राजनीतिक दलों को ‘दो बच्चों की नीति’ पर चलने का निर्देश देने संबंधी याचिका खारिज

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नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को उस याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया जिसमें राजनीतिक दलों को दो से अधिक संतान वाले लोगों को अपना उम्मीदवार नहीं बनाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ भाजपा नेता एवं अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिका में आग्रह किया गया था कि राजनीतिक दलों को निर्देश दिया जाए कि वे ‘दो बच्चों की नीति’ का पालन करें और दो से अधिक संतान वाले लोगों को अपना उम्मीदवार न बनाएं।

इसमें ‘दो बच्चों की नीति’ को सरकारी नौकिरयों, सहायता और सब्सिडी के लिए आवश्यक मानक घोषित किए जाने की भी मांग की गई थी। याचिका में आग्रह किया गया था कि किसी राज्यस्तरीय या राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए शर्त संबंधी कानून में संशोधन किया जाए।

याचिका में मांग की गई थी कि दो बच्चों की नीति का पालन नहीं करने पर ऐसे नागरिकों को मतदान और चुनाव लड़ने के अधिकार सहित विधायी अधिकारों से वंचित कर देना चाहिए।

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