गुडग़ांव प्रदेश में सबसे अधिक कोरोना टेस्टिंग वाला जिला बनने जा रहा है , औद्योगिक क्षेत्रों में हो रही है श्रमिकों की जांच

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अनलॉक-3 का 20वां दिन : उद्यमी भी प्रशासन को कर रहे हैं पूरा सहयोग
कोरोना संक्रमितों की संख्या होती जा रही है दिन-प्रतिदिन कम
सामाजिक दूरी का पालन करने से कतराने लगे हैं लोग


गुडग़ांव, 20 अगस्त : जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती दिखाई दे रही है। यह सब जिला प्रशासन की
कार्यकुशलता का ही परिणाम है कि कोरोना संक्रमित जहां कम संख्या में आ रहे हैं वहीं कोरोना का रिकवरी रेट भी बढ़ता ही जा रहा है। इस सबसे ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में गुडग़ांव जिला कोरोना मुक्त हो ही जाएगा।


जिला प्रशासन ने संभावित कोरोना मरीजों की जांच कराने के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में निशुल्क कोरोना जांच शिविरों का आयोजन कर कोरोना संक्रमितों का पता लगाया और उनका उपचार कर उन्हें स्वस्थ भी किया। आने वाले कुछ ही दिनों में गुडग़ांव जिला प्रदेश में सबसे अधिक कोरोना टेस्टिंग करने वाला जिला बन जाएगा, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। औद्योगिक क्षेत्र मानेसर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही थी। जिला प्रशासन ने इस औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों के साथ मिलकर कोरोना की जांच कराने का बीड़ा उठाया हुआ है।


औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना जांच शिविरों का आयोजन उद्यमियों के सहयोग से किया जा रहा है। कोरोना की जांच के लिए जो जांच किट इस्तेमाल की जा रही है, इसका खर्चा संबंधित उद्योग द्वारा ही उठाया जा रहा है। इन जांच शिविरों मे अगले माह तक 25-30 हजार कर्मचारियों की कोरोना जांच करने का लक्ष्य जिला प्रशासन ने निर्धारित किया है। इतना ही नहीं जिला प्रशासन ने अगले 2-3 माह में औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारियों की कोरोना जांच कराने का लक्ष्य रखा है।

उद्यमी भी प्रशासन के इस अभियान को पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जितनेअधिक टेस्ट होंगे, उतनी जल्दी ही कोरोना को हराया जा सकता है। जांच में जो कोरोना संक्रमित मिलेंगे, उनका उपचार शीघ्र ही शुरु करा दिया जाएगा और उन्हें अलग रखना भी जरुरी है, ताकि कोरोना के प्रकोप को बढऩे से रोका जा सके। अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी इस प्रकार की व्यवस्था की जाएगी। कंटेनमेंट जोन के नए आदेश भी जारी कर दिए हैं। अब जिले में केवल 7 कंटेनमेंट जोन ही हैं।

शहरवासियों के दिलों से अब कोरोना का भय निकलता स्पष्ट दिखाई देने लगा है। तभी तो अनलॉक-3 के 20वें दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शहरवासी आवागमन करते दिखाई दिए। अपनी आवश्यकता व जरुरी काम से लोगों ने अपने घरों से निकलना शुरु कर दिया है। फेस मास्क का इस्तेमाल तो अधिकांश लोग कर रही रहें, लेकिन सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है।

शहर के मुख्य सदर बाजार व साथ लगते अन्य बाजारों में भी लोग सामाजिक दूरी का पालन करते नहीं दिखाई दे रहे हैं। हालांकि शॉपिंग मॉल्स व जिम आदि में सामाजिक दूरी का पालन हो रहा है। जिला प्रशासन ने भी सभी से आग्रह किया है कि कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए, ताकि इस संक्रमण से बचा जा सके।

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