केजरीवाल सरकार पर जमकर बरसी नई दिल्ली क्षेत्र की भाजपा संसद मीनाक्षी लेखी, स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों के लिए ठहराया जिम्मेदार

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नई दिल्ली : नई दिल्ली क्षेत्र की भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने आज पत्रकार वार्ता में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उनके स्वास्थ्य मंत्री की कथनी और करनी में बड़ा अंतर बताते हुए उनपर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 2015 में अपने घोषणा पत्र में आम आदमी पार्टी की सरकार ने कहा था कि हम दिल्ली में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाएंगे और 30,000 बेड्स लगाएंगे। लेकिन हाईकोर्ट में मामले सामने आए तो पता चला कि दिल्ली सरकार ने सिर्फ 354 बेड्स लगाए, वो भी तब जब पिछले साल केंद्र सरकार ने दबाव बनाया।

श्रीमती लेखी ने कहा कि आम आदमी पार्टी के सरकार में आने से पहले दिल्ली में डिस्पेन्सरी की संख्या 265 थी, जो आज घटकर 230 रह गई है। इन्होने बढ़ने के बजाय 35 डिस्पेंसरी बंद कर दी.

भाजपा सनद ने कहा कि MCD के जो कर्मचारी डेंगुरोधी और मलेरिया रोकने के लिए कार्य करते हैं, उनकी तनख्वाह देने का काम दिल्ली सरकार का है। इसके लिए 500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, लेकिन इन्होंने कभी 9 करोड़ दिए, कभी 10 करोड़ दिए। जबकि केंद्र सरकार ने इनको पिछले साल 1,116 करोड़ रुपये और इस वर्ष 1,120 करोड़ रुपये दिए हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली ने अपनी आईसीयू बिस्तर क्षमता में वृद्धि नहीं की है, और पिछले वर्ष में कोई नया वेंटिलेटर नहीं खरीदा गया है। केवल PM-CARES फंड द्वारा भेजे गए वेंटिलेटर का उपयोग किया जा रहा है। ये कितने गंभीर हैं कि ऑक्सीजन सिलेंडर, जो उपलब्ध थे, वे AAP के नेताओं के घरों में पाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन, अस्पताल, विशेष बेड – सब कुछ केंद्रीय सरकार और DRDO द्वारा प्रदान किया जा रहा है। यहां तक कि आईटीबीपी और अन्य रक्षा संगठनों द्वारा भी चिकित्सा स्टाफ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह कहते हुए पूछा कि तो AAP सरकार का काम क्या है ? वे दिल्ली के ऑक्सीजन ऑडिट का विरोध क्यों कर रहे हैं ?

उन्होंने सवाल किया कि AAP सरकार का काम क्या है ? केवल वायरस फैलाने के लिए ? उनकी आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन भी दोषपूर्ण है। वे दिल्ली के ऑक्सीजन ऑडिट का विरोध क्यों कर रहे हैं ? इनके आने से पहले दिल्ली में डिस्पेन्सरी की संख्या 265 थी, जो आज घटकर 230 रह गई है। MCD के जो कर्मचारी डेंगुरोधी और मलेरिया रोकने के लिए कार्य करते हैं, उनकी तनख्वाह देने का काम इनका है लेकिन इसमें भी इन्हें दिक्कत हो रही है.

भाजपा सांसद ने कहा कि आप सरकार के मंत्री व नेता केवल 4 चिट्ठियाँ दिखाते हैं. आज तक कोविड 19 के लिए सामान व उपकरण खरीदने के लिए पी ओ नहीं है. ग्लोबल टेंडर जारी नहीं किया जबकि यूपी सरकार ने ग्लोबल टेंडर जारी कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी जरूरतमंद तक ऑक्सीजन नहीं पहुँच रहा है. दिल्ली का बजट 10 हजार करोड़ है. ये पैसे कहाँ जाते हैं. कोई वेक्सिनेशन सेंटर भी नहीं है. सभी काम एम् सी डी की ओर से किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि ऍम आदमी पार्टी का मोहल्ला क्लिनिक फ्रॉड है. इसके बारे में जनता भी जानती है और अब कोर्ट में भी खुलासा हो गया है. इनकी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने नहीं बल्कि बीमारी फैलाने की जिम्मेदारी है. साड़ी बातों के लिए केंद्र सरकार को कोसते हैं. उनका कहाँ था कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री क्या कर रहे हैं ? आखिर राज्यों में सरकारें क्यों होती है ? ये केवल हर बार बातों को घुमा फिरा कर रखना जानते हैं. जनता की इन्हें कोई चिंता नहीं है.

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