400 करोड़ की महत्वाकांक्षी सडक़-पुल परियोजना
कृष्णपाल गुर्जर को यूपी के सीएम अखिलेश का मिला साथ
धर्मेन्द्र यादव
फरीदाबाद। फरीदाबा
द को ग्रेटर नोएडा से सीधे जोडऩे की 400 करोड़ रूपए की महत्वाकांक्षी सडक़-पुल परियोजना को यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का साथ मिलने से केन्द्र व हरियाणा सरकार को इस मार्ग में आ रही बड़ी बाधाओं को पार करने में कामयाबी हासिल हो गई है।
फरीदाबाद के सांसद एवं केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर इस परियोजना के पूरी होने की दिशा में आ रहे अवरोधों को हटाने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ लखनऊ में मीटिंग के लिए विशेष तौर पर पहुंचे थे। यादव ने गुर्जर को निराश नहीं किया और इस परियोजना के तहत यूपी से गुजरने वाले हिस्से की जमीन के अधिग्रहण का खर्च उठाने के लिए अपनी सरकार की सहमति दे दी। अखिलेश ने यूपी सरकार का सहमति पत्र भी मीटिंग में गुर्जर को सौंप दिया।
यूपी के मुख्यमंत्री आवास पर सोमवार सुबह हुई मीटिंग में अखिलेश यादव और कृष्णपाल गुर्जर के अलावा यूपी के लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुधीर गर्ग, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आमोद कुमार, हरियाणा लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ राकेश मिनोचा तथा केन्द्रीय राज्य मंत्री गुर्जर के निजी सचिव किरणपाल खटाना भी मौजूद थे।
गडकरी ने किया था शिलान्यास
गौरतलब है कि केन्द्रीय सडक़ परिवहन तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने 15 अगस्त, 2014 को करीब दो बरस पहले इस परियोजना का मंझावली में शिलान्यास किया था। उस समय सडक़ परिवहन और जहाजरानी मंत्रालय में कृष्णपाल गुर्जर राज्यमंत्री थे। श्री गुर्जर के प्रयासों से ही केन्द्र सरकार ने इंटरस्टेट कैनेक्टिविटी की इस परियोजना को केन्द्रीय सडक़ निधि-सीआरएफ से करवाने को मंजूरी दी थी। परियोजना का शिलान्यास होने के बावजूद धरातल पर इसलिए काम शुरू नहीं हो पा रहा था क्योंकि यूपी ने अपने हिस्से से गुजरने वाले पांच किलोमीटर लम्बे सडक़-पुल निर्माण के लिए होने वाले जमीन अधिग्रहण का खर्च उठाने को सहमति नहीं दी थी। इस सहमति के लिए मुख्यमंत्री मनोहरलाल और केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर प्रयासरत थे। अखिरकार उनके ये प्रयास अब रंग लाए हैं।
क्या होगा फायदा ?
अभी तक पलवल, फरीदाबाद, गुरूग्राम और जयपुर आदि से आने वाले वाहनों को नोएडा जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग के अभाव में दिल्ली से होकर गुजरना पड़ता है। इससे न केवल पैसे और वक्त की बर्बादी ही होती है बल्कि प्रदूषण भी फैलता है। अब फरीदाबाद में वाया जसाना-मंझावली और अट्टा गूजरान के रास्ते को सीधे ग्रेटर नोएडा से ताज एक्सप्रैस-वे से जोडऩे की तैयारी है। इससे पैसे और वक्त की बचत होगी और कम समय में नोएडा पहुंचा जा सकेगा व प्रदूषण भी घटेगा।
यमुदा नदी पर बनेगा पुल :
कुल 24 किलोमीटर की इस परियोजना में 19 किलोमीटर हरियाणा और 5 किलोमीटर यूपी से होकर गुजरते हैं। इस परियोजना के तहत यमुना नदी पर 670 मीटर चारमार्गीय पुल का निर्माण भी किया जाएगा। परियोजना पर खर्च होने वाले करीब 400 करोड़ रूपए की राशि में से सडक़ व पुल निर्माण पर खर्च होने वाला करीब 250 करोड़ रूपया केन्द्र सरकार वहन करेगी जबकि अपने हिस्से में भूमि अधिग्रहण का 150 करोड़ रूपए का खर्च यूपी व हरियाणा सरकार वहन करेंगी। परियोजना के आगामी डेढ़ साल में पूरा होने की उम्मीद है।

