सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों को जस्टिस रूपांवल कमेटी की सिफारिश लागू करने के निर्देश

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छात्रों के आत्मदाह का मामला 

 
चण्डीगढ़, 29 अगस्त :  हरियाणा सरकार ने छात्रों के आत्मदाह के विषय पर राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों और निजी विश्वविद्यालयों को जस्टिस रूपांवल कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस सम्बंध में हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक ने राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को एक पत्र भी लिखा है। 
पत्र के अनुसार कमेटी की सिफारिशों के तहत विश्वविद्यालय को एक ऐसा तंत्र तैयार करना चाहिए, जहां पर विद्यार्थी अपनी अपील कर सकते हों। परामर्श केन्द्रों पर पेशेवर और प्रशिक्षित काउंसलर होने चाहिए, जो छात्रों, अनुसंधानकर्ताओं और फैकेलिटी के साथ-साथ नान-टीचिंग स्टाफ को सेवाएं मुहैया करवा सके। निगरानी समितियां भी गठित होनी चाहिए, जिसकी अध्यक्षता सुपरवाईजरी द्वारा की जानी चाहिए, जो छात्रों द्वारा अध्ययन पाठयक्रमों से सम्बंधित मामलों में दिशानिर्देश देगा। 
पत्र के अनुसार यूजीसी के अनुसार निर्धारित किये गए नियमों के तहत एंटी डिस्क्रीमीनेशन अधिकारी की अध्यक्षता में एक समान अवसर सेल भी होना चाहिए। यूजीसी द्वारा निर्धारित ओम्बडर्समैन की अध्यक्षता में एक शिकायत निवारण समिति भी होनी चाहिए जो प्रभावी रूप से कार्य करे। बेहतर अभ्यास के लिए स्ट्रोंग इंडक्शन कार्यक्रम होना चाहिए। बाहर के छात्रों के लिए स्थानीय मार्ग दर्शन प्रणाली भी स्थापित होनी चाहिए। 
पत्र के अनुसार शिकायतों पर चर्चा होनी चाहिए और एक सप्ताह के आधार पर इसका निपटरा होना चाहिए तथा कुलपति को माह आधार पर बैठक लेनी चाहिए। शैक्षणिक तौर पर कमजोर छात्रों के लिए अध्ययन होना चाहिए। विश्वविद्यालयों के डीन विभाग की समस्याएं नजदीकी से निगरानी रखेंगे और किसी भी गंभीर समस्या की जानकारी तुरंत कुलपति को देंगे। विश्वविद्यालय बौद्धिक और सहयोग के रूप में उपयुक्त स्वयंसेवी छात्रों का चयन करेगा। छात्रावासों में प्रभावी प्रशासन और निगरानी होनी चाहिए ताकि उन छात्रावासों में केवल वही छात्र रहें जिन्हें छात्रावास में रहने की अनुमति दी गई है।

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