पीएम मोदी ने 9 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18,000 करोड़ रुपये डाले : विपक्ष पर दोगली राजनीति करने का आरोप लगाया

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज एक बटन दबाकर 9 करोड़ से अधिक किसान लाभार्थियों के खातों में 18,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित की। इस अवसर देश के किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने किसी कानून को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने के लिए विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा की विपक्ष पंजाब के किसानों को झूठी सूचना देकर भड़का रहे हैं लेकिन उन्हें केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के किसानों की चिंता नहीं है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि अगर वह किसान हितेषी हैं तो फिर केरल में एपीएमसी व्यवस्था लागू करने के लिए आंदोलन करें और पश्चिम बंगाल के किसानों को किसान सम्मान निधि से वंचित रखने वाली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करें।

पीएम मोदी ने 9 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18,000 करोड़ रुपये डाले : विपक्ष पर दोगली राजनीति करने का आरोप लगाया 2

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर देश के किसानों को कृषि कानून से होने वाले फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा एपीएमसी व्यवस्था समाप्त होने की आशंका पैदा करने वाले बयानों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा की तीन कृषि कानूनों से एपीएमसी व्यवस्था समाप्त नहीं होने जा रही बल्कि एक और वैकल्पिक व्यवस्था किसानों के सामने होगी। किसान चाहे मंडी में अपना अनाज बेचें या फिर मंडी के बाहर किसी व्यापारी को। जहां उन्हें मुनाफे का सौदा दिखे वहां जाने की उनके लिए छूट होगी। किसान चाहें तो अपने अनाज को दूसरे राज्यों में भी बेच सकते हैं। यहां तक कि स्वयं निर्यात भी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज देश के 9 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधे, एक क्लिक पर 18 हज़ार करोड़ रुपए जमा हुए हैं। जब से ये योजना शुरू हुई है, तब से 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं।

कांग्रेस पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि स्वार्थ की राजनीति करने वालों को जनता बहुत बारीकी से देख रही है। जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते वो दल यहां किसान के नाम पर दिल्ली के नागरिकों को परेशान करने में लगे हुए हैं, देश की अर्थनीति को बर्बाद करने में लगे हुए हैं।

विपक्ष पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते, वो यहां दिल्ली में आकर किसान की बात करते हैं।इन दलों को आजकल APMC- मंडियों की बहुत याद आ रही है।लेकिन ये दल बार-बार भूल जाते हैं कि केरला में APMC- मंडियां हैं ही नहीं। केरला में ये लोग कभी आंदोलन नहीं करते। भोले भाले किसान कभी कभी इनकी बातों में आकर गुमराह हो जाते हैं। ये लोग लोकतंत्र के किसी पैमाने को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। इन्हें सिर्फ अपना लाभ और स्वार्थ नजर आ रहा है।

उन्होंने पार्टी का नाम लिए बिना कहा कि राजनीतिक विचारधारा वाले लोग भांति-भांति के मुद्दों को किसानों के नाम पर उछाल रहे हैं। आंदोलन की शुरुआत में किसानों की कुछ ही मांगे थीं, और जब राजनीतिक विचारधारा वाले लोग आएं तो आज ये लोग हिंसा के आरोपियों को जेल से छुड़ाने की मांगे कर रहे हैं।

उनका कहना था कि हमने लक्ष्य बनाकर काम किया कि देश के किसानों का Input Cost कम हो। सॉयल हेल्थ कार्ड, यूरिया की नीम कोटिंग, लाखों सोलर पंप की योजना, इसीलिए शुरू हुई।सरकार ने प्रयास किया कि किसान के पास एक बेहतर फसल बीमा कवच हो। आज करोड़ों किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने बल देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने प्रयास किया कि देश के किसान को फसल की उचित कीमत मिले। हमने लंबे समय से लटकी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, लागत का डेढ़ गुना MSP किसानों को दिया। पहले कुछ ही फसलों पर MSP मिलती थी, हमने उनकी भी संख्या बढ़ाई।

किसी कानून की खासियत का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि हम इस दिशा में भी बढ़े कि फसल बेचने के लिए किसान के पास सिर्फ एक मंडी नहीं बल्कि नए बाजार हो। हमने देश की एक हजार से ज्यादा कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा। इनमें भी एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हो चुका है।

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की चर्चा करती हुई उनका कहना था कि हमने एक और लक्ष्य बनाया कि छोटे किसानों के समूह बनें ताकि वो अपने क्षेत्र में एक सामूहिक ताकत बनकर काम कर सकें। आज देश में 10 हजार से ज्यादा किसान उत्पादक संघ- FPO बनाने का अभियान चल रहा है, उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है।

केंद्र सरकार की ओर से किसानों को दी जा रही सुविधाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया । उन्होंने कहा कि आज देश के किसान को अपना पक्का घर मिल रहा है, शौचालय मिल रहा है, साफ पानी का नल मिल रहा है।यही किसान है जिसे बिजली के मुफ्त कनेक्शन, गैस के मुफ्त कनेक्शन से बहुत लाभ हुआ है।आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज ने उनके जीवन की बड़ी चिंता कम की है।

किसानों को यह कहते हुए उन्होंने आश्वस्त करने की कोशिश की कि इन कृषि सुधार के जरिए हमने किसानों को बेहतर विकल्प दिए हैं। इन कानूनों के बाद आप जहां चाहें जिसे चाहें अपनी उपज बेच सकते हैं। आपको जहां सही दाम मिले आप वहां पर उपज बेच सकते हैं।

एपीएमसी को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम की स्थिति साफ करने की दिशा में स्पष्ट किया कि आप न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर अपनी उपज बेचना चाहते हैं? आप उसे बेच सकते हैं।आप मंडी में अपनी उपज बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं।आप अपनी उपज का निर्यात करना चाहते हैं ? आप निर्यात कर सकते हैं।आप उसे व्यापारी को बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं ।

उनका कहना था कि किसी कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके आधार पर एपीएमसी को बंद किया जाएगा बल्कि आप अपनी उपज दूसरे राज्य में बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं। आप एफपीओ के माध्यम से उपज को एक साथ बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं। आप बिस्किट, चिप्स, जैम, दूसरे कंज्यूमर उत्पादों की वैल्यू चेन का हिस्सा बनना चाहते हैं? आप ये भी कर सकते हैं। सरकार किसान के साथ हर कदम पर खड़ी है, अगर किसी वजह से किसान की उपज बर्बाद हो जाती है तो भी एग्रीमेंट करने वाले को उस किसान को पैसा देना पड़ेगा।

किसानों की जमीन बड़े उद्यमियों द्वारा हड़पने की आशंका को निर्मूल बताते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि अब जब कोई किसान के साथ एग्रीमेंट करेगा, तो वो ये भी चाहेगा कि उपज अच्छी से अच्छी हो। इसके लिए एग्रीमेंट करने वाला, किसानों को अच्छे बीज, आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरण और विशेषज्ञता हासिल करने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि जिनके साथ किसानों का एग्रीमेंट होगा वह अच्छी उपज के लिए सुविधाएं किसानों को उपलब्ध कराएगा। एग्रीमेंट करने वाला व्यक्ति बाजार के ट्रेंड से पूरी तरह वाकिफ रहेगा और उसी के अनुरूप हमारे किसानों को बाजार की मांग के हिसाब से काम करने में मदद करेगा।

खेती की दृष्टि से आर्थिक मदद देने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कुछ महीनों में करीब 2.5 करोड़ छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा गया है। हम मछली पालकों, पशुपालकों को भी अब किसान क्रेडिट कार्ड दे रहे हैं।

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