देश में स्टार्टअप के लिए हरियाणा सबसे पसंदीदा राज्य : राज्यपाल

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  • राज्यपाल ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर गुरूग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में की शिरकत
  • हरियाणा के उद्योग और वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित हुआ कार्यक्रम

  • गुरूग्राम, 16 जनवरी। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर व श्रेष्ठ बनाने का जो संकल्प लिया है। उसमें स्टार्टअप इंडिया जैसी योजना मुख्य आधार है। आज देश में स्टार्टअप के लिए हरियाणा सबसे पसंदीदा राज्य है। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा सरकार की नीतियों का ही प्रभाव है कि आज प्रदेश में आईटी, कृषि, वित्त, हार्डवेयर, ऑटोमोटिव, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में 6 हजार से अधिक स्टार्टअप हुए है। जिनमें 45 प्रतिशत से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स हैं। राज्यपाल मंगलवार को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर हरियाणा के उद्योग और वाणिज्य विभाग द्वारा गुरूग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का यह कार्यक्रम उद्योग विहार के फेज वन स्थित हारट्रोन इनोवेशन एंड स्टार्टअप हब में आयोजित किया गया था।

राज्यपाल ने कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित करने उपरांत अपने संबोधन में कहा कि भारत वैश्विक स्टार्टअप इकोसिस्टम और यूनिकार्न की संख्या के मामले में दुनियाभर में तीसरे स्थान पर है। ऐसे में नवाचार के क्षेत्र में हमारे देश की युवा शक्ति की प्रगति को देखते हुए वह दिन दूर नही जब हमारा भारत वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र का सिरमौर बनेगा, जिसमें हरियाणा राज्य का भी विशेष योगदान रहेगा। राज्यपाल ने अपने संबोधन में हरियाण सरकार द्वारा स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए दी जा रही सेवाओं व सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में सौ प्रतिशत रीइंबर्समेंट, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में सौ प्रतिशत रियायत सहित एमसीडी टैक्स व इलेक्ट्रिसिटी चार्ज में भी आवश्यक छूट दी गयी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा
में स्टार्टअप को एक बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2022 में बनी स्टार्टअप पालिसी से निश्चित रूप से प्रोत्साहन मिलने वाला है। उन्होंने बताया कि पॉलिसी में लीज सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है जिसमें लीज रेंटल का 30 प्रतिशत सब्सिडी (महिलाओं के लिए यह 45 प्रतिशत) रखी गई है। पेटेंट रीइंबर्समेंट में 25 लख रुपए तक 100 प्रतिशत, स्टेट जीएसटी रीइंबर्समेंट में 7 साल के लिए 50 प्रतिशत, एक्सीलेटर प्रोग्राम में भागीदारी के लिए ढाई लाख राष्ट्रीय स्तर पर व पांच लाख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सीड फण्ड के तहत प्रत्येक स्टार्टअप पर 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए 50 लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में 7 विश्वविद्यालयों को इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए 30-30 लाख रुपये की राशि भी दी गयी है।


राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, निवेशकों और स्टार्टअप इकोसिस्टम में विभिन्न हितधारकों के लिए एक पसंदीदा राज्य के रूप में उभरा है, और चौदह से अधिक स्टार्टअप यूनिकॉर्न को बढ़ावा देकर देश में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, हरियाणा में डीपीआईआई टी द्वारा मान्यता प्राप्त छः हजार से अधिक स्टार्टअप प्रमुख क्षेत्रों में उत्साहपूर्वक काम कर रहे हैं। राज्यपाल ने प्रदेश की युवाशक्ति से आह्वान किया कि वे अपने स्टार्टअप में शिक्षा, स्वास्थ्य व एग्रीकल्चर को प्राथमिकता दें ताकि प्रदेश की ग्रामीण आबादी को भी इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि हमें स्टार्टअप की संख्या बढ़ाने में यह अवश्य ध्यान रखना होगा कि वह बहुसंख्यक लोगों के लिए उपयोगी हो। राज्यपाल ने इस दौरान आयोजन स्थल पर नए स्टार्टअप्स पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्टअप करने वाले एंटरप्रेन्योर को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया।


इस अवसर पर उद्योग तथा वाणिज्य विभाग के सचिव एवं महानिदेशक सी.जी. रजनी कंथन, हारट्रॉन के प्रबंध निदेशक जे. गणेशन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी नितिन बंसल, हारट्रॉन गुरुग्राम के सहायक महाप्रबंधक व प्रभारी इनोवेशन एवं स्टार्टअप नवीन चौधरी, नैस्कॉम से सुधांशु मित्तल व सिडबी से जीएम अर्जित दत्त सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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