रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रमों ने भी अपने 10 अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए, 280 बेड की व्यवस्था की

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय के रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (डीपीएसयू) और आर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) ने भी कोविड-19 के खिलाफ राष्ट्रीय लड़ाई को मजबूती देने की तैयारी कर ली है। चिकित्सा सुविधाएं ओएफबी की ओर से देश के छह राज्यों में फैले अपने 10 अस्पतालों में 280 आईसोलेशन बेड निर्धारित किये गए हैं।

ये अस्पताल वेहिकल फैक्टरी जबलपुर, धातु एवं इस्पात फैक्टरी ईशापुर (पश्चिम बंगाल), गन एवं शेल फैक्टरी कोसिपुर (पश्चिम बंगाल), एमुनिशन फैक्टरी खडकी (महाराष्ट्र), आर्डनेंस फैक्टरी कानपुर (उत्तर प्रदेश), आर्डनेंस फैक्टरी खमरिया, हेवी वेहीकल फैक्टरी अवदी (तमिलनाडु) एवं आर्डनेंस फैक्टरी मेडक (तेलंगाना) में स्थित हैं।

हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) बंगलुरु में इंटेसिंव केयर यूनिट में तीन बेड एवं वार्डों में 30 वार्ड के साथ आईसोलेशन सुविधा है। इसके अतिरिक्त, 30 कमरों वाला एक भवन तैयार किया गया है। कुल मिलाकर, एचएएल सुविधा केंद्र में 93 लोगों को समायोजित किया जा सकता है।

ओएफबी ने अल्प सूचना पर अरुणाचल प्रदेश सरकार के लिए कोविड-19 मरीजों केे लिए 50 विशिष्ट तंबुओं का निर्माण किया है और उन्हें वहां भेज दिया है।

सैनिटाइजर

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुरूप ओएफबी की फैक्टरियों में हैंड सैनिटाइजरों का विकास और उत्पादन आरंभ कर दिया गया है। भारत सरकार द्वारा केंद्रीकृत खरीद के लिए नियुक्त नोडल एजेंसी एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड (एचएलएल) से उन्होंने 13,000 लीटरों की आवश्यकता प्राप्त की है। 1,500 लीटर सैनिटाइजरों की पहली खेप 31 मार्च, 2020 को कोर्डाइट फैक्टरी अरुवनकाडु (तमिलनाडु) से भेजा गया। दो और फैक्टरियों नामतः आर्डनेंस फैक्टरी (ओएफ) इटारसी (मध्य प्रदेश) और ओएफ भंडारा (महाराष्ट्र) बल्क उत्पादन के साथ तैयार हैं। एक साथ मिल कर उनकी क्षमता राष्ट्रीय आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए प्रति दिन 3000 लीटर उत्पादित करने की है।

प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट: कवरआल और मास्क

कानपुर, शाहजहांपुर, हजरतपुर (फिरोजाबाद) एवं चेन्नई स्थित आर्डनेंस इक्विपमेंट फैक्टरियां कवरआल और मास्क का विकास करने में व्यस्त हैं। उन्होंने बहुत अल्प सूचना पर इन गारमेंटों के निर्माण के लिए स्पेशल हीट स्केलिंग मशीनों की भी व्यवस्था की है।

फैक्टरियांे के बोर्डों ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, ग्वालियर से आग्रह किया और वे ग्वालियर में परीक्षित कवरआल के पहले नमूने प्राप्त करने में सफल रहे। मास्कों का परीक्षण कोयंबटूर के साउथ इंडिया टेक्स्टाइल रिसर्च एसोसिएशन (एसआईटीआरए) में किया जाना जारी रहेगा। ओएफबी जल्द ही प्रति सप्ताह 5,000 से 6,000 पीस तक कवरआल का बल्क उत्पादन आरंभ कर रहा है। तीन मशीनों का विकास किया गया है जिन्हें कवरआल तथा मास्कों की दक्षता के परीक्षण के लिए एसआईटीआरए द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। इनका उपयोग उत्पादन से लेकर मानकों के रखरखाव में किया जाएगा।

वेंटिलेटर

भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आग्रह पर अगले दो महीने के दौरान आईसीयू के लिए 30,000 वेंटिलेटरों के निर्माण एवं आपूर्ति के लिए कदम बढ़ाया है।

इन वेंटिलेटरों की डिजाइन मूल रूप से रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा तैयार की गई थी जिसमें मेसर्स एसकैनरी, मैसूर द्वारा सुधार लाया गया था, जिसके साथ बीईएल का गठबंधन है। आर्डनेंस फैक्टरी, मेडक ने हैदराबाद में विभिन्न अस्पतालों में वेंटिलेटरों की मरम्मत आरंभ की है।

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