इस बार कैसा होगा स्वतंत्रता दिवस समारोह ? गृह मंत्रालय का सभी राज्यों को निर्देश जारी

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सुभाष चौधरी /संपादक

नई दिल्ली :  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के लिए दिशा निर्देश जारी किया है.  दिल्ली स्थित लाल किला पर राष्ट्रीय समारोह  व देश के अलग-अलग राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों में राजधानी से लेकर पंचायत स्तर तक  आयोजित किए जाने वाले समारोह में कोविड-19 वायरस संक्रमण की रोकथाम की दृष्टि से स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों का पूर्णतया पालन करने को कहा है. आयोजन में कम से कम भीड़ के शामिल होने और आवश्यक  सावधानी बरतने पर बल दिया है.  गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने,  मास्क पहनने,  सैनिटाइजेशन की मुकम्मल व्यवस्था करने और संक्रमण की सर्वाधिक आशंका वाले लोगों की सुरक्षा करना अनिवार्य बताया है. समारोह  का प्रसारण डिजिटल माध्यम से करने की सलाह देते हुए शामिल होने की संभावना वाले अधिकतम लोगों तक पहुंचने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने का निर्देश दिया है.

 

 हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार भी  परंपरा के अनुरूप स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. ध्वजारोहण और राष्ट्रीय गान के पश्चात प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित भी करेंगे. लेकिन प्रतिवर्ष 15 अगस्त को मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस का स्वरूप इस बार पूरी तरह बदला हुआ दिखेगा क्योंकि देश और दुनिया पर  कोविड-19 वायरस संक्रमण का खतरा अभी भी बड़े पैमाने पर  बरकरार है.  इसको लेकर भारत में भी दिल्ली सहित अधिकतर राज्यों में सरकारी एजेंसियां और आम जनता जद्दोजहद में जुटी हुई है.  देश में अब तक कोविड-19 संक्रमित लोगों की संख्या लगभग 13 लाख के आसपास  पहुंच चुकी है.हालांकि इनमें से 8 लाख  से अधिक मरीज ठीक भी हो चुके हैं  लेकिन संक्रमण की रफ्तार देश की राजधानी दिल्ली सहित कई बड़े राज्यों में चिंताजनक स्थिति में है.  ऐसे में स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य और बड़ा आयोजन करना संक्रमण की दृष्टि से विस्फोटक साबित हो सकता है.  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एहतियातन कदम उठाते हुए सभी राज्यों को संक्रमण के खतरे के प्रति आगाह करते हुए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है.

 

 परंपरा के अनुरूप सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मंत्री  और उपराज्यपाल राजधानी एवं जिला स्तर पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित भी करते हैं.  लेकिन वर्तमान परिस्थिति में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोविड-19 संक्रमण के खतरे की प्रति आगाह करते हुए परंपरा के अनुरूप बड़े आयोजन नहीं करने की सलाह दी है.

 

  लाल किला पर होने वाले राष्ट्रीय समारोह में  सेना  और दिल्ली पुलिस  द्वारा  प्रधानमंत्री के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर,  राष्ट्रीय गान का प्रसारण और  इक्कीस तोपों की सलामी  देने की व्यवस्था होगी . इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के नाम अपना संबोधन भी देंगे और जन गण मन का प्रसारण भी किया जाएगा.  3 रंगों वाले बैलून भी उड़ाये जाएंगे लेकिन  आम जनता सीमित संख्या में इस समारोह में शामिल हो पाएंगे.  यहां भी शामिल होने वालों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने और फेस मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है. खबर है कि समारोह में शामिल होने के लिए विदेशी मेहमानों को भी आमंत्रित किया जाएगा लेकिन उनकी भी संख्या सीमित होगी जबकि केंद्रीय मंत्री एवं लोकसभा व राज्यसभा के सांसदों की संख्या भी इस बार कम देखने को मिलेगी. संभव है  अति प्रतिष्ठित अतिथियों को भी डिजिटल माध्यम से ही इस समारोह में जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी.

