गुरुग्राम के उद्यान कार्यालय में इजराइल तकनीक से तैयार की जा रही सब्जियों की पौध : डीसी गुरुग्राम

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-नर्सरी में तैयार पौध पर किसानों को दिया जा रहा अनुदान योजना का लाभ


गुरुग्राम, 01 फरवरी। गुरुग्राम के डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि उद्यान विभाग हरियाणा की तरफ से जिला गुरुग्राम में किसानों को अच्छी गुणवत्ता की पौध देने के उद्देश्य से इजराइल तकनीक के आधार पर एक हाईटेक पोली ग्रीनहाउस के माध्यम से कम लागत व अनुदान राशी देकर किसानों को उच्च गुणवत्ता की मिट्टी रहित पौध तैयार करके दी जा रही है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान जिला उद्यान अधिकारी गुरुग्राम के कार्यालय में
अपनी पसंद से संबंधित फसल का बीज देकर उसकी पौध तैयार करवा सकते हैं।


डीसी श्री यादव ने बताया कि पांच लाख पौधों के तैयार करने की क्षमता रखने वाली इस हाईटेक नर्सरी में किसानों से बेल वाली सब्जियों के पौध उत्पादन हेतु उस पर लगने वाली लागत एक रुपये बीस पैसा प्रति पौधा व अन्य सब्जियों के लिए एक रुपया चालीस पैसा उत्पादन खर्च लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पौध तैयार होने के उपरांत खुले खेत में फसल तैयार करने वाले किसानों को प्रति पौधा एक रुपया व संरक्षित संरचना में खेती करने वाले किसान को चार रुपये पच्चीस पैसा प्रति पौध की दर से अनुदान दिया जाएगा। अनुदान योजना का लाभ केवल हरियाणा के किसानों को ही दिया जाएगा।


योजना से जुड़ी जानकारी देते हुए जिला बागवानी अधिकारी डॉ नेहा यादव ने बताया कि इस योजना के माध्यम से किसान इस पौधे को खेत में रोपित कर अगेती व पछेती फसल का लाभ उठा सकते हैं। नर्सरी में तैयार पौधे में खासियत यह है कि इसमें रोग लगने की संभावना कम रहती है और पौधा समय से अच्छी फसल देने लगता है। डॉ नेहा ने कहा कि सब्जी व फल की खेती में बाजार भाव ही किसानों की आय का निर्धारण करता है। अच्छा भाव मिल जाने पर किसान की आय में निश्चित रूप से वृद्धि होती है।यह तभी संभव है कि जब फसल पहले व बाद में मिले। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम सहित साथ लगते अन्य जिलों के किसान भी इस हाईटेक नर्सरी में तैयार पौध का लाभ उठाकर संरक्षित संरचना के माध्यम से मनचाहे समय पर फसल हासिल कर सकते हैं।


डॉ नेहा ने नर्सरी के माध्यम से तैयार की जाने वाली पौध का लाभ बताते हुए कहा कि हाईटेक नर्सरी में बिना मिट्टी के पौध तैयार की जाती है जिससे मिट्टी से आने वाली बीमारियों का खतरा नहीं रहता। वहीँ कम समय में पौध तैयार होने के चलते किसानों का समय भी बचता है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त नर्सरी के माध्यम से किसान अपनी फसल की पौध का सर्दी, गर्मी व वर्षा से बचाव करते हुए ऑफ सीजन की पौध भी तैयार करवा सकते हैं। किसान के खेत में अगर फसल खड़ी है तो किसान यहाँ से पौध तैयार करवाकर अपना समय भी बचा सकते हैं।


डॉ नेहा ने बताया कि नर्सरी में पौध तैयार करवाने के इच्छुक किसान पैन कार्ड, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र व बीज खरीद का ओरिजिनल बिल सहित जिला बागवानी अधिकारी गुरुग्राम के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है।

ऐसे तैयार की जाती है पौध
पौध तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए नर्सरी एक्सपर्ट डॉ नीरू ने बताया कि किसानों से प्राप्त बीजों को
कोकोपिट, पर्लाइट और वर्मीकुलाइट के निर्धारित अनुपात मिश्रण में एक पॉट ट्रे में रोपित किया जाता है। इसके उपरांत संबंधित बीज की पौध तैयार होने की एक निश्चित अवधि तक हाईटेक नर्सरी में निर्धारित तापमान पर उसकी देखरेख की जाती है। उन्होंने बताया कि नर्सरी में तैयार इन उच्च गुणवत्ता वाली पौध कारण किसानों का दवाई व स्प्रे का पैसा भी बचता है और फसल भी अच्छी होती है। वहीं नर्सरी में तैयार करवाने से किसान का बीज भी कम लगता है। डॉ नीरू ने बताया कि यदि कोई किसान पौध तैयार होने के उपरांत फसल उत्पादन से जुड़ी अन्य कोई जानकारी चाहता है तो बागवानी विभाग द्वारा उसे उचित मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।

Suvash Chandra Choudhary

Editor-in-Chief

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