लायंस पब्लिक स्कूल में ओरिएंटेशन डे का आयोजन : अभिभावक व शिक्षक घुले-मिले

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प्रधानाचार्या डॉ. नीलिमा ने अभिभावकों से कहा आप बच्चों के लिए अनुकरणीय बनें 

पूर्व चेयरमैन लायन डी वी तनेजा ने पर्यावरण प्रेम का पाठ पढ़ाया 

स्कूल मेनेजर राजीव कुमार ने शिक्षाप्रद किताबें पढ़ने को प्रेरित किया 

उप– प्रधानाचार्या इंदु कौशिक ने  बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम व्यतीत करना आवश्यक बताया  

गुरुग्राम : लायंस पब्लिक स्कूल सैक्टर–10 ए गुरुग्राम में शुक्रवार को ओरिएंटेशन डे आयोजित किया गया। कईंं वर्षोंं से चली आ रही इस परम्परा को इस वर्ष भी बड़े उत्साह से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में वर्तमान सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का अध्यापकों से परिचय कराना था. सभी विद्यार्थी व अभिभावक इस आयोजन से बेहद खुश थे. अभिभावक और अध्यापक एक दूसरे से घुले मिले और बच्चों के भविष्य को लेकर चर्चा भी की.

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. नीलिमा प्रकाश ने सभी अतिथियों का स्वागत किया. अपने स्वगत भाषण में उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर माता – पिता तथा स्कूल के बीच बेहतर तारतम्य और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को घर और विद्यालय दोनों स्थानों से यथोचित स्नेह व मार्गदर्शन मिले, तो चाहे सामने कितनी ही विपरीत परिस्थिति हो,  वे कभी भी गलत रास्ते को नहीं चुन सकते। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि यदि आप अपने बच्चे के भविष्य को सुंदर बनाना चाहते हैं तो यह बहुत ज़रूरी है कि आप उनके सामने खुद एक अनुकरणीय उदाहरण बनें।

इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व चेयरमैन लॉयन डी वी तनेजा ने विद्यालय में आने वाले सभी लोगों को पर्यावरण – संरक्षण का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि जिस समाज व देश में हम रहते हैं, उसकी स्वच्छता व सुंदरता बनाए रखना हमारी ही ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें पॉलीथीन का प्रयोग पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे न तो खुद पॉलीथीन का प्रयोग करें और न ही अपने बच्चों को प्रयोग करने दें। सबको जागरूक करने हेतु उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को जूट व कपडे के बैग वितरित किए।

अभिभावकों को संबोधित करते हुए विद्यालय के मैनेजर राजीव कुमार ने कहा कि स्कूल में तो बच्चों को नैतिक मूल्यों से सींचा ही जाता है, लेकिन पहला स्कूल परिवार है जहाँ से उन्हें संसार की सीख मिलती है।उन्होंने कहा कि सबसे पहले माता– पिता ही बच्चों में नैतिकता के बीज बोते हैं। उन्होंने सलाह दी कि सभी अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षाप्रद व सारगर्भित फ़िल्में, टीवी प्रोग्राम, कॉमिक्स व कहानियाँ उपलब्ध कराएँ. उन्हें अच्छी किताबें पढने को प्रेरित करें, क्योंकि बच्चों के कोमल मस्तिष्क पर इनका बड़ी जल्दी असर होता है. राजीव कुमार ने कहा कि ‘मेरा ऐसा मानना है कि इस तरह मिलकर हम अपने बच्चों को सभ्य, चरित्रवान् और कर्तव्यनिष्ठ बना सकेंगे।’

विद्यालय की शिक्षा अधिकारी रेणु वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे बच्चों का व्यवहार ही किसी भी संस्था तथा देश की प्रगति का आधार है। एक परिवार, समाज व देश की नैतिक व भौतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है कि वहाँ के बच्चे कितने जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय और अभिभावक आपसी ताल– मेल के द्वारा बच्चों को आसमान छूने के साथ – साथ ज़मीन से जुड़े रहने की सीख दे सकते हैं। इससे पूर्व इस ख़ास कार्यक्रम का आरम्भ स्वागत – गान से हुआ। नन्हे – नन्हे बच्चों ने अपने मधुर कंठ से अत्यंत सुरीला गीत गाकर अतिथियों का मन मोह लिया ।

विद्यालय की उप– प्रधानाचार्या इंदु कौशिक ने कहा कि आपके सहयोग के बिना हम अकेले कुछ नहीं कर सकते। आज माता– पिता अपने बच्चों को वह सब देना चाहते हैं जो उन्हें हासिल नहीं हो पाया था. आज बच्चों को बिना मांगे बहुत कुछ मिल रहा है और बिना चाहे मिल रहा है, लेकिन बच्चे के साथ कुछ समय मॉल में या पार्क में बिताने से एक दूसरे के साथ भावनात्मक रिश्ता नहीं बन पाता.  वह बनता है उनके साथ क्वॉलिटी टाईम बिताने से। मैं चाहती हूँ कि हर बच्चे को उसके घर में ऐसा वातावरण मिले कि उसका चहुँमुखी विकास हो। इसी अभिलाषा के साथ उन्होंने सभी अतिथिगणों का विद्यालय में पधारने हेतु आभार प्रकट किया।

इस कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की अध्यापिका ज्योति त्यागी तथा तृप्ता रहेजा व दो छात्राओं पिया तथा आरणा पांडेय ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की को–ओर्डिनेटर किरण बाला तथा डिप्टी को–ओर्डिनेटर अनीता वाधवा, परीक्षा प्रमुख अरूणा बहल, विभाग अध्यक्ष  लक्ष्मण सिंह भी उपस्थित थे । कार्यक्रम के अंत में छोटे – छोटे बच्चों ने सुंदर पंजाबी नृत्य प्रस्तुत किया। मनमोहक नृत्य को देखकर सभी गद्गद हो उठे और पूरा वातावरण करतल ध्वनि से गूँज उठा। कार्यक्रम बहुत धूमधाम के साथ मनाया गया एवं समारोह में हर्षोल्लास का वातावरण छाया रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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