संदेह का लाभ देते हुए हत्या केआरोपियों को कोर्ट ने किया बरी

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सबूतों के अभाव में ओर केस तकनीकी खामियों के कारण संदेह का लाभ देते हुए हत्या केआरोपियों को कोर्ट ने किया बरी

गुरुग्राम :  गुरुग्राम जिला के अतिरिक्त जिला एवम सत्र न्यायधीश की कोर्ट ने हत्या के एक मामले में दोषियों को सबूतों के अभाव और  तकनीकी खामियों के कारण बरी कर दिया।

थाना सिविल लाइन में शिकायतकर्ता न्यू शांति नगर निवासी रेशमा देवी जो मृतक की पत्नी थी, की शिकायत के अनुसार उसके पति सुरेंद्र राणा एक निजी कंपनी में कर्मचारी थे। जो कि 28 जुलाई 2017 को प्रातः 10-30 बजे अपनी निजी कार से अपने बेटे के आरएमएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर 15 में फीस जमा करवाने के लिए गया था। जब मेरे पति सेक्टर 15 से पटवार भवन के आसपास पहुंचे ही थे कि अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। सूचना मिलने पर थाना सिविल की पुलिस ने मेरे पति की बॉडी को सिविल हस्पताल में भिजवाया।

शिकायतकर्ता के अनुसार उसने एक मुकदमा 775/16 धारा 323, 452 आईपीसी व 25,54, 59 आर्म एक्ट थाना शहर गुरुग्राम में सतपाल पहलवान निवासी जोनधि जिला झज्जर व बाला देवी निवासी सुखराली के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया हुआ है जो मुझे व मेरे पति कोर्ट में मेरे खिलाफ अगर गवाही दोगे तो जान से मारने की धमकी देते रहते थे। जिन्होंने आज मेरे पति को सतपाल पहलवान ओर बाला देवी ने मेरे पति को दिनदहाड़े चलती सड़क पर गोलियों से छलनी कर दिया।शिकायतकर्ता रेशमा देवी ने बताया कि जब मेरे पति की हत्या की गई तो उसके पास उनकी लाइसेंसी पिस्टल ओर 50 हजार रुपये भी थे जो बेटे की फीस के लिए थे ,जो गयाब थे।

पुलिस ने शिकायत पर कार्यवाही करते हुए एफआईआर धारा अधीन 302/34 आईपीसी 25/54/59 आर्म एक्ट दर्ज करके मामले का अनुसंधान करने की जिम्मेवारी स्वम् सिविल लाइन प्रभारी इंस्पेक्टर कर्मवीर सिंह द्वारा की गई। तफ्तीश के दौरान 3/8/2017 को मामले में दोशियान सतपाल पुत्र धर्मबीर निवासी जोनधि व रविंदर उर्फ कैंडीमैन पुत्र सुरेश निविसी बिसान झज्जर व अरोपिय बाला पत्नी अशोक निविसी सुखराली के खिलाफ सबूत काबिले गिरफ्तारी मिलने पर गिरफ्तार किया गया व हत्या में प्रयोग की गई गाड़ी , डबल बैरल गन, मृतक के रुपये, आर्म लाइसेंस व पर्स दोशियान से बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार चौथा आरोपी रोहित उर्फ भीमा पुत्र पवन सिंह निवासी दूबलधन जिला झज्जर जो कि मृतक सुरेंद्र राणा की ही पिस्टल से उसी की हत्या करके पिस्टल लेकर भाग गया था, एक अन्य मामले में चौथे आरोपी रोहित ने मृतक की ही पिस्टल से बेरी पुलिस पर फायर किए और मुठभेड़ के दौरान चौथा आरोपी रोहित को बेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, अपनी डिस्क्लोजर बयान में चौथे आरोपी रोहित ने बेरी पुलिस को बताया कि उसने गुरुग्राम में इसी पिस्टल से सुरेंद्र राणा नाम के आदमी की हत्या की है, सूचना मिलने पर गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी को सुरेंद्र राणा की हत्या के केस में गिरफ्तार किया।

कोर्ट कार्यवाही के दौरान सरकारी वकील की ओर से 25 गवाहों को दोशियान के खिलाफ कोर्ट पेश किया गया और अपने केस को कोर्ट में साबित करने का भरसक प्रयास किया। गवाहों के परीक्षण के समय व केस में जिरह के वक्त बचाव पक्ष के फौजदारी वकील वरिष्ठ अधिवक्ता हरकेश शर्मा ने केस में तकनीकी खामियों ओर सबूतों के अभाव की जोरदार दलीलें माननीय अदालत के समक्ष पेश की। तकनीकी खामियों ओर सबूतों के अभाव के कारण पुलिस और सरकारी वकील मुकदमे को अदालत में साबित नही कर पाए। बचाव पक्ष के वकील हरकेश शर्मा की जिरह ओर दलीलों को सुनने के बाद माननीय अदालत ने केस में सबूतों के अभाव व तकनीकी खामियों के कारण दोशियान को संदेह का लाभ देते हुए बा-इज्जत बरी कर दिया।

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