गुरुग्राम के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में आज से शुरू हुआ आषाढ़ मेला

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– सभी श्रद्धालुओं को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सघन जांच के बाद दी गई मंदिर परिसर में एंट्री
– कोरोना के चलते दर्शनों का समय प्रातः 5 से रात्रि 10 बजे तक है निर्धारित 
– आज से ऑनलाइन आरती भी शुरू की गई
गुरुग्राम, 25 जून। गुरुग्राम के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में शुकवार 25 जून से आषाढ़ मेला शुरू हो गया है। आज से शुरू हुआ यह मेला 24 जुलाई तक चलेगा। कोरोना संक्रमण के  चलते पहले दिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए दर्शनों का समय प्रातः 5 बजे से रात 10 बजे तक रखा गया है।
मंदिर अधिकारी यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि आज भीड़ कम होने की वजह से श्रद्धालुओं ने बिना किसी असुविधा के माता शीतला के दर्शन किए। उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान इसके संक्रमण ने जिस प्रकार से अपना असर दिखाया है, यह भी एक कारण है जिसके चलते मेले में पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। हालांकि  मंदिर प्रशासन को सोमवार से श्रद्धालुओं के संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
श्री शर्मा ने कहा कि आज दर्शनों के लिए आए सभी श्रद्धालुओं को कोविड प्रोटोकॉल की पालना करवाते हुए शीतला माता के दर्शन करवाये गए।
उन्होंने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए श्रद्धालुओं का मंदिर में दर्शनों का समय प्रातः 5:00 बजे से रात को 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। दर्शनों के समय हरियाणा पुलिस, होमगार्ड, प्राइवेट सिक्योरिटी के कर्मियों के अलावा वॉलिंटियर भी यह सुनिश्चित कर रहे है  कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित कोरोना प्रोटोकॉल की दृढ़ता से पालना हो, जिसमें मुख्य रुप से सभी का ठीक ढंग से मास्क पहनना, एक दूसरे के बीच उचित दूरी और हाथों को सैनिटाइज करना शामिल है। श्री यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि हम बार-बार लोगों से यही अपील कर रहे हैं कि आषाढ़ मेले के दौरान आप दर्शनों के समय का ध्यान रखें और कोरोना से बचाव उपाय अपनाकर स्वयं को महामारी से बचाएं तथा दूसरों को भी सुरक्षित रहने में मदद करें।
 उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन अपनी तरफ से पूरी सावधानी बरतते हुए चल रहा है, साथ में मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भी बचाव उपायों के बारे में जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आषाढ़ मेले में  आ रहे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना ना करना पड़े और वह सुरक्षित रहते हुए माता शीतला के दर्शन करके उनका आशीर्वाद लेकर सुरक्षित ही अपने घरों को लौटे।
 उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए पुल पर चढ़ते समय हर श्रद्धालु के शरीर के तापमान की थर्मल स्कैनर से जांच की जा रही है। जांच के दौरान बुखार आदि के लक्षण दिखाई देने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नही है।
उन्होंने कहा कि आषाढ़ मेले के दौरान मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए कोविड प्रोटोकाॅल की पालना अनिवार्य की गई है।  सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए मंदिर में गोलदारे बनाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं में उचित दूरी बनी रहें। इसके अलावा, मेले  में मंदिर में कोविड प्रोटोकाॅल की पालना को लेकर समय समय पर अनाउंसमेंट भी करवाई जा रही है।इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में अलग से डिस्पेंसरी भी संचालित की जा रही है।
इस अवसर पर मंदिर प्रबंधन ने  मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा मंदिर में प्रवेश करने के लिए मुँह पर मास्क लगाना व 2 गज की दूरी बनाए रखना अनिवार्य  है। उपरोक्त किसी भी बिंदु का उल्लंघन होने पर मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नही दी जाएगी।
कोरोना संक्रमण के चलते जो श्रद्धालु मेले में आने में असमर्थ है।उनकी सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन ने शीतला माता की ऑनलाइन आरती का भी प्रबंध किया  है जोकि प्रतिदिन सुबह और शाम को 6:00 बजे ‘खबरें अभी तक’ चैनल पर प्रसारित की जा रही है।

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