सरकार ने देश की सभी इंडस्ट्रीज की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए छह माह का मोरेटोरियम एवं एम एस एम ई फंड की तात्कालिक राहत दी थी। उसके बाद सभी इंडस्ट्रीज को आर्थिक तौर पर संबल मिला था। परंतु इस साल 2021 में कोरोना महामारी की स्थिति में किसी भी उद्योग एवं ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज को कागजात संबंधित छूट के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की कोई सहायता नहीं दी जा रही है।

बैंकों द्वारा बार-बार किस्तों के भुगतान के दबाव से परेशान हैं ट्रांसपोर्टर भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने डीज़ल की बेतहाशा बढ़ती क़ीमत के विरोध में प्रधान मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन 3

उन्होंने कहा कि हमारे संगठन भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा ईमेल सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से पहले भी कई बार अपनी बात को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है किंतु अभी तक न तो आरबीआई ने इस विषय में कोई छूट देने का संकेत दिया है और ना ही बैंक अपनी तरफ से कोई छूट देने को तैयार है। उनका कहना था कि सरकार द्वारा मोरेटोरियम का निर्णय लेने की वजह से बैंकों द्वारा बार-बार किस्तों के भुगतान के दबाव से ट्रांसपोर्ट उद्योग के साथ-साथ अन्य सभी लघु मध्यम व्यापारी वर्ग पीड़ित है। जबकि पिछली बार की अपेक्षा इस बार ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज ज्यादा प्रभावित हुई है। बढ़ती डीजल की कीमतों, ईएमआई परमिट टैक्स, रोड टैक्स और ग्रीन टैक्स से ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज में नए एनपीए बढ़ने का खतरा बढ़ा है। वर्तमान स्थिति यह है कि 90% वाहन सड़कों पर खड़े धूल फाँक रहे हैं।

 

क्या है भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की माँगें ?

 

भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधान मंत्री सहित सभी मंत्रियों के नाम सौंपे ज्ञापन में  कहा है कि वर्ष 2015 में दिल्ली में ग्रीन टैक्स लागू हुआ था। उस वक्त सरकार द्वारा इस बाबत बताया गया था कि bs4 ओर bs6 आने के बाद ग्रीन टैक्स नहीं वसूला जाएगा किंतु bs6 आने के बाद भी ग्रीन टैक्स की वसूली लगातार जारी है bs4 में 20% से 25% एवं bs6 में 30% से 35% का रेट ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बढ़ा दिए हैं। जिसकी मार भी ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज पर पड़ी है।

 

ज्ञापन में यह भी कहा है कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 में भारत सरकार के द्वारा नए वाहनों में एआरएआई सर्टिफिकेट दिया गया है। जिसमें नए वाहनों में डबल टैंक की अनुमति प्रदान की गई है। जबकि एआरएआई सर्टिफिकेट 2010 से लागू है इसके बावजूद व्हीकल एक्ट आधार बनाकर कमर्शियल गाड़ियों का 10000- 10000 का चालान किया जा रहा है। उक्त नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है जिससे ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज को थोड़ी सी राहत मिल सके।

 

भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में यह भी कहा है कि वर्तमान में डीजल की कीमत ₹100 को छू चुकी है। इससे गाड़ियों को चला पाना असंभव हो गया है। डीजल की बेलगाम कीमतों पर शीघ्र अंकुश लगाया जाए। ताकि ट्रांसपोर्ट थोड़ी सी राहत की सांस ले सके । उन्होंने सरकार से अनुरोध किया हैं कि उनकी समस्याओं का शीघ्र ही कोई समाधान निकाला जाए अन्यथा उनका संगठन विवश होकर देश व्यापी ट्रक हड़ताल की तरफ अग्रसर होगा जिसे देश की अर्थव्यवस्था को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा ।

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