प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा का मनोहर लाल सरकार पर हमला

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चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार के उस फैसले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है, जिसमें सरकार ने शराब फैक्ट्रियों को तुंरत शराब बनाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे में डूबी प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार को कोरोना जैसी भयावह महामारी से निपटने और प्रदेश की जनता को आ रही समस्याओं से ज्यादा शराब बिक्री की चिंता सताई हुई है। 

कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार की नाकामियों की वजह से प्रदेश में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क और पीपीई किट की कमी आ रही है और उनके जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण टेस्टिंग बहुत ही धीमी गति से हो रही है। इस वक्त प्रदेश में राशन और खाने की बहुत ही कमी है। प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग भूखे पेट सोने को मजबूर हैं। इसके अलावा यह सरकार फसल खरीद के भी सही इंतजाम नहीं कर पाई है, अभी तक बीते माह बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की गिरदावरी भी यह सरकार नहीं करवा पाई है। कर्मियों को अभी तक वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। उद्योगों और उनके मजदूरों को कोई राहत नहीं दी जा रही है। 

कुमारी सैलजा ने कहा कि इन सबके बावजूद प्रदेश सरकार को जनता की कोई चिंता नहीं है। सरकार को चाहिए था कि वह कोरोना महामारी से लड़ने और जनता को आ रही परेशानियों को हल करने की दिशा में कोई बड़े कदम उठाती। परंतु उसका ध्यान तो सिर्फ इस ओर है कि प्रदेश में शराब की बिक्री जल्द से जल्द शुरू की जाए।  

कुमारी सैलजा ने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच ऐसी क्या आवश्यकता हो गई है कि लोगों को मूलभूत चीजें मुहैया कराने से ज्यादा सरकार को शराब बिक्री की चिंता सताई हुई है। क्या सरकार के लोगों का शराब बिक्री से कोई निजी हित है, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि महामारी के ऐसे नाजुक दौर में यदि प्रदेश में शराब की बिक्री होगी तो प्रदेश की कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और पारिवारिक सौहार्द बिगड़ने की पूरी आशंका बनी रहेगी। 

कुमारी सैलजा ने कहा कि बीते बुधवार को ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में उन्होंने और विपक्षी नेताओं ने शराब बिक्री को लेकर अपना विरोध जताया था।

कुमारी सैलजा ने कहा कि पहले ही यह सरकार शराब को बढ़ावा देने के लिए होम डिलीवरी जैसे जनविरोधी फैसले कर चुकी है। अब इस फैसले से साफ हो गया है कि यह सरकार शराब को बढ़ावा देने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह वही लोग हैं जो चुनाव से पूर्व शराबबंदी की बात करते थे, इन लोगों का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है।

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