क्या दिग्विजय सिंह नक्सलियों को मदद दे रहे थे ?

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नई दिल्ली। वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी के मसले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच घमासान तेज हो गया है। भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तारियों के दौरान रेड में मिली एक चिट्ठी को लेकर बीजेपी ने एक बार फिर से कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने कहा कि आखिर कांग्रेस नक्सलियों के साथ क्यों है। कांग्रेस ने हमेशा से राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है।

कांग्रेस ने भी बीजेपी पर पलटवार किया है। साथ ही इस चिट्ठी के अदालत पहुंचने से पहले बीजेपी के हाथ लगने को बेहद गंभीर मामला बताया है। बीजेपी के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर ऐसा है, तो मुझे सरकार गिरफ्तार करे। पहले देशद्रोही और अब नक्सली…इसलिए यहीं से मुझे गिरफ्तार करिए।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस चिट्ठी का हवाला देते हुए कहा कि दो कॉमरेडों के बीच एक चिट्ठी का आदान प्रदान हुआ था, जिसमें एक फोन नंबर लिखा हुआ है। यह फोन नंबर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का है। इसमें साफ तौर पर कहा गया कि आंदोलन के लिए किसी भी फंड या पैसे की जरूरत हो, तो उनसे संपर्क कर लीजिएगा। राहुल गांधी और कांग्रेस इस बात का जवाब दें कि आखिर दिग्विजय सिंह नक्सलियों के माउथपीस क्यों बने हैं।

पात्रा ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह ने ऐसा पहली बार नहीं किया है, बल्कि वो कई बार पहले भी ऐसा व्यवहार कर चुके हैं। चाहे वो जाकिर नाईक को गले लगाने का मामला हो या उसको शांतिदूत बताने की बात हो या फिर बाटला एनकाउंटर में आतंकियों के साथ देने की बात हो। दिग्विजय सिंह हमेशा नक्सलवाद का साथ देते रहे हैं।

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