 

 दूसरी तरफ राष्ट्रपति की ओर से इस अवसर पर  राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले एट होम  कार्यक्रम को भी इस बार सीमित किए जाने की खबर है.  इस कार्यक्रम में भी भारत में मौजूद सभी देशों के राजदूतों,  सभी पूर्व राष्ट्रपतियों,  प्रधानमंत्री केंद्रीय मंत्री एवं सांसदों  के साथ-साथ मीडिया जगत एवं अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाता है.  लेकिन इस बार इस खास मौके पर भी अतिथियों की सूची छोटी की जा सकती है.

 

 केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से जारी निर्देश में राज्य स्तर पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए सुबह 9:00 बजे का समय निर्धारित किया गया है.  इसमें भी राष्ट्रीय गान के प्रसारण के साथ-साथ राज्य पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों और होमगार्ड एवं एनसीसी अकाउंट द्वारा आयोजित गार्ड ऑफ ऑनर की अनुमति दी गई है.  इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री और अन्य मुख्य अतिथियों के भाषण प्रसारण को भी जारी रखने को कहा गया है लेकिन इन समारोहों में पिछले वर्षों की तुलना में जन सामान्य एवं महत्वपूर्ण अतिथियों के शामिल होने की संख्या को सीमित रखने को कहा गया है.  निर्देश में इन सभी योजनाओं में सोशल डिस्टेंसिंग नॉर्म्स का पालन करने, मास्क पहनना अनिवार्य करने  और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का पूर्णतया पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है. 

 

 गृह मंत्रालय ने अपने निर्देश में इस मौके पर कोविड-19 की रोकथाम में पिछले 4 माह से जी जान से जुटे डॉक्टर हेल्थ वर्कर, सैनिटेशन वर्कर्स,  सामाजिक संस्थाओं की प्रतिनिधि एवं अन्य व्यवस्था में लगे  कोरोना वार्रियर्स  को सार्वजनिक तौर पर चिन्हित कर सम्मानित करने को कहा है.  साथ ही कुछ ऐसे मरीजों को भी सम्मानित करने की सलाह दी है जो कोविड-19 संक्रमण से लड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं.  इसी तरह की व्यवस्था सभी राज्यों में जिला स्तर पर,  उपमंडल स्तर पर  और पंचायत स्तर पर भी करने को कहा है.

 

गृह मंत्रालय ने अपने निर्देश में राज्यों में राज्यपाल और उपराज्यपाल की ओर से आयोजित किये जाने वाले एट होम कार्यक्रम के संबंध में निर्णय लेने के लिए उन्हें ही अधिकृत किया है . लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है.  सभी राज्यपाल और उपराज्यपालों को भी डॉक्टर,  हेल्थ वर्कर्स सहित सभी प्रकार के कोरोना वारियर्स  को भी ऐसे समारोहों में आमंत्रित करने को कहा है. इन अवसरों पर राज्य पुलिस एवं मिलिट्री बैंड द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत गायन की रिकॉर्डिंग कर डिजिटल और अन्य माध्यमों से जनसामान्य तक पहुंचाने की बात भी की गई है.

 

 गृह मंत्रालय ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद सावधानियां बरतते हुए इस अवसर पर पौधारोपण,  इंटर स्कूल इंटर कॉलेज डिबेट,  ऑनलाइन क्वीज कंटेस्ट राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर लेखन प्रतियोगिता,  कविता प्रतियोगिता,  जनहित संबंधी योजनाओं की लॉन्चिंग, भाषण प्रतियोगिता,  राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विभिन्न आर का आयोजन,  सहित विभिन्न प्रकार की सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के आयोजन की अनुमति दी है.  ऐसे आयोजनों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित कर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने को कहा गया है. 

 केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान को भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन में प्रमुखता से लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया है.

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