हरियाणा में लैब टैक्नीशियन काउंसिल बनायेंगे : अनिल विज

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लैब टैक्नीशियन की जांच रिपोर्ट को चिकित्सक द्वारा सत्यापित करने के नियम में संशोधन पर विचार 

 
चंडीगढ़, 23 जुलाई :  हरियाणा के स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने आज हरियाणा लैब टैक्नीशियन एसोसिएशन द्वारा रखी गई मांग पर कहा कि हरियाणा में अलग से लैब टैक्नीशियन काउंसिल स्थापित की जायेगी। लैब टैक्नीशियन की जांच रिपोर्ट को चिकित्सक द्वारा सत्यापित करने के नियम में संशोधन की मांग पर श्री विज ने कहा कि सरकार इस समस्या के समाधान का प्रयास कर रहा है और इसके लिए महाराष्ट्र सरकार के अधिनियम का अध्ययन करने के साथ-साथ अन्य संशोधनों पर भी विचार किया जा रहा है। 
 
श्री विज आज हरियाणा लैब टैक्नीशियन एसोसिएशन द्वारा सिविल अस्पताल अम्बाला छावनी में लगाये गये रक्तदान शिविर के मौके पर रक्तदानियों को प्रोत्साहित करने के उपरांत लैब टैक्नीशियनों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था में लैब टैक्नीशियनों का महत्वपूर्ण योगदान है और उनकी हर समस्या का कानूनी समाधान ढुंढने के लिए सरकार वचनबद्ध है। 
 
इस अवसर पर एसोसिएशन द्वारा लगाये गये रक्तदान शिविर में 300 से अधिक रक्तदानियों ने खूनदान किया, जिसमें से 100 यूनिट ब्लड बैंक अम्बाला के लिए तथा 200 से अधिक यूनिट इंडियन रैडक्रास सोसायटी दिल्ली की यूनिट द्वारा लगाये गये शिविर में दान दिया गया। 
 
स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन द्वारा रक्तदान की भावना की सराहना करते हुए कहा कि रक्त की पूर्ति केवल मानव शरीर से ही संभव है और हर व्यक्ति को रक्तदान में सहयोग करना चाहिए। उन्होने कहा कि रक्त की चंद बूंदे किसी को जीवन दान दे सकती हैं और रक्तदान से व्यक्ति को आत्मिक आनंद की अनूभूति होती है। उन्होंने कहा कि रक्त का दान जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है और अम्बाला इस क्षेत्र में अन्य क्षेत्रों की तुलना में अग्रणी है। 
 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अम्बाला छावनी के अतिरिक्त प्रदेश के 84 स्वास्थ्य केन्द्र जिनमें जिला व उपमंडल के अस्पतालों के साथ-साथ सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शामिल हैं में भी एनएबीएल मान्यता स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि गरीब व्यक्ति ईलाज के लिए निजी अस्पतालों की महंगी फीस वहन नहीं कर सकता। इसलिए कारपोरेट अस्पतालों से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं नाम मात्र की फीस पर सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। उन्होने कहा कि इन अस्पतालों में सभी चिकित्सा उपकरण भी अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा मानदण्डों के अनुसार स्थापित किये जा रहे हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमाणित 580 प्रकार की दवाइयां व सभी तरह के टैस्ट भी नि:शुल्क उपलब्ध करवाये जा रहे हैं।
 
उन्होंने बताया कि अम्बाला छावनी में 50 करोड़ रूपये की लागत से आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। सिविल अस्पताल अम्बाला छावनी को एक माडल अस्पताल के रूप में स्थापित किया जा रहा है। 
उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में एलोपैथी, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ इस अस्पताल में डायलसिस, कैथ लैब, कीमोथ्रैपी इत्यादि चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कीमोथ्रैपी की सुविधा जल्द आरम्भ होगी जबकि कैथ लैब की स्थापना में अभी लगभग दो महीने का समय लगेगा। इसके उपरांत 40 करोड़ रुपये की लागत से कैंसर टर्सरी सैंटर का निर्माण भी किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में एनएबीएल के मापदण्डों के अनुसार चिकित्सा सुविधाएं और लैबोरट्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 

Suvash Chandra Choudhary

Editor-in-Chief

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