आपसी सहयोग से हम वैश्विक खतरों का सामना करने में होंगे सक्षम: राजनाथ सिंह

Font Size

जयपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि भारत, रूस, चीन और मध्य एशिया के अन्य देशों के बीच सहयोग आने वाले दिनों में और मजबूत होगा और वे आपसी सहयोग से वैश्विक खतरों का सामना करने में सक्षम होंगे। सिंह जैसलमेर में पांचवीं अंतरराष्ट्रीय आर्मी स्काउट मास्टर्स प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता में भारत के साथ साथ रूस, चीन, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाखस्तान, सूडान और उज्बेकिस्तान की टीमों ने भाग लिया। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में हमारा और आपका साथ और अधिक बढ़ेगा। हम आपसी सहयोग बढ़ाकर एक साथ विश्व की कठिन चुनौतियों तथा खतरों का सामना करने में सक्षम बनेंगे और साथ ही भविष्य में हमें आपसी संबंध बढाने के और भी मौके मिलेंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रतिभागी देशों के परस्पर रिश्ते और गहरे होंगे। वैसे इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी देशों के साथ हमारे पहले से ही मित्रतापूर्ण रिश्ते रहे हैं। रक्षा मंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले देशों के साथ रिश्तों का भी जिक्र किया। सिंह ने कहा कि रूस के साथ तो भारत के लंबे समय से बहुत ही गहरे रणनीतिक रिश्ते भी रहे हैं। वहीं चीन के साथ हम द्विपक्षीय अभ्यास हैंड इन हैंड में भाग लेते हैं जिससे हमें एक दूसरे के बारे में बेहतर समझ बनाने में बहुत सहयोग मिलता है।इसी तरह मध्य एशिया के सभी देशों बेलारूस, अर्मेनिया, कजाखस्तान और उज्बेकिस्तान के साथ हमारे ऐतिहासिक रिश्ते रहे हैं जिनमें व्यापारिक तथा सांस्कृतिक रिश्ते शामिल हैं।

उन्होंने प्रतियोगिता की विजेता टीमों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत भी मौजूद थे। एक सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि भारत की टीम ने प्रतियोगिता के पांच चरणों में से प्रथम चार चरणों में पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि पांचवे चरण में भारत की टीम दूसरे स्थान पर और उज्बेकिस्तान प्रथम स्थान पर रहा। आठ देशों की अंतिम ओव्हर ऑल पोजिशन में भारत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि उज्बेकिस्तान दूसरे, रूस तीसरे, चीन चौथे, कजाकिस्तान पांचवें, बेलारूस छठे, आर्मेनिया सातवें, और सूडान आठवें स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने पहली बार प्रतियोगिता में भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: