सेन्ट्रल विस्टा एवेन्यू का काम शुरू , कई सुधार किये गये

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नई दिल्ली : सेन्ट्रल विस्टा एवेन्यू का भूमि पूजन समारोह आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी, द्वारा किया गया। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव, दुर्गा शंकर मिश्रा, केंद्रीय निर्माण विभाग के महानिदेशक और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इंडिया गेट, नई दिल्ली में आज इस समारोह के साथ, सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के विकास / पुनर्विकास के लिए काम शुरू हो गया है। सेंट्रल विस्टा एवेन्यू उत्तर और दक्षिण ब्लॉक से इंडिया गेट तक शुरू होता है, जिसमें राजपथ, इसके आसपास के लॉन और नालियां (केनाल), पेड़ की कतारें, विजय चौक और इंडिया गेट प्लाजा सहित एक 3 किलोमीटर लंबा खंड है। यह मूल रूप से ब्रिटिश राज के दौरान वायसराय हाउस के लिए एक भव्य जुलूस मार्ग के रूप में बनाया गया था। यह भारत की स्वतंत्रता पर भारत के लोगों और उनकी सरकार द्वारा विनियोजित किया गया था।

 स्वतंत्रता के बाद सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में कुछ संशोधन कर इस जगह का परिदृश्य बदल दिया गया था। पेड़ों की नई पंक्तियों को 1980 में जोड़ा गया था, उत्तर-दक्षिण सम्पर्क में सुधार के लिए एक नई सड़क रफी अहमद किदवई मार्ग का निर्माण किया गया था। प्रतिवर्ष इस एवेन्यू पर वार्षिक गणतंत्र दिवस समारोह (आरडीसी) आयोजित किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, भारतीय खाद्य उत्सव, पर्यटन पर्व, ओडिया पार्व और पराक्रम पर्व जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी यहां प्रतिवर्ष आयोजित किए जाते हैं। इसमें बहुत ऊंचे पदयात्रा चिन्ह हैं। यह दिल्ली में सबसे अधिक बार देखी जाने वाली जगह और महत्वपूर्ण पर्यटक आकर्षण केंद्र है। हालाँकि, इसमें शौचालय, रास्ते, निर्दिष्ट वेंडिंग ज़ोन, पार्किंग, उचित प्रकाश व्यवस्था, संकेतक आदि जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का अभाव है। इसके लॉन और पानी की नहरें ख़राब हालत में हैं क्योंकि इनकी व्यवस्था बडे  सार्वजनिक उपयोग के लिए नहीं की गई थी और अब इन पर अधिक ज़ोर पड़ने लगा है। गणतंत्र दिवस की व्यवस्था में लंबा समय लगता है और उस दौरान अधिकांश क्षेत्र जनता के लिए दुर्गम हो जाते हैं।

सरकार ने सेंट्रल विस्टा के व्यापक परिवर्तन के हिस्से के रूप में और सुधार करके इन्हें पुनर्निर्मित करने का निर्णय लिया है। प्रस्ताव का उद्देश्य एवेन्यू को एक ऐसा प्रतीक बनाना है जो सही मायने में न्यू इंडिया को प्रदर्शित करता है। यह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में से एक होगा। यह लक्ष्य इस जगह के परिदृश्य और वृक्षों के आवरण को पुनर्जीवित करने, मजबूत करने और बहाल करने के द्वारा प्राप्त किया जाएगा। इस परियोजना में ऐसी सुविधाएं प्रदान करना है जो नागरिक उपयोगकर्ताओं और पर्यटकों को उपयोग करने के लिए आरामदायक बनाती हैं और यह अधिक पैदल चलने वालों को अनुकूल और यातायात के लिए उपयोग करने में आसान बनाता है। यह डिज़ाइन विक्रेताओं के लिए स्थान और सुविधाएं भी प्रदान करता है, यह सुनिश्चित करता है कि राष्ट्रीय घटनाओं के लिए व्यवस्था के दौरान आम लोगों को न्यूनतम व्यवधान पैदा करे है, और विस्टा की ज्यामितीयता और इसके वास्तुशिल्प चरित्र और इसके मूल नक्शे की अखंडता और निरंतरता सुनिश्चित करती है। 

सरकार ने 10 नवंबर, 2020 को  608 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के विकास के लिए एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके लिये दिल्ली शहरी कला आयोग, विरासत संरक्षण समिति, केंद्रीय विस्टा समिति, स्थानीय निकाय आदि से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को इस महत्वपूर्ण कार्य को करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। सीपीडब्ल्यूडी द्वारा विकास के चरण- एक का कार्य प्रमुख निर्माण कंपनियों मेसर्स शापूरजी पल्लोनजी कंपनी (प्राइवेट) लिमिटेड को 477 करोड़ रुपये की लागत के साथ 08.01.2021 को प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से प्रदान किया गया है और आज दिनांक 04.02.2021 इस पर काम शुरू किया जा रहा है।

चरण -1 के तहत विकास कार्य के निम्नलिखित घटक शामिल हैं;

▪ भू-सौंदर्यीकरण और लॉन का पुनर्निर्माण। हरित क्षेत्र को 3,50,000 वर्गमीटर से बढ़ाकर लगभग 3,90,000 वर्गमीटर किया जा रहा है। उचित सिंचाई प्रणाली प्रदान की जाएगी

▪ आगंतुकों और पर्यटकों के लिए 10 स्थानों पर शौचालय, पीने के पानी की सुविधा और वेंडिंग क्षेत्र के साथ उचित सार्वजनिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

▪ पैदल यत्रियो के लिये राजपथ के साथ जनपथ और सी-हेक्सागन चौराहे पर उपलब्ध कराए जा रहे अंडरपास के साथ इसे और अधिक अनुकूल बनाया जा रहा है।

▪ राजपथ, नालियों के साथ पर्याप्त पैदल मार्ग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 12 उपयुक्त स्थानों पर पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं के साथ बेहतर सम्पर्क सुनिश्चित करने के लिए नहरों पर निम्न स्तर के पुलों के साथ लॉन के साथ रास्ते पर पैदल मार्ग प्रदान किए जा रहे हैं।

▪ नहरों को समुचित तरीके से पुनर्निर्मित किया जा रहा है और पानी को साफ रखने के लिए एरेटर प्रदान किए जा रहे हैं।

▪ अपशिष्ट जल के पुनर्चक्रण के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट।

▪ कारों, दो पहिया वाहनों, बसों आदि के लिए पर्याप्त पार्किंग की जगह।

▪ संकेतक, प्रकाश की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, ड्रेनेज, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर सप्लाई सिस्टम।

▪ गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान अस्थायी बैठने की व्यवस्था की स्थापना और हटाने के लिए लगने वाले समय को कम करने के लिए फोल्डिंग सीट पर बैठने की व्यवस्था।

जल संरक्षण और जल के उचित उपयोग पर ध्यान देने के साथ निर्माण / रेट्रोफिटिंग कार्य के दौरान पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए पर्याप्त उपाय किए जाएंगे।

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