
भाजपा से जहाँ एक बार फिर से केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर पूरे दम-खम से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए हैं. तो वहीँ केन्द्रीय राज्य मंत्री के जात भाई और राजनीति में धुर विरोधी रहे महेन्द्र प्रताप के मझले पुत्र विजय प्रताप ने भी पूरे लोकसभा क्षेत्र में अपने होडिंग लगा कर अपनी मंशा जाहिर कर दी है. विजय प्रताप के पास राजनीति की एक बड़ी विरासत तो है ही साथ में ही नेता पुत्र में सबसे अधिक लोकप्रिय भी हैं. बिना चुनाव लड़े ही उनका रुतबा किसी एम पी, एम एल ऐ से कम नहीं है. गुर्जर समाज में उनकी अच्छी पकड़ है. समाज का कोई भी व्यक्ति आज भी उनके दरबार से खाली हाथ नहीं लौटता। वर्षों से सत्ता में रहने का लाभ भी उन्हें मिलता है जिसकी वजह से वो लोगों के काम विपक्ष में भी कराने में कामयाब रहते हैं. यही कारण है की आज भी सत्ता पक्ष की अपेक्षा उनके दरबार में अधिक लोग दिखाई देते हैं. भाजपा और कांग्रेस में एक मूल अन्तर भी यही है.
उनकी नीचे की धरती बेशक ही ऊसर ( ऊबड़खाबड़ , बंजर ) ) हो लेकिन ऊपर की धरती बहुत ही उपजाऊ है कहने का मतलब ये है कि फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में उनके पास राजनीति की कोई खास विरासत तो नहीं है जो कुछ भी है वो अपने दम पर है लेकिन उन्होंने अपने प्रोफेशन के जरिए फरीदाबाद कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपना डंका बजा रखा है जिसकी धमक प्रदेश के नेताओं में तो है ही बल्कि उसकी गूंज कांग्रेस हाई कमान (राहुल गाँधी के दरबार) में भी सुनाई देती है. जिसके चलते उन्होंने न्यायपालिक में अपना अच्छा खासा जज जैसा पद छोड़ कर खादी का कुर्ता धारण कर फरीदाबाद से लोकसभा प्रत्याशी के तौर पर खुल्ल्म-खुल्ला ताल ठोक दी है. फरीदाबाद के आम जनमानस भले ही उन्हें न जानता हो लेकिन फरीदाबाद के खास लोगों में उनकी अच्छी खासी पकड़ है. जो लोग उन्हें नजदीक से जानते हैं उन्हें पूरी उम्मीद है की वो इस बार के माहौल में कांग्रेस का टिकट झटक सकते हैं श्री कौशिक को पूरी उम्मीद है की इस बार कांग्रेस पार्टी फरीदाबाद से किसी ब्राह्मण (गैर गुर्जर) प्रत्याशी को उतारेगी जिसमें वो पूरी तरह से फिट बैठते है . बहुजन समाज से भी मनधीर मान को लगता है कि इस बार बहन जी की हवा चल रही है जिसमें वो दलित और जाट समीकरण बैठने की पुरजोर कोशिश में हैं 

हाल ही में मध्यप्रदेश जीत कर लाइम लाइट में आए कमल नाथ के फरीदाबाद में सबसे खासम खास जेपी नागर की भी सुगबुगाहट सुनाई दे रही है. अभी कुछ और भी राजनीति के खिलाडी है जो ज्योतिषों से अपना हाथ और पत्री दिखा रहे हैं जैसे ही इनके गुरु इन्हें अपने अनुकूल समय बताएँगे । ये पूरे दम-ख़म से मैदान में उतर जाएंगे। 
