उप राष्ट्रपति नायडू का आह्वान : अपने पुस्तैनी गाँव को गोद लें सभी डॉक्टर

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गांवों में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में सुधार लाने में मदद करने की सलाह 
प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को सशक्‍त बनाने पर दिया बल 
M. Venkaiah Naidu at the 13th Global Healthcare Summit 2019, organised by the American Association of Physicians of Indian Origin (AAPI)

नई दिल्ली : भारतीय मूल के चिकित्‍सकों के अमरीकी संघ (एएपीआई) और भारतीय मूल के चिकित्‍सकों के वैश्विक संघ (जीएपीआईओ) द्वारा आज हैदराबाद में आयोजित 13वें वैश्विक स्‍वास्‍थ्‍य सेवा शिखर सम्‍मेलन का उद्घाटन करते हुए, श्री नायडू ने चिकित्‍सकों को सलाह दी कि वे अपने गांव के प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों के क्रियाकलाप में रूचि लें और उनमें सुधार लाने में मददगार बनें।

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि अपने देश में ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 86 प्रतिशत लोग लंबी दूरी तय कर ईलाज के लिए जाते हैं। इसलिए प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की ओर अधिक ध्‍यान दें, क्‍योंकि ये केन्‍द्र कम खर्च पर बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सेवा प्रदान करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

असंक्रामक रोगों के बढ़ते मामले पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए, श्री नायडू ने चिकित्‍सकों से कहा कि वे कंपनी सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व (सीएसआर) की तर्ज पर ‘चिकित्‍सा सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व’ की अवधारणा अपनायें। उन्‍होंने कहा कि असंक्रामक रोगों से 2016 में कुल 61.08 प्रतिशत मौतें हुई थी। उन्‍होंने चिकित्‍सकों से कहा कि वे प्रत्‍येक सप्‍ताह स्‍कूलों में जाकर बच्‍चों रहन-सहन से जुड़ी बीमारियों और अस्‍वास्‍थ्‍यकर आहार की आदतों के खतरे से बच्‍चों को अवगत करायें।

असंक्रामक रोगों से निपटने के लिए एक राष्‍ट्रीय आंदोलन का आह्वान करते हुए, उपराष्‍ट्रपति ने भारतीय चिकित्‍सा संघ से मांग की कि वे विशेषकर छात्रों के बीच स्‍वस्‍थ रहन-सहन अपनाने के लिए जागरूकता को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभायें।

इस अवसर पर भारतीय मूल के चिकित्‍सकों के अमरीकी संघ (एएपीआई) के अध्‍यक्ष डॉ. सुरेश रेड्डी, अपोलो अस्‍पताल समूह के अध्‍यक्ष डॉ. प्रताप सी. रेड्डी और अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति उपस्थित थे।

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