हरियाणा को ‘डाटा सेंटर हब’ के रूप में विकसित करने के लिए नई ‘डाटा सेंटर पॉलिसी’ बनेगी

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चंडीगढ़ :  हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार हरियाणा में निवेश एवं रोजगार बढ़ाने के लिए निरंतर नए-नए अवसर पैदा कर रही है, इस दिशा में प्रदेश सरकार ने एक और मजबूत कदम बढ़ाते हुए हरियाणा को ‘डाटा सेंटर हब’ के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द नई ‘डाटा सेंटर पॉलिसी’ लेकर आएगी और ताकि विदेशी कंपनियां प्रदेश में डाटा-सेंटर खोलने के लिए आकर्षित हों।

उपमुख्यमंत्री, जिनके पास उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का प्रभार भी है, ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक करके कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से ‘डाटा सेंटर पॉलिसी’ के गठन के लिए सुझाव भी लिए।

बैठक के बाद श्री चौटाला ने बताया कि उद्योगों में डाटा सेंटर एक नया क्षेत्र है, इससे राज्य को निवेश एवं रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि नई डाटा सेंटर पॉलिसी बनने से फरीदाबाद, साइबर सिटी गुरुग्राम जैसे हरियाणा के बड़े शहरों में डाटा सेंटरों को और बढ़ावा मिलेगा। यही नहीं मुंबई जैसे बड़े शहरों से भी डाटा सेंटरों को हरियाणा में लाने के लिए आकर्षित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कई विदेशी कंपनियां भारत में अपना डाटा सेंटर बनाना चाहती हैं। प्रदेश सरकार राज्य को देश का एक बड़ा डाटा सेंटर के हब के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए प्रदेश सरकार नई पॉलिसी बना रही है, उसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इस नई पॉलिसी के लिए देश की जानी-मानी करीब डेढ़ दर्जन बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के सुझाव भी लिए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जिस तेजी से विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है, उससे उन्हें उम्मीद है कि आगामी जुलाई माह में ‘डाटा सेंटर पॉलिसी’ तैयार हो जाएगी और उसके बाद इसको लागू कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव विजयेंद्र कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग के प्रधान सचिव  विनीत गर्ग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक साकेत कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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