इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया और सैमसंग के बीच समझौता

Font Size

-3,000 से अधिक बेरोजगार युवाओं को एआई, आईओटी, बिगडाटा और कोडिंग में प्रशिक्षण देने का लक्ष्य 

-दुनिया में प्रतिभाशाली व कुशल भारतीयों की मांग बढ़ी : राजीव चंद्रशेखर

नई दिल्ली :  सरकार की स्किल इंडिया पहल के हिस्से के रूप में, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई) ने आज सैमसंग इंडिया के साथ एक स्किलिंग पहल के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया . इसका उद्देश्य युवाओं की उद्योग प्रासंगिक कुशलता का विकास कर उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

कार्यक्रम, ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ का उद्देश्य भविष्य की तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बिग डेटा और कोडिंग और प्रोग्रामिंग में 18-25 वर्ष की आयु के 3,000 से अधिक बेरोजगार युवाओं की कुशलता का विकास करना है।

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा अनुमोदित संस्था ईएसएससीआई अपने अनुमोदित प्रशिक्षण और शिक्षा भागीदारों के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से इस कार्यक्रम को क्रियान्वित करेगी।

इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय में राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कौशल विकास का यह कार्यक्रम केवल युवाओं को रोजगार योग्य कौशल से लैस ही नहीं करेगा, बल्कि यह उनके रोजगार प्राप्‍त करने की क्षमता में वृद्धि कर उनके लिए समृद्धि के द्वार खोलने का कार्य करेगा। कौशल विकास जितना अधिक रोजगारोन्मुखी होगा, उतना ही यह छात्रों और युवा भारतीयों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि कौशिल विकास पर जोर देकर सरकार न सिर्फ युवाओं को तेजी से डिजिटाइज्ड हो रहे विश्‍व में अवसरों का दोहन करने के अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि उसका जोर भारत को टैलेंट पूल बनाने पर है। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और दुनिया भर में प्रतिभाशाली और कुशल भारतीयों की मांग बढ़ रही है।

मंत्री ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और मंत्रालय से स्थायी समाधान के लिए उद्योग और कौशल इकोसिस्‍टम के बीच घनिष्ठ भागीदारी विकसित करने की योजना बनाने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्‍पना है कि प्रत्येक भारतीय के लिए डिजिटल अवसर समान रूप से उपलब्ध होना चाहिए। श्री चंद्रशेखर ने कहा कि टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी न केवल प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ बल्कि विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ भी इस दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

युवा भारतीयों को कुशल और सशक्त बनाने के लिए ईएसएससीआई के साथ सैमसंग की इस पहल का स्वागत करते हुए, उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि सैमसंग “भारत और भारतीयों के लिए एक अच्छा भागीदार बनना चाहता है। उन्‍होंने सैमसंग और ईएसएससीआई से अपना यह कार्यक्रम टियर 2 और टियर 3 शहरों तक ले जाने की अपील की, ताकि उन इलाकों के हजारों छात्रों को कुशलता विकास के अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।

सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और सीईओ श्री केन कांग और ईएसएससीआई की सीओओ डॉ. अभिलाषा गौड़ ने समझौता पत्र पर हस्‍ताक्षर किए।

इस अवसर पर मौजूद अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्तियों में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव श्री अतुल कुमार तिवारी, एनएसडीसी के सीओओ वेद मणि तिवारी और ईएसएससीआई के अध्यक्ष अमृत मनवानी , सैमसंग इंडिया के उप प्रबंध निदेशक पीटर री और सैमसंग इंडिया सीएसआर प्रमुख पार्थ घोष शामिल थे।

Leave a Reply

You cannot copy content of this page

%d bloggers like this: