मनोहर लाल केबिनेट ने लिए एक दर्जन बड़े फैसले : उद्योग में स्थानीय युवाओं के लिए 75 % नौकरी

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सुभाष चौधरी

चंडीगढ़, 6 जुलाई :  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इनमें ट्रस्टों / निजी संस्थानों को सामाजिक या धार्मिक/ धर्मार्थ उद्देश्य के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग की भूमि के आबंटन हेतु नीति को स्वीकृति प्रदान करने और उद्योग में स्थानीय युवाओं के लिए 75 प्रतिशत नौकरियाँ आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी देना शामिल है. आज की बैठक में कालका और पिंजौर क्षेत्रों को नगर निगम, पंचकूला की सीमाओं से अलग करने , नगर परिषद, कालका के गठन की स्वीकृति प्रदान करने, ट्रेफिक चालन की अधिकतम राशि 2000 रु तक वसूलने का अधिकार देने का निर्णय भी लिया गया.

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार और शहरी स्थानीय निकाय विभाग को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक उद्देश्यों के लिए शहरी स्थानीय निकाय भूमि के आबंटन हेतु विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक समूहों व धर्मार्थ संस्थानों से आवेदन / प्रतिवेदन प्राप्त हो रहे थे।

 

 मुंख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों, बोर्डों, प्राधिकरणों, पालिकाओं आदि की भूमि सार्वजनिक, वाणिज्यिक व सामाजिक उद्देश्यों के लिए केंद्र, राज्य सरकार, अर्ध-सरकारी विभाग, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य एजेंसियों को बेचने या पट्टïे पर देने के संबंध में सभी प्रासंगिक अधिनियमों के सभी प्रावधानों, नियमों, नीतियों, दिशा-निर्देशों का अध्ययन करने तथा इसमें एकरूपता लाने के लिए एक प्रारूप प्रस्ताव तैयार करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था।

 

विस्तृत परिचर्चा के बाद कमेटी द्वारा व्यापक मानकों के दृष्टिïगत सभी विभागों के लिए राजस्व विभाग द्वारा इस संबंध में एक पारदर्शी समान नीति बनाने की सिफारिश की गई थी। राजस्व विभाग द्वारा अधिसूचित नीति के अनुसरण में, शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा यह नीति तैयार की गई है। इसके अलावा, पिछले लगभग 10 वर्षों से अधिक समय से समाज के विभिन्न वर्गों से प्रदेश में बेसहारा पशुओं, जोकि शहरों व कस्बों तथा राजमार्गों पर दुर्घटनाओं का मुख्य कारण रहे हैं, को रखने के लिए उचित प्रबंध करने की मांग निरंतर की जा रही थी।

 

 नई नीति के अनुसार पूजा स्थल, सामुदायिक केंद्र, धर्मशाला, जंजघर, बारातघर आदि के लिए संबंधित शहरी स्थानीय निकाय की 3 हजार वर्ग मीटर तक भूमि दी जा सकेगी। इसके तहत, 2 हजार वर्ग मीटर तक बिक्री की अंतरिम दर कलेक्टर रेट का 50 प्रतिशत, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और इस पर अन्य आकस्मिक शुल्क लगाया जाएगा। इसी तरह, 2001-3000 वर्ग मीटर तक, कलेक्टर रेट का 100 प्रतिशत, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और इस पर अन्य आकस्मिक शुल्क लगाया जाएगा।

 

 शहरी स्थानीय निकायों की 5 एकड़ तक भूमि गौशालाओं, बेसहारा पशु प्रबंधन केंद्र व नंदीशाला के लिए आवंटित की जा सकेगी और किसी परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए, बिक्री की अंतरिम दर कलेक्टर रेट का 50 प्रतिशत, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और इस पर अन्य आकस्मिक शुल्क लगाया जाएगा।

नगर परिषद, कालका के गठन की स्वीकृति

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कालका और पिंजौर क्षेत्रों को नगर निगम, पंचकूला की सीमाओं से अलग करने और अलग नगर परिषद, कालका के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई। नगर निगम,पंचकूला से इसे अलग करके कालका एवं पिंजौर क्षेत्र के लिए एक सांझा नगर निकाय बनने से कालका और पिंजौर क्षेत्र के लोगों के लिए निकटतम स्थल पर विभिन्न पालिका सेवाओं का लाभ उठाना अत्यंत सुविधजनक होगा, जिससे समय, दूरी और लागत में कमी आएगी।

 

मौजूदा नगर निगम, पंचकूला का क्षेत्र अब 2 क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा। पंचकूला क्षेत्र में 21 गांव और पूर्ववर्ती नगर परिषद, पंचकूला का क्षेत्र शामिल होगा। पिंजौर के 22 गांवों में भगवानपुर, बिटना, धामला, इस्लाम नगर, लोहगढ़, सूरजपुर, मानकपुर देवीलाल, मानकपुर नानकचंद, मानकपुर ठाकरदास, राज्जीपुर, मोहबतपुर, मिल्क, गुमथला, भोगपुर, दमदमा, बिसावल, खेड़ा, माजरी जट्टïा, रामपुर सियूड़ी, वासुदेवपुरी, मीरपुर, बक्शीवाला और रायपुर शामिल हैं।

 

कालका के 21 गांवों भैरो की सैर, कांगुवाला, खेड़ा सीताराम, टी डांगरा, हंसुआ, टांगरा, हाकिमपुर, टांगरा हरिसिंह, टांगरा कलीराम, टांगरा कंगन, टांगरा साहू, टिपरा और माजरा महताब शामिल हैं।

 हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा नवगठित नगर निगमों का पहला चुनाव उनके गठन की तिथि से पांच वर्ष की निर्धारित सीमा से बढ़ाकर साढ़े पांच वर्ष के अंदर आयोजित करवाने के लिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 4(4) में संशोधन करने के लिए अध्यादेश जारी करने का भी निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि नगर निगम, सोनीपत के मामले में उक्त 5 वर्ष की अवधि 5 जुलाई, 2020 को पूरी हो गई है। वार्डबंदी तथा सीटों व वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, परंतु कोविड-19 महामारी के चलते नगर निगम, सोनीपत के चुनाव करवा पाना संभव नहीं है।

 

इस मामले में कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए, नवगठित नगरनिगमों के चुनाव उनके गठन की तिथि से साढ़े पांच वर्ष के अन्दर आयोजित करवाने के लिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 4(4) में संशोधन का निर्णय लिया गया है। चूंकि इस समय राज्य विधानसभा का सत्र नहीं है, इसलिए अध्यादेश के माध्यम से इस अधिनियम को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है, जिसे आगामी सत्र में राज्य विधानसभा के समक्ष रखा रखा जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति

 मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग भेषजिक (ग्रुप क) सेवा नियम, 2019 बनाने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। पहले, सरकार द्वारा मुख्यालय पर उप-निदेशक (फार्मेसी) का पद स्वीकृत करने बारे स्वीकृति जारी की गई थी। परंतु उस समय द्घितीय श्रेणी (ग्रुप ख) का कोई भी पद औषधाकारक तथा मुख्य औषधाकारक के कैडर में नहीं था और उप-निदेशक (फार्मेसी) के सेवा नियम भी तैयार नहीं थे। सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में मुख्य औषधाकारक के पद को तुरंत प्रभाव से द्वितीय श्रेणी (ग्रुप ख) घोषित किया गया था। इसलिए उप-निदेशक (फार्मेसी) का पद मुख्य औषधाकारक को पदोनति देकर भरा जा सकता है।

 

उप-निदेशक (फार्मेसी) का पद उंची जिम्मेवारी का है, जोकि राज्य में फार्मेसी सेवाओं का नवीकरण तथा आधुनिकीकरण करेगा और दवा देखभाल को योजना, प्रबन्ध व निगरानी के द्वारा बेहतर करेगा। उप-निदेशक (फार्मेसी) की सेवाएं राज्य में स्वास्थ्य और दवा सेवाओं की बेहतरी के लिए काम करेंगी, क्योंकि औषधाकारक एक तकनीकी अनुभवी चिकित्सा पेशेवर है। उप-निदेशक (फार्मेसी) का पद औषधाकारक, वरिष्ठï औषधाकारक, मुख्य औषधाकारक और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।

ट्रैफिक चालान की अधिकतम राशि तय

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में लॉकडाउन प्रतिबंधों के दौरान मोटर यान अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा जारी किए गए चालानों के प्रशमन (कंपाउंडिंग) का निर्णय लिया गया।

 

उल्लेखनीय है कि हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदेश में लॉकडाउन प्रतिबंधों के दौरान मोटर यान अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए 24 से 31 मार्च, 2020 तक की अवधि के दौरान अनेक वाहनों को इम्पाउंड किया गया। कोविड-19 महामारी के समय जन-शिकायतों तथा लॉकडाउन के चलते उपजे हालात के दृष्टिïगत, इन तीन श्रेणियों के वाहनों, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, से कम्पाउंडिंग फीस के तौर पर दुपहिया वाहन के लिए 500 रुपये, कार व जीप के लिए 1000 रुपये तथा परिवहन वाहनों के लिए 2000 रुपये की अधिकतम जुर्माना राशि वसूल की जा सकती है। इन उल्लंघनों के प्रशमन के लिए संबंधित आरटीए सचिवों को अधिकृत किया गया है।

 

नए रोजगारों का 75 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों के लिए

 

मंत्रिमंडल की बैठक में स्थानीय आबादी की बेरोजगारी की समस्या को प्राथमिकता आधार पर हल करने के मकसद से ‘हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार अध्यादेश, 2020’ लाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। अध्यादेश का प्रारूप जोकि मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में लाया जाएगा, हरियाणा में स्थित निजी तौर पर प्रबंधित कंपनियों, सोसाइटियों, ट्रस्टों, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्मों, पार्टनरशिप फर्मों आदि में 50 हजार रुपये प्रतिमाह से कम वेतन वाली नौकरियों के मामले में नए रोजगारों का 75 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों को मुहैया करवाएगा। हालांकि, नियोक्ता के पास एक जिले से केवल 10 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों की भर्ती का विकल्प होगा। यदि उद्योग की किसी विशिष्टï श्रेणी के लिए उपयुक्त स्थानीय उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते हैं तो छूट खंड का भी प्रावधान किया जाएगा।

 

राज्यपाल और उसके पश्चात भारत के राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद, इससे प्रदेश में समान सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय उम्मीदवारों के कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे उनकी रोजगार क्षमता बेहतर होगी और इस प्रकार न केवल हरियाणा की स्थानीय आबादी को लाभ होगा बल्कि नियोक्ता भी स्थानीय भर्ती के लिए प्रोत्साहित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।

 

स्थानीय स्तर पर उपयुक्त कार्यबल की उपलब्धता से उद्योगों/ वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की दक्षता में भी निश्चित रूप से वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने कम भुगतान वाली नौकरियों में भी स्थानीय उम्मीदवारों को तरजीह देने का निर्णय लिया है क्योंकि यह सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण की दृष्टि से आवश्यक है और ऐसी कोई भी प्राथमिकता जनसाधारण के हित में होगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री @mlkhattar
ने आज कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित किया। इसमें उन्होंने बैठक में लिए गए अहम निर्णयों की जानकारी दी।

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