महिलाओं को अग्रणी भूमिका के लिए शिक्षित व आत्मनिर्भर बनना जरूरी : जज सीमा सिंघल

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पुलिस शहीद फाउंडेशन ने किया महिला पुलिस सम्मान दिवस का आयोजन

नई दिल्ली। महिलाएं आज देश और समाज के विकास में अग्रणी भूमिका निभाए, इसके लिए महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनना होगा। उक्त विचार लेबर कोर्ट की जज एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीमा सिंघल ने व्यक्त किया। जज सीमा सिंघल, पुलिस शहीद फाउंडेशन, हरियाणा द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी।

पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम को पुलिस शहीद फाउंडेशन ने महिला पुलिस सम्मान दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ो महिला पुलिस कर्मचारियों एवं शहर की गणमान्य महिलाओं को संबोधित करते हुए जज सीमा सिंघल ने कहा आज के परिवेश में महिलाओं की समाज ओर परिवार के प्रति जिम्मेदारियां बढ़ गईं है, आज महिलाएँ ना केवल घर परिवार को बखूबी संभाल रही है, बल्कि सरकारी नोकरियों में उच्च पदों के साथ साथ आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भी पुरुषों के साथ कदम मिला कर चल रही है।

उन्होंने बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ पर कहा कि हम बेटियों को शुरू से ही अच्छी शिक्षा और रहन सहन दें। उन्होंने कहा कि बेटी बचेंगी तो समाज और देश बचेगा। बेटी के बिना समाज और परिवार की कल्पना भी नही हो सकती।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर हरियाणा की जॉइंट लेबर कमिश्नर डॉ अनुराधा लाम्बा ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर है, आज से करीब सौ वर्ष पूर्व महिलाओ की दशा बेहद नाजुक थी लेकिन रूस और यूरोप के अधिकांश भागो में महिलाओं ने अपने अधिकारों के प्रति जोरदार प्रदर्शन किया और विश्व स्तर पर अपने अधिकारों को पाया था, तभी से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाया जाता रहा है।

डॉ लाम्बा ने कहा कि आज महिलाएं गृहस्थी के साथ साथ ना केवल देश की रक्षा में बल्कि आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में बड़े उधोग लगा कर हजारो लोगो को राजगार भी दे रही है।

विशेष आमंत्रित अतिथि के तौर पर गुरुग्राम पुलिस की सहायक पुलिस आयुक्त पंखुड़ी ने भी महिलाओ पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने महिला थानों के साथ दुर्गा वाहिनी व अन्य सुरक्षा के इंतजाम किए हुए है।

कार्यक्रम में उपस्थित आर्टेमिस हस्पताल की एच आर हेड फ्लाइट लेफ्टिनेंट सरस मलिक ने कहा कि महिलाएं किसी भी प्रकार का अत्यचार ना सहे। उन्होंने कहा कि महिलाएं घरेलू हिंसा को बिल्कुल भी बर्दाश्त ना करे।अपने अधिकारों के प्रति सजग रहे।

कार्यक्रम को आर्टेमिस हस्पताल की डॉ अंजली कौल ने भी संबिधित किया। पुलिस शहीद फाउंडेशन ने इस कार्यक्रम को महिला पुलिस सम्मान दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम के दौरान बेहतर और सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिस की कर्मचारियों जिनमे इंस्पेक्टर गरिमा,सब इंस्पेक्टर मंजू शाह, सब इंस्पेक्टर सुनीता, सब इंस्पेक्टर मीना, सब इंस्पेक्टर सुशील,सब इंस्पेक्टर सुमन,ए एस आई सुनीता, ए एस आई राजबाला, प्रधान सिपाही सनी, प्रधान सिपाही विजेता, के साथ साथ समाज के विभन्न छेत्रो में उलेखनीय कार्य करने वाली महिलाओ को जिनमे डॉ सीमा गुप्ता,रोमी सहगल, पूनम भटनागर एडवोकेट, रश्मि भूषण अधिवक्ता, रेनु सिंह, सविता उपाधयाय, सीमा शर्मा को सम्मानित किया गया। इसके साथ साथ महिलाओ के लिए एक मेगा मेडिकल कैम्प भी पुलिस लगाया गया। जिसमें लगभग 120 महिलाओ ने लाभ उठाया। मेडिकल कैम्प को सफल बनाने में आर्टेमिस हस्पताल के जीएम मार्किटिंग फरीद खान उनकी टीम मोहिनी व समशेर खान ने महत्वपूरण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में मंच संचालन करते हुए पुलिस शहीद फाउंडेशन के अध्यक्ष आर एल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि फाउंडेशन पुलिस वेलफेयर को समर्पित संस्था है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस को महिला पुलिस सम्मान दिवस के रूप में मनाया गया है। इस अवसर पर कार्यक्रम में फाउंडेशन के उपाध्यक्ष मोहमद हारून, महासचिव दीपक मैनी, सचिव अमन गुप्ता, कोषाध्यक्ष राकेश बत्रा, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता हरकेश शर्मा, मोहिंदर के के गांधी,अरोड़ा, गुंजन मेहता, अजय शर्मा, बनवारी लाल शर्मा, जे पी सिंह, जे बी शर्मा, पुलिस लाइन ऑफिसर सब इंस्पेक्टर कवर सिंह, आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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