भिवानी से संबंध रखने वाले प्रेम चंद गुप्ता 30 साल तक रहे संसद सदस्य : अशोक बुवानीवाला

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-डा. मनमोहन सिंह की सरकार में केंद्र में मंत्री भी रहे प्रेम चंद गुप्ता
-देश की लोकसभा, राज्यसभा में भिवानी का रहा है मजबूत प्रतिनिधित्व

भिवानी। देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा, राज्यसभा में भिवानी का मजबूत प्रतिनिधित्व और भागीदारी रही है। भिवानी से संबंध रखने वाले प्रेम चंद गुप्ता का संसद में सबसे लंबा 30 साल का कार्यकाल रहा है। प्रेम चंद गुप्ता हाल ही में राज्यसभा से रिटायर हुए हैं।

भिवानी से संबंध रखने वाले प्रेम चंद गुप्ता 30 साल तक रहे संसद सदस्य : अशोक बुवानीवाला 2अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने लाला लखी राम, बनारसी दास गुप्ता और प्रेम चंद गुप्ता को जिले का गौरव बताया है। उन्होंने कहा कि भिवानी में जन्में प्रेम चंद गुप्ता बिहार से राज्यसभा सांसद रहे। 30 साल तक का बतौर सांसद उनका लंबा कार्यकाल रहा है। वे केंद्र में कॉरपोरेट अफेयर मंत्री भी रहे हैं। भिवानी के साथ-साथ उन्होंने देश के वैश्य समाज का भी नाम रोशन किया है। राज्यसभा सांसद के पद से रिटायर होने पर उन्होंने राजनीति में हुए बदलाव पर भी खुलकर अपनी बात रखी। संसद में उन्होंने कहा कि पहले की राजनीति और अब की राजनीति बहुत बदल चुकी है। 30 साल के सफर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे। पुरानी राज्यसभा में जब बैठते थे तो एक अलग ही माहौल होता था। सेंट्रल हॉल में बैठते थे और कोई पक्ष-विपक्ष के बीच भेदभाव नहीं होता था। अब जो बदलाव आया है, उसे देखकर तकलीफ होती है। सेंट्रल हॉल में बैठने पर अपनापन महसूस होता था। सुख-दुख की बातें सांझा होती थी। एक-दूसरे की मदद की बातें होती थी। आज वह सब नहीं रहा।

प्रेम चंद गुप्ता ने कहा कि यहां भी वेटिंग रूम, लाउंज में उन्होंने महसूस किया कि एक में एक गु्रप तो दूसरे में दूसरा गु्रप बैठता है। पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह का भी पे्रम चंद गुप्ता ने जिक्र करते हुए कहा कि वे पांच साल तक डा. सिंह के साथ केंद्र में मंत्री रहे। डा. मनमोहन सिह अर्थशास्त्री और भविष्य की सोचने वाले थे। अनेक संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने काम किया। उन्होंने कहा कि संसद में जो अनुभव मिला, वह अभूतपूर्व है। दुनिया के 100 से अधिक देशों में जा चुके प्रेम चंद गुप्ता को अपने देश की माटी विदेश से खींच लायी।

प्रेम चंद गुप्ता ने राज्यसभा में विदाई पर अपने जीवन के संस्मरण सांझा करते हुए बताया कि उन्होंने कभी राजनीति में आने की नहीं सोची थी। वे विदेश में रहते थे। बिजनेस चला रहे थे। बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने ही प्रेरित किया कि अब देश के लिए भी सेवा करो। अपना योगदान दो। वर्ष 1996 में वे विदेश से वापस भारत और और इस नई दुनिया में आने का अवसर मिला। प्रेम चंद गुप्ता ने कहा कि दोनों ही दुनिया अलग थीं। फिर भी जितना हो सका, उतने भलाई के काम करने का प्रयास किया।

 

प्रेम चंद गुप्ता के अलावा भिवानी से संबंध रखने वाले चौधरी बंसीलाल, लाला लख्खी राम, बनारसी दास गुप्ता, जनरल वीके सिंह, सुरेंद्र सिंह, किरण चौधरी, श्रुति चौधरी, धर्मबीर सिंह, एनडी गुप्ता ने लोकसभा व राज्यसभा में पहुंचकर जिले का नाम रोशन किया है।

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