वन राम तुमको जाना पड़ेगा, वन में ही है तेरा डेरा…

Font Size

राम वन गमन की लीला का हुआ मंचन

जुरहरा, जिला डीग रेखचन्द्र भारद्वाज : कस्बे में आयोजित हो रहे 18 दिवसीय रामलीला महोत्सव के दौरान गुरुवार की रात्रि को कस्बे के नए रामलीला मैदान में वन गमन की लीला का मंचन स्थानीय कलाकारों के द्वारा किया गया। लीला के तहत महारानी कैकई द्वारा राजा दशरथ से मांगे गए दो वरदानों में अपने पुत्र भरत के लिए अयोध्या का राजतिलक व भगवान राम के लिए 14 वर्षों का वनवास मांगा गया।

जिसको सुनकर राजा दशरथ दुःखी हुए लेकिन माता कैकई की आज्ञा और पिता के वचनों का पालन करते हुए भगवान राम व माता कौशल्या के पास वन जाने की अनुमति लेने के लिए पहुंचे जिन्हें देखकर माता सीता और लक्ष्मण भगवान राम के साथ वन जाने की जिद करने लगे और वन जाने के लिए तैयार हो गए।

उसके बाद राजा दशरथ ने मंत्री सुमंत को भगवान राम के साथ रथ पर सवार होकर वन जाने की आज्ञा दी। इसके अलावा अन्य कई प्रसंगों का मंचन स्थानीय कलाकारों के द्वारा किया गया। महाराज नेदशरथ का अभिनय बाबूलाल पाठक, कैकई का अभिनय अखिल वशिष्ठ व राजा दशरथ के मंत्री का अभिनय बलराम शर्मा द्वारा निभाया गया।

Table of Contents

You cannot copy content of this page