ट्रांसपोर्ट फॉर ऑल चैलेंज में भागीदारी कर रहा है गुरूग्राम

47 / 100
Font Size

– नागरिक समूह, एनजीओ, सोशल इंटरप्राईजेज तथा शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों से चैलेंज में सहयोग की अपील

गुरूग्राम। ट्रांसपोर्ट फॉर ऑल डिजीटल इनोवेशन चैलेंज का गुरूग्राम हिस्सा है। इसके लिए सभी नागरिक समूहों, एनजीओ, सोशल इंटरप्राईजेज तथा शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों से सहयोग की अपील की गई है।

इस बारे में नगर निगम गुरूग्राम के अतिरिक्त आयुक्त सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि नागरिक समूह, एनजीओ, सोशल इंटरप्राईजेज तथा शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान इसमें अहम्अ भूमिका अदा करेंगे .

 

क्या है ट्रांसपोर्ट फॉर ऑल चैलेंज : केन्द्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, भारत सरकार की इस पहल- का उद्देश्य शहरों, नागरिकों और स्टार्टअप्स को एक साथ लाना है ताकि ऐसे समाधान विकसित किए जा सकें जो सभी नागरिकों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए सार्वजनिक परिवहन में सुधार कर सकें।

इसके चुनौती के मूल में नागरिक हैं जो न केवल उन समस्याओं को परिभाषित करेंगे जिनके लिए समाधान तैयार किए जाएंगे बल्कि स्टार्टअप्स और शहरों को उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए समाधानों को परिष्कृत करने में भी मदद करेंगे।

चैलेंज का पहला संस्करण डिजिटल इनोवेशन पर केंद्रित है। शहरों और स्टार्टअप्स को विभिन्न समाधानों को विकसित करने और उनका परीक्षण करने, उनसे सीखने और सार्वजनिक परिवहन में लोगों का विश्वास बनाने और उनकी गतिशीलता बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

 

ट्रांसपोर्ट 4 आल का उद्देश्य : 

-अलग-अलग शहर अपने क्षेत्र में एनजीओ के साथ मिलकर उन समस्याओं की पहचान करेंगे जिसका सामना पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करते हुए वहां के नागरिक करते हैं।

-सामाजिक संस्थाओं एवं स्टार्ट अप के साथ समझौता कर समस्याओं का समाधान विकसित करेंगे।

-शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था में सुधार करने का अभियान चलाएंगे।

-इस चैलेंज के तहत शहर के एनजीओ उस शहर में सामान्य नागरिकों में भी सर्वे करेंगे. उनसे सलाह मशविरा कर समस्याओं का समाधान निकालेंगे।

-जिला प्रशासन को पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आने वाली दिक्कतों को हल करने का उपाय भी सुझायेंगे.

-स्टार्टअप की ओर से शहरों में अमल में लाए गई योजनाओं का आकलन भी करेंगे।

 

अब सार्वजनिक परिवहन में सुधार क्यों करें : कोविड-19 ने शहर को लगभग ठप कर दिया, लेकिन फिर भी बसों, ट्रेनों, सांझा ऑटो और ई-रिक्शा ने जरूरतमंदों की सेवा करना जारी रखा। इससे सरकारी अधिकारियों, नर्सों, डॉक्टरों, रख-रखाव कर्मचारियों और ग्रोसरी स्टोर्स के कर्मचारियों को मदद मिली। ट्रांसपोर्ट फॉर ऑल चुनौती के माध्यम से सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं को हल करने की दिशा में काम किया जाएगा। बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट महामारी के दौरान सभी नागरिकों को सुरक्षित रूप से आगे बढऩे में मदद करेगा और भविष्य में इस तरह के प्रकोप के लिए सिस्टम को अधिक लचीला बनाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page