कोई भी पुत्र, पिता, परिवार, प्रतिज्ञा और परम्परा, राष्ट्र से ऊपर नहीं : गजेंद्र चौहान

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-आदर्श महिला महाविद्यालय और जर्नलिस्ट क्लब भिवानी के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी का आयोजन 

– संगोष्ठी का विषय था पत्रकारिता पर बाज़ारवाद का बढ़ता प्रभाव

-पत्रकारिता के भविष्य को मिलेगा प्रोद्योगिकी द्वारा आकार : आर के अनायत

भिवानी। कोई भी पुत्र, कोई भी पिता, कोई भी परिवार कोई भी प्रतिज्ञा कोई भी परम्परा राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती। यह विचार पंडित लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफोर्मिंग एंड विजुअल आर्टस के कुलपति गजेंद्र चौहान ने आदर्श महिला महाविद्यालय और जर्नलिस्ट क्लब भिवानी के संयुक्त तत्वावधान में पत्रकारिता पर बाज़ारवाद का बढ़ता प्रभाव पर आयोजित  संगोष्ठी में साझा किये। इस अवसर पर हिसार के वरिष्ठ पत्रकार संपादक देवेंद्र उप्पल को 37 वर्षों से अधिक समय तक पत्रकारिता में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए क्लब द्वारा स्थापित 6वां देवव्रत वशिष्ठ मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया।

इस अवसर पर कुलपति गजेन्द्र चौहान ने आगे कहा कि पत्रकार लगातार बदलते मीडिया परिदृश्य में प्रासंगिक बने रहने के लिए बदलाव के लिए तैयार रहें . उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के इस युग में मीडिया संगठनों को अपने दर्शकों को नवीन और आकर्षक सामग्री प्रदान करने के लिए नई तकनीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाना चाहिए। कुलपति गजेंद्र चौहान ने अपने भाषण के दौरान, प्रतिष्ठित टेलीविजन श्रृंखला, महाभारत में काम करने के अपने समय की कुछ पुरानी यादों को भी उपस्थितजनों के साथ साझां किया।

कोई भी पुत्र, पिता, परिवार, प्रतिज्ञा और परम्परा, राष्ट्र से ऊपर नहीं : गजेंद्र चौहान 2मुख्य अतिथि दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल के कुलपति प्रो. आर.के. अनायथ ने पत्रकारिता में ए.आई की भूमिका पर चर्चा की व सटीकता और विविध दृष्टिकोणों पर जोर दिया। उन्होंने यह समझने के महत्व पर भी जोर दिया कि मीडिया की खपत निर्णय लेने को कैसे प्रभावित करती है। उन्होंने आर्टीफिशिल इंटेलिजेंस , मॉडर्न जर्नलिस्ट, मानव मूल्य व अन्य तकनीकी क्रांति को छात्राओं के साथ साझा किया। साथ ही यह भी बताया कि ए.आई बड़ी मात्रा में डेटा को संशोधित कर सकता है, पैटर्न और प्रवृत्तियों की पहचान कर सकता है और व्यापक कवरेज प्रदान कर सकता है। पत्रकारिता के भविष्य को प्रौद्योगिकी द्वारा आकार दिया जाएगा।कोई भी पुत्र, पिता, परिवार, प्रतिज्ञा और परम्परा, राष्ट्र से ऊपर नहीं : गजेंद्र चौहान 3

संगोष्ठी के विषय वक्ता वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन ने मीडिया उद्योग पर उपभोक्तावाद के प्रभाव पर जोर दिया। उन्होंने एक आदर्श पत्रकार के उदाहरण के रूप में महाभारत से संजय के चरित्र का हवाला देते हुए पत्रकारिता में मूल्यों और नैतिकता की प्रासंगिकता के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि बाजार संचालित पत्रकारिता कोई नई अवधारणा नहीं है। इतिहास में इसके उदाहरण हैं जब डाक्टर बी.आर. अंबेडकर और आचार्य नरेंद्र देव ने मीडिया उद्योग की बिगड़ती स्थितियों के बारे में आगाह किया था। ये चेतावनियां आज भी प्रासंगिक हैं।

कोई भी पुत्र, पिता, परिवार, प्रतिज्ञा और परम्परा, राष्ट्र से ऊपर नहीं : गजेंद्र चौहान 4जर्नलिस्ट क्लब भिवानी के अध्यक्ष ईश्वर धामु ने क्लब द्वारा संचलित समाजिक उत्थान की विभिन्न गतिविधियों को विचार गोष्ठी में साझा किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता पर बाजारवाद हमेशा ही हावी रहा है। केवल समय अनुसार पक्ष बदलते रहे हैं।

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कालेज प्रबंध समिति के महासचिव अशोक बुवानीवाला ने सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने पत्रकारिता को रेखांकित करने वाले नैतिक और पेशेवर मूल्यों के बारे में छात्राओं को शिक्षित और संवेदनशील बनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। समारोह में कालेज की प्राचार्य रचना अरोड़ा, वरिष्ठ पत्रकार श्रीभगवान वशिष्ठ ने भी अपने विचार रखे।

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