अकबर हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शव के साथ किया हाइवे जाम

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: आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उचित मुआवजा की मांग को लेकर शव रखकर नेश्रल हाईवे  के नजदीक चार घंटे लगाया जाम
: हरियाणा सरकार ने मृतक अकबर के परिवार को पांच लाख रूपये सहायता देने की घोषणा की
: जाम लगाने से पहले अकबर को कब्रिस्तान में दफनाने ले गऐ थे लोग
: पूर्व मंत्री आफताब के आहवान पर शव के दफनाने से पांच मिनिट जाम लगाने का फैंसला लिया था
 
यूनुस अलवी
 
मेवात : राजस्थान के रामगढ में फर्जी गोरक्षकों द्वारा मारे गऐ कोलगांव निवासी अकबर के शव को नेश्रल हाईवे रोड के नजदीक पूर्व परिवहन मंत्री आफताब अहमद की अगुवाई में बीति रात जाम लगाया दिया। जाम करीब चार घंटे तक लगा रहा। जाम लगने से प्रशासन के हाथ पैर फूल गऐ। बाद में सरकार द्वारा मृतक के परिवार को पांच लाख रूपये सहायता राशी देेने और राजस्थान सरकार से पूरी मदद दिलाने के आश्वासन के बाद ही जाम खोलाग गया। रात के करीब तीन बजे शव को गांव कोलगांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया।
   गांव कोलगांव के नंबरदार जाकिर ने बताया कि रात के करीब आठ बजे अकबर के शव को गांव के कबिस्तान में दफनाने की तैयारी शुरू कर दी थी। और मृतक की नमाज ए जनाजा भी पढा दी गई थी। इसी समय पूर्व परिवहन मंत्री एंव कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष आफताब अहमद ने शव को दफनाने से पहले लोगों से पूछा क्या हरियाणा और राजस्थान सरकार ने मृतक गरीब अकबर को कोई मदद की है? क्या कोई आरोपी पकडा गया है? क्या मौके से जान बचाकर भागे असलम का राजस्थान पुलिस ने कोई ब्यान लिया है? मौजूद लोगों ने सभी का ना में जवाब दिया। आफताब अहमद ने लोगों ने मात्र तीन घंटे अकबर का शव ना दफाने का आहवान किया शव को रोड पर रखकर अपना विरोध जताने की बात कही। जिसका सबसे पहले पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद ने समर्थन किया और बाद में सभी ने एक जुट होकर आफताब अहमद की अगुवाई में दिल्ली अलवर नेश्रल हाईवे से आधा किलोमीटर दूर दौहा मौड पर जाम लगा दिया और जाम करीब चार घंटे तक लगा रहा। धरना पर पूर्व मंत्री आफताब अहमद के अलावा, विधायक नसीम अहमद, मामन खां इंजिनियर, अमन अहमद, पूर्व विधायक मोहम्मद आजाद और अलवर मेव पंचायत के सदर शेर मोहम्मद सहित काफी प्रमुख लोग बेठे रहे।
  मेवात एसपी ने लोगों से बातचीत करने के लिए तुरंत हेडक्वाटर डीएसपी विरेंद्र सिंह, फिरोजपुर झिरका के डीएसपी को मौके पर भेजा लेकिन धरना पर बेठे लोगों ने सिविल प्रशासन के उच्च अधिकारियों के बगैर बात करने से मना कर उनको बैरिंग लोटा दिया।
 रात को करीब साडे बारह बजे एसडीएम सुरेश कुमार चहल, तहसीलदार, डीएसपी सहित कई आला अधिकारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। जिनके सामने प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन मांगें दौहराई। एसडीएम चहल ने मौके पर हरियाणा सरकार की ओर से पीडित परिवार को पांच लाख रूपये मदद करने और ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलाने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा राजस्थान सरकार से बातचीत करने तथा जान बचाकर भाग आऐ असलम का ब्यान राजस्थान पुलिस द्वारा मेवात में ही आकर लेने का भरोसा दिया। जिसका सभी ने मान लिया और करीब चार घंटे बाद जाम खोल दि

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