दो केंद्रीय मंत्रियों के साथ कई विख्यात योग विशेषज्ञों ने योग को अपनाने की अपील की

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नई दिल्ली : सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए पूर्वावलोकन कार्यक्रम शुक्रवार की देर शाम ऑनलाइन तरीके से आयोजित किया गया जिसमें दो केंद्रीय मंत्रियों के साथ कई विख्यात योग गुरु तथा अनुभवी योग व्याख्याता वर्चुअल प्लेटफार्म पर विश्व समुदाय से यह अपील करने के लिए एकजुट हुए कि लोग खुद अपनी तथा मानवता की बेहतरी के लिए अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाएं। कार्यक्रम के दौरान, योग को समर्पित एक मोबाइल ऐप्लीकेशन ‘नमस्ते योग‘ भी लॉन्‍च किया गया।

मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) के सहयोग से आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित एक घंटे चलने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर तथा केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरेन रिजिजू ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2021 की केंद्रीय थीम ‘योग के साथ रहें, घर पर रहें’के महत्व को रेखांकित किया जबकि श्रीश्रीरविशंकर, सद्गुरु जग्गी वासुदेव, बहन शिवानी और स्वामी चिदानंद सरस्वती जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति और अनुयायियों वाले अध्यात्मिक नेताओं और योग गुरुओं ने गहरे अध्यात्मिक आयामों से लेकर इसके दैनिक जीवन तथा कोविड संबंधित उपयोगिता तक, योग के विभिन्न अनूठी और व्यापक विशेषताओं पर बल दिया। कई अन्य प्रख्‍यात हस्तियों ने भी अपने गहन संदेशों के साथ समारोह की शोभा बढ़ाई।

इस अवसर पर,  प्रकाश जावडेकर ने कहा कि योग एक स्वस्थ और सुखी जीवन का मार्ग है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में सरकार समाज के सभी वर्गों के बीच योग को बढ़ावा देने के लिए प्रयत्नशील है।

आयुष मंत्री किरेन रिजिजू ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2021 पर दूरदर्शन पर 10 दिनों की श्रृंखला के बारे में जानकारी दी और कहा कि इस श्रृंखला का मूल संदेश है, ‘योग के साथ रहें, घर पर रहें’जो स्वास्थ्य आपातकाल के वर्तमान समय में प्रासंगिक है। स्वास्थ्य को बढ़ावा देने तथा रोगों के प्रबंधन तथा रोकथाम में योग की उपयोगिता अच्छी तरह स्थापित हो चुकी है। प्रतिरक्षण निर्माण तथा तनाव से राहत की दिशा में योग के लाभ साक्ष्यों से प्रदर्शित हो चुके हैं। मंत्री ने कहा कि, ‘मंत्रालय का उद्देश्य पिछले वर्षों की तुलना में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यकलापों के दायरे में और अधिक नागरिकों को लाना तथा इसके जरिये हमारे समाज के सभी वर्गों को योग के माध्यम से होने वाले शारीरिक और भावनात्मक कल्याण को फैलाना है। मंत्री ने औपचारिक रूप से योग को समर्पित एक मोबाइल ऐप्लीकेशन ‘नमस्ते योग’लॉन्‍च करते हुए कहा कि इसका डिजाइन आम जनता के लिए एक सूचना प्लेटफॉर्म के रूप में बनाया गया है। इसका उद्देश्य योग के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा व्यापक समुदाय के लिए इसे पहुंच योग्य बनाना है।

योग गुरुओं ने जोर देकर कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के बारे में नहीं है बल्कि यह समग्र कल्याण से संबंधित है जो महामारी के इस समय में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। योग गुरुओं ने स्पष्ट रूप से अपना संदेश दिया, ‘योग जीवन के बारे में है और योग का अभ्यास करना वह मार्ग है जिसमें हमें अपनी जीवनशैली को बदलने की आवश्यकता है।’

कर्यक्रम में भाग लेते हुए, श्रीश्रीरविशंकर ने कहा कि आज दुनिया संकट में है और महामारी के बीच योग इससे बाहर निकलने का रास्ता बताता है। सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने योग के व्यावहारिक पहलू पर जोर दिया और दोहराया कि योग का अभ्यास करना एक आनंदमय जीवन व्यतीत करना है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि योग केवल एक उपचार नहीं है जिसका अभ्यास अनंत समय से किया जा रहा है बल्कि यह जीवन का एक मार्ग भी है। एस व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच आर नगेन्द्र ने कहा कि योग समग्र जीवन का एक विज्ञान है। मां हंसाजीजयदेव, बहन शिवानी, स्वामी भारतभूषण, प्रो. तनुजा नेसारी, डॉ. बी एन गंगाधर, श्री कमलेश डी पटेल, श्री ओ पी तिवारी, योगाचार्य तथा श्री एस. श्रीधरानाल्सो ने भी अपने विचार साझा किए।

आयुष सचिव वीडी. राजेश कोटेचा तथा संयुक्त सचिव पीएन रंजीत कुमार ने आयुषमंत्रालय द्वारा निभाई गई भूमिका और सहयोगात्मक तरीके से योग की पहुंच के विस्तार को सुगम बनाने की उसकी प्रतिबद्धता रेखांकित की।

पूर्वावलोकन कार्यक्रम ने डीडी इंडिया पर 12 जून से 21 जून तक 7 बजे सायं (भारतीय मानक समय) पर प्रसारित होने वाले कॉमन योग प्रोटोकॉल के विभिन्न पहलुओं पर 10एपिसोड की श्रृंखला की शुरुआत को भी चिन्हित किया। इस श्रृंखला को मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) ने प्रोड्यूस किया है।

कार्यक्रम में एक मध्यवर्ती पैनल चर्चा भी शामिल की गईजिसमें एमडीएनआईवाई के निदेशक डॉ. आईवी बासवराड्डी तथा आयुष मंत्रालय के मीडिया सलाहकार संजय देव ने भाग लिया।

